नई दिल्ली। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के शुरू होने से राजधानी दिल्ली के सबसे व्यस्त ट्रैफिक जंक्शन सराय काले खां पर वाहनों का दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि पहले से ही भारी ट्रैफिक झेल रहे इस इलाके में एक्सप्रेसवे का अतिरिक्त यातायात जुड़ने से जाम की समस्या और गंभीर हो सकती है। इसे देखते हुए दिल्ली पुलिस और संबंधित विभागों ने ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई सुझाव दिए हैं।
सराय काले खां क्षेत्र पहले से ही दिल्ली के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल है। यहां रिंग रोड, डीएनडी फ्लाईवे और बारापुला एलिवेटेड रोड से आने वाला ट्रैफिक एक साथ मिलता है। शाम के समय इस इलाके में वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है।
अधिकारियों के अनुसार, शाम करीब 6 बजे तक रिंग रोड पर लगभग 2 किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग जाती है। वहीं बारापुला मार्ग पर भी वाहन कई बार धीमी गति से चलते दिखाई देते हैं। ऐसे में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद करीब पांच लेन का अतिरिक्त ट्रैफिक सराय काले खां क्षेत्र से होकर गुजरेगा। इसके बाद यह ट्रैफिक आश्रम फ्लाईओवर और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी की ओर विभाजित होगा। लेकिन समस्या यह है कि जिस हिस्से में यह ट्रैफिक पहुंचेगा, वहां सड़क की क्षमता सीमित है। फिलहाल रिंग रोड का यह हिस्सा केवल तीन लेन का है।
अधिकारियों का कहना है कि पांच लेन के ट्रैफिक को तीन लेन की सड़क पर संभालना बड़ी चुनौती होगी। इससे न केवल जाम बढ़ सकता है बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ने की संभावना है।
ट्रैफिक पुलिस ने सराय काले खां क्षेत्र में जाम के कई प्रमुख कारणों की पहचान की है। इनमें रिंग रोड, डीएनडी और बारापुला का एक ही स्थान पर मिलना प्रमुख है। इसके अलावा अंतरराज्यीय बसों का मुख्य सड़क पर रुककर यात्रियों को उतारना और चढ़ाना भी ट्रैफिक बाधित करता है।
क्षेत्र में स्थित सीएनजी स्टेशन पर लगने वाली लंबी कतारें भी सड़क तक फैल जाती हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन और पिंक लाइन मेट्रो स्टेशन से आने वाले यात्रियों का दबाव भी इस इलाके में ट्रैफिक बढ़ाने का कारण बनता है।
इसके अलावा ई-रिक्शा, ऑटो और टैक्सियों की अव्यवस्थित पार्किंग और यात्रियों को लेने-छोड़ने की व्यवस्था भी जाम की समस्या को बढ़ाती है। सड़क किनारे अतिक्रमण और दुकानों के कारण सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है। पैदल यात्रियों द्वारा सड़क पार करने से भी वाहनों की गति प्रभावित होती है।
ट्रैफिक पुलिस ने इस समस्या से निपटने के लिए कई उपाय सुझाए हैं। इनमें रिंग रोड को तीन लेन से बढ़ाकर चार लेन करने की संभावना तलाशना, सड़क किनारे अतिक्रमण हटाना और एक्सप्रेसवे जंक्शन का रोड सेफ्टी ऑडिट कराना शामिल है।
पुलिस ने सुझाव दिया है कि अंतरराज्यीय बसों को मुख्य सड़क पर रुकने से रोका जाए और उन्हें सराय काले खां आईएसबीटी का उपयोग करने के निर्देश दिए जाएं। इसके अलावा पीक ऑवर के दौरान सीएनजी स्टेशन की गतिविधियों को नियंत्रित करने और पैदल यात्रियों के लिए नया फुटओवर ब्रिज बनाने की जरूरत भी बताई गई है।
ट्रैफिक विशेषज्ञों का कहना है कि केवल सड़क चौड़ी करने या नए फ्लाईओवर बनाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलेगा। इसके लिए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना, बस संचालन को व्यवस्थित करना, पैदल यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और ट्रैफिक प्रबंधन को आधुनिक बनाना जरूरी होगा।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देश के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल है, लेकिन इसके शुरू होने के साथ राजधानी के प्रमुख जंक्शनों पर ट्रैफिक दबाव बढ़ने की चुनौती भी सामने आएगी। अब दिल्ली पुलिस और प्रशासन के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी कि एक्सप्रेसवे से आने वाले अतिरिक्त वाहनों को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जाए, ताकि सराय काले खां जैसे महत्वपूर्ण इलाके में जाम की स्थिति गंभीर न हो।