CJP प्रदर्शन में हिंसा पर दिल्ली पुलिस सख्त

Update: 2026-07-22 15:27 GMT

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में कथित तौर पर अराजक तत्वों के घुसने और उपद्रव करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों, मीडिया कर्मियों और सरकारी संपत्तियों को निशाना बनाए जाने के आरोपों के बाद पुलिस ने अब तक कुल 10 एफआईआर दर्ज की हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी मुकदमों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपने का फैसला लिया गया है।

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की। सोमवार को जंतर-मंतर, संसद मार्ग, टॉलस्टॉय मार्ग, रायसीना रोड, जनपथ, अशोक रोड और कर्तव्य पथ समेत कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तनाव की स्थिति बनी थी। इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने की कोशिश की।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि चार नई एफआईआर दर्ज होने के बाद मुकदमों की संख्या 10 तक पहुंच गई है। इनमें चार एफआईआर संसद मार्ग थाने में, तीन कनॉट प्लेस थाने में, एक बाराखंभा रोड, एक कर्तव्य पथ और एक मंदिर मार्ग थाने में दर्ज की गई है। पुलिस ने कई मामलों में दंगा, पुलिसकर्मियों से मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा डालने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी धाराएं लगाई हैं।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, संसद मार्ग थाने में दर्ज एक एफआईआर बिना अनुमति के संवेदनशील इलाके में ड्रोन उड़ाने को लेकर भी की गई है। वहीं, एक अन्य मामले में पुलिस ने सुनियोजित आपराधिक साजिश के तहत उपद्रव करने की आशंका जताई है। जांच एजेंसियों को शक है कि प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाएं अचानक नहीं बल्कि एक योजना के तहत की गईं।

इस मामले में सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके समेत पांच लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले सबूतों के आधार पर मुकदमों में और धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और चेहरा पहचान तकनीक की मदद से उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी है।

प्रदर्शन के दौरान निहंगों की मौजूदगी भी चर्चा में रही। पुलिस के अनुसार, मंगलवार को जंतर-मंतर पर कुछ निहंग तलवारें लहराते हुए नजर आए थे। वहीं, सोमवार को हुए घटनाक्रम में कई महिला पुलिस अधिकारी भी घायल हुई थीं। इनमें संयुक्त पुलिस आयुक्त नुपूर प्रसाद, एडिशनल पुलिस कमिश्नर मोनिका भारद्वाज समेत कई अधिकारी शामिल थीं।

उधर, प्रदर्शन स्थल पर पुलिसकर्मियों की तैनाती को लेकर भी नए निर्देश जारी किए गए हैं। दिल्ली पुलिस मुख्यालय ने आदेश दिया है कि जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में ड्यूटी करने वाले सभी पुलिसकर्मी केवल वर्दी में ही तैनात रहेंगे। सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती पर रोक लगा दी गई है।

यह फैसला उन वीडियो के सामने आने के बाद लिया गया, जिनमें कथित तौर पर सादे कपड़ों में कुछ लोग प्रदर्शनकारियों पर लाठी चलाते नजर आ रहे थे। सीजेपी ने भी सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि सादे कपड़ों में मौजूद लोग कौन थे और उन्हें प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के लिए किसने भेजा।

दिल्ली पुलिस अब पूरे मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है। क्राइम ब्रांच की टीम जल्द ही सभी एफआईआर अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू करेगी। पुलिस का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रदर्शनकारी अब भी अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर डटे हुए हैं।

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