नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के गायन के दौरान हुए घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेताओं ने रविवार को कर्नाटक के मंगलुरु स्थित उर्वा पुलिस स्टेशन में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दी। भाजपा ने कांग्रेस मुख्यालय में हुए कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगीत का कथित रूप से अनादर किए जाने का आरोप लगाया है। वहीं कांग्रेस ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाया गया था।
मामला 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह से जुड़ा है। कार्यक्रम के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में ‘वंदे मातरम’ का गायन किया गया। इसके बाद समारोह से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगा। वीडियो को साझा करते हुए भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राष्ट्रगीत गाए जाने के दौरान मंच पर मौजूद कुछ कांग्रेस नेता आपस में बातचीत कर रहे थे और पूरे गीत के गायन को लेकर असहज दिखाई दे रहे थे।
भाजपा का आरोप है कि कार्यक्रम के बीच सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से कुछ कहा और इसके बाद राष्ट्रगीत को रोकने का संकेत दिया गया। पार्टी नेताओं ने इस घटनाक्रम को ‘वंदे मातरम’ का अनादर बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से माफी मांगने की मांग की है। हालांकि कांग्रेस ने भाजपा के इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कांग्रेस नेतृत्व पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी के मन में ‘वंदे मातरम’ के प्रति उचित सम्मान नहीं है। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रगीत के दौरान सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की असहजता वीडियो में दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय प्रतीकों और गीतों का सम्मान करना हर नागरिक और राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है।
भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रगीत के दौरान इस तरह का व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि गीत को बीच में रोकने की कोशिश की गई। दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के आचरण पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि राष्ट्रगीत का जानबूझकर अनादर करने का प्रयास हुआ। भाजपा के अन्य नेताओं ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से कांग्रेस से इस मामले पर स्पष्टीकरण और माफी की मांग की है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच भाजपा नेताओं ने मंगलुरु के उर्वा पुलिस स्टेशन में सोनिया गांधी के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायत में राष्ट्रगीत के कथित अपमान को लेकर कार्रवाई की मांग की गई है। फिलहाल शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज किए जाने या किसी कानूनी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
दूसरी ओर कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा सोशल मीडिया पर वीडियो के चुनिंदा हिस्से को गलत संदर्भ में प्रस्तुत कर रही है। पार्टी के मुताबिक कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ का पूर्ण संस्करण गाया गया और उसे बीच में नहीं रोका गया। सोनिया गांधी की बातचीत का राष्ट्रगीत के प्रति किसी तरह के अनादर से कोई संबंध नहीं था।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि सोनिया गांधी कार्यक्रम की व्यवस्था को लेकर बात कर रही थीं। वह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही थीं। पार्टी का कहना है कि उस समय मंच पर दिखाई देने वाली गतिविधियों को गलत अर्थ देकर राजनीतिक विवाद खड़ा किया गया है।
इस घटनाक्रम ने ‘वंदे मातरम’ को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच पहले से जारी राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है। भाजपा इसे राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा विषय बता रही है, जबकि कांग्रेस का आरोप है कि वास्तविक घटनाक्रम को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। अब सभी की नजर पुलिस के अगले कदम और शिकायत पर होने वाली संभावित कार्रवाई पर है।
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