महागौरी के शावकों पर नजर, एक की हालत कमजोर

Update: 2026-07-10 14:40 GMT

नई दिल्ली। दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में वन्यजीव संरक्षण को लेकर एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। यहां एशियाई शेरनी महागौरी ने 7 जुलाई को तीन शावकों को जन्म दिया है। शावकों के जन्म के बाद चिड़ियाघर प्रशासन में खुशी का माहौल है। तीनों नवजात शावकों और उनकी मां को विशेष मैटरनिटी बाड़े में रखा गया है, जहां उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।

चिड़ियाघर प्रशासन के अनुसार, शेर महेश्वर और शेरनी महागौरी के परिवार में तीन नए सदस्यों के शामिल होने से एशियाई शेरों के संरक्षण अभियान को मजबूती मिली है। शावकों को जन्म के बाद सुरक्षित और शांत वातावरण उपलब्ध कराया गया है, ताकि उनका शुरुआती विकास बेहतर तरीके से हो सके।

राष्ट्रीय प्राणी उद्यान की पशु चिकित्सक टीम और पशुपालन विभाग के विशेषज्ञ लगातार शावकों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। इसके लिए मैटरनिटी बाड़े में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। टीम यह सुनिश्चित कर रही है कि शावकों और शेरनी को किसी तरह की परेशानी न हो।

चिड़ियाघर अधिकारियों ने बताया कि तीनों शावकों में से एक शावक थोड़ा कमजोर है। उसकी विशेष देखभाल की जा रही है और उसकी सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है। पशु चिकित्सक टीम उसकी स्थिति का नियमित आकलन कर रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर समय पर उपचार और अतिरिक्त देखभाल उपलब्ध कराई जा सके।

महागौरी और उसके शावकों को फिलहाल आम दर्शकों से दूर रखा गया है, जिससे उन्हें किसी तरह का तनाव न हो। विशेषज्ञों के अनुसार, जन्म के शुरुआती कुछ सप्ताह शावकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान मां और बच्चों को शांत वातावरण मिलना उनके स्वास्थ्य और विकास के लिए जरूरी होता है।

दिल्ली चिड़ियाघर में एशियाई शेरों का प्रजनन संरक्षण कार्यक्रम के तहत किया जा रहा है। एशियाई शेरों की संख्या बढ़ाने और उनके संरक्षण के उद्देश्य से देशभर के चिड़ियाघरों में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। महागौरी द्वारा तीन शावकों को जन्म देना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

चिड़ियाघर प्रशासन ने बताया कि शावकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। विशेषज्ञों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है और हर छोटी-बड़ी गतिविधि को रिकॉर्ड किया जा रहा है। जैसे-जैसे शावक बड़े होंगे और उनका स्वास्थ्य बेहतर होगा, आगे की व्यवस्थाओं पर निर्णय लिया जाएगा।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय प्राणी उद्यान समय-समय पर विभिन्न वन्यजीव प्रजातियों के संरक्षण और प्रजनन के लिए काम करता रहा है। यहां जन्म लेने वाले शावक न केवल चिड़ियाघर के लिए खुशी का विषय हैं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को भी नई उम्मीद देते हैं।

महागौरी के तीन शावकों के जन्म को दिल्ली चिड़ियाघर के संरक्षण कार्यक्रम की बड़ी सफलता माना जा रहा है। फिलहाल सभी की नजरें इन नन्हे शावकों की सेहत और उनके सुरक्षित विकास पर टिकी हुई हैं।

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