नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के बीच चल रही बातचीत के बाद अब सहमति बन गई है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद कहा कि आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके साथ ही सरकार ने नियमों के अनुसार अधिकतम संभव मुआवजा देने का भी भरोसा दिया है।
बैठक के बाद जेपी नड्डा ने बताया कि CJP प्रतिनिधियों के साथ लंबी बातचीत हुई। इस दौरान आंदोलन से जुड़े मामलों को लेकर एक लिखित ड्राफ्ट भी सौंपा गया, जिसमें प्रदर्शनकारियों की मांगों और समस्याओं को शामिल किया गया था। उन्होंने कहा कि बैठक में आंदोलन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रतिनिधियों की ओर से मुख्य रूप से यह मांग रखी गई थी कि प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ किसी तरह की जवाबी कार्रवाई न की जाए। इसके अलावा मुआवजे की मांग और पांच सूत्रीय चार्टर पर भी चर्चा की गई। सरकार ने इन सभी विषयों पर सकारात्मक रुख अपनाने की बात कही है।
जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार प्रदर्शनकारियों के मामलों को लेकर संवेदनशील है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही जिन मामलों में एफआईआर दर्ज हुई है, उनकी कॉपी भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि संबंधित लोग पूरी जानकारी प्राप्त कर सकें।
मुआवजे के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार नियमों और प्रावधानों के अनुसार कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि सभी पक्ष इस बात पर सहमत हुए हैं कि मुआवजे का निर्धारण तय नियमों के आधार पर किया जाएगा और प्रभावित लोगों को अधिकतम संभव सहायता देने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक के दौरान CJP की ओर से शिक्षा और परीक्षा सुधारों से जुड़े पांच सूत्रीय चार्टर को भी सरकार के सामने रखा गया। प्रतिनिधियों ने इन मुद्दों पर आगे बातचीत जारी रखने की मांग की है। सरकार ने भी इन विषयों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।
इस सहमति के बाद आंदोलन को लेकर जारी गतिरोध खत्म होने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे पहले CJP कार्यकर्ताओं की ओर से कई दिनों तक प्रदर्शन किया जा रहा था। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में कार्रवाई से राहत, मामलों की समीक्षा और अन्य मुद्दों का समाधान शामिल था।
सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक को विवाद को सुलझाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद अब आगे की प्रक्रिया नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी इस समझौते को महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों को राहत देने के फैसले के बाद अब सभी की नजर आगे की कार्रवाई और पांच सूत्रीय चार्टर पर होने वाली चर्चा पर रहेगी।
फिलहाल सरकार ने साफ कर दिया है कि आंदोलन से जुड़े लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी और मुआवजे का फैसला निर्धारित नियमों के तहत किया जाएगा। इससे प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।