नई दिल्ली/विशाखापत्तनम : 28 अक्टूबर 2026। बंगाल की खाड़ी से उठे भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' को लेकर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार को नया अपडेट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, आंध्र प्रदेश और यानम के तट को पार करने के बाद चक्रवात अर्नब धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। इसके अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। विभाग ने अनुमान जताया है कि तूफान बुधवार शाम तक सामान्य चक्रवाती तूफान और रात तक गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो सकता है। हालांकि, तूफान के कमजोर होने के बावजूद आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई इलाकों में भारी बारिश तथा तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है।
7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा चक्रवात
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार दोपहर 2:30 बजे चक्रवात अर्नब आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों, यानम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी से सटे हिस्सों में केंद्रित था। पिछले छह घंटों के दौरान तूफान लगभग 7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा।उस समय चक्रवात का केंद्र आंध्र प्रदेश के नरसापुर से लगभग 40 किलोमीटर उत्तर-उत्तरपूर्व, यानम से 40 किलोमीटर पश्चिम-उत्तरपश्चिम और काकीनाडा से करीब 50 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिणपश्चिम में स्थित था।इसके अलावा यह मछलीपट्टनम से करीब 100 किलोमीटर उत्तरपूर्व, गन्नवरम से 110 किलोमीटर पूर्व-उत्तरपूर्व और तुनी से लगभग 100 किलोमीटर दक्षिणपश्चिम में केंद्रित था।IMD ने बताया कि मछलीपट्टनम स्थित डॉप्लर मौसम रडार के माध्यम से चक्रवात की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था तूफान
चक्रवात अर्नब ने बुधवार, 28 अक्टूबर को सुबह 2 बजे से 8 बजे के बीच आंध्र प्रदेश और यानम के तट को पार किया। यह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यानम के दक्षिण-पश्चिम में तट से टकराया।मौसम विभाग के आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, तट से टकराते समय तूफान की अधिकतम निरंतर हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जबकि झोंकों की गति 150 किलोमीटर प्रतिघंटे तक पहुंच गई थी।सुबह लगभग 8 बजे चक्रवात का केंद्र पूरी तरह जमीन के भीतर प्रवेश कर गया। इसके बाद भूमि के संपर्क में आने और आगे बढ़ने के साथ इसकी तीव्रता कम होने लगी।सुबह 8:30 बजे तक यह अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान से कमजोर होकर भीषण चक्रवाती तूफान की श्रेणी में आ चुका था।
आधी रात तक और कमजोर पड़ने की संभावना
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवात अर्नब की तीव्रता बुधवार शाम से रात के बीच लगातार कम होने की संभावना है।मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि तूफान पहले सामान्य चक्रवाती तूफान में बदलेगा और उसके बाद गहरे दबाव के क्षेत्र का रूप ले लेगा।हालांकि, मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि चक्रवात की तीव्रता कम होने का मतलब यह नहीं है कि इससे जुड़ा खतरा पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।तूफान के प्रभाव से भारी बारिश, तेज हवाएं, जलभराव और कुछ क्षेत्रों में पेड़ों तथा बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने जैसी परिस्थितियां बनी रह सकती हैं।
ओडिशा के छह जिलों में रेड अलर्ट
चक्रवात अर्नब का प्रभाव आंध्र प्रदेश के अलावा पड़ोसी राज्य ओडिशा में भी दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने दक्षिण ओडिशा के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।IMD भुवनेश्वर की निदेशक मनोरमा मोहंती के अनुसार, ओडिशा के गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी और नबरंगपुर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।इन क्षेत्रों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर झोंकों की गति 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।मौसम विभाग ने उत्तरी ओडिशा के कुछ तटीय जिलों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।
आंध्र प्रदेश में हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
चक्रवात से उत्पन्न खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश प्रशासन ने प्रभावित होने की आशंका वाले इलाकों में व्यापक तैयारियां की हैं।समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में कम से कम 89 हजार लोगों को संवेदनशील इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गयाकरीब 20 जिलों में दो हजार से अधिक राहत आश्रय स्थल खोले गए। इसके अतिरिक्त 30 हजार से ज्यादा मछली पकड़ने वाली नौकाओं को सुरक्षित किया गया और लगभग 1,100 चिकित्सा दल तैनात किए गए।चक्रवात के चलते कुछ रेल सेवाएं भी रद्द करनी पड़ीं। प्रशासन का ध्यान प्रभावित आबादी को सुरक्षित रखने और आवश्यक सेवाओं को बहाल करने पर केंद्रित है।
मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह
मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी और प्रभावित तटीय क्षेत्रों में समुद्री परिस्थितियों को देखते हुए मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी है।ओडिशा में मछुआरों को 29 अक्टूबर तक समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी दी गई है।तेज हवाओं और ऊंची समुद्री लहरों के कारण छोटी नौकाओं तथा मछली पकड़ने वाले जहाजों के लिए समुद्र में उतरना जोखिमपूर्ण हो सकता है।तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
भारी बारिश और जलभराव का खतरा बरकरार
चक्रवात अर्नब की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने के बावजूद इसके प्रभाव से कई स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है।विशेषज्ञों के अनुसार, जमीन पर पहुंचने के बाद चक्रवात सामान्यतः कमजोर होने लगता है, लेकिन उसके साथ मौजूद बादलों और नमी के कारण व्यापक वर्षा हो सकती है।निचले क्षेत्रों में जलभराव, ग्रामीण सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने और तेज हवाओं से पेड़ों के गिरने की आशंका को देखते हुए सतर्कता जरूरी है।मौसम विभाग की निगरानी में चक्रवात की दिशा, गति और तीव्रता में होने वाले बदलावों का लगातार आकलन किया जा रहा है।
अगले 24 से 48 घंटे महत्वपूर्ण
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात अर्नब के अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए क्रमशः कमजोर होने की संभावना है।हालांकि, प्रभावित राज्यों में बारिश और हवाओं की स्थिति को देखते हुए अगले 24 से 48 घंटे महत्वपूर्ण बने रहेंगे।प्रशासन और राहत एजेंसियों के लिए इस दौरान तटीय इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था, सड़क संपर्क, बिजली आपूर्ति तथा प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराना प्रमुख प्राथमिकता रहेगी।फिलहाल IMD चक्रवात की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों से मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर ही यात्रा तथा अन्य गतिविधियों की योजना बनाने की अपील की जा रही है।
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