नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली नगर निगम (MCD) के मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS-पब्लिक हेल्थ) कर्मचारियों के कल्याण, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है। एमसीडी कर्मचारियों की ओर से आयोजित विशेष धन्यवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 'समान कार्य के लिए समान वेतन' के निर्णय पर सभी कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का सम्मान और उनका सशक्तीकरण बेहतर प्रशासन तथा विकसित दिल्ली की दिशा में महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकारी व्यवस्था को मजबूत बनाने में प्रत्येक कर्मचारी का योगदान होता है। दिल्ली की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में नगर निगम के कर्मचारी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हैं।
एमसीडी ने अगस्त 2026 में सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के लगभग 4,400 संविदा एमटीएस कर्मचारियों को समान वेतन का लाभ देने के फैसले को मंजूरी दी थी। इसके तहत पात्र कर्मचारियों को सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के लेवल-1 के अनुसार न्यूनतम 18 हजार रुपये मासिक मूल वेतन और लागू परिवर्तनीय महंगाई भत्ते का प्रावधान किया गया है।
हजारों कर्मचारियों को मिलेगा फैसले का लाभ
दिल्ली नगर निगम के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाले एमटीएस और डीबीसी कर्मचारियों के लिए समान वेतन का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।नगर निगम के अनुसार, इस निर्णय से लगभग 4,400 कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।ये कर्मचारी लंबे समय से अपने कार्य के अनुरूप वेतन और बेहतर सेवा सुविधाओं की मांग कर रहे थे।अगस्त में नगर निगम ने इस संबंध में आवश्यक प्रशासनिक, वित्तीय और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मंजूरी दी थी।नगर निगम के अधिकारियों का कहना था कि निर्णय का उद्देश्य कर्मचारियों को उनके कार्य और जिम्मेदारियों के अनुरूप उचित पारिश्रमिक उपलब्ध कराना है।
वेतन में लगभग 10 हजार रुपये तक बढ़ोतरी
एमसीडी के फैसले के अनुसार, पात्र एमटीएस कर्मचारियों के वेतन में लगभग 10 हजार रुपये प्रतिमाह तक बढ़ोतरी हो सकती है।हालांकि, वास्तविक वृद्धि कर्मचारी के मौजूदा वेतन और लागू नियमों पर निर्भर करेगी।20 अगस्त 2026 को जारी कार्यालय आदेश में संविदा कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग के लेवल-1 का न्यूनतम मूल वेतन निर्धारित किया गया था।इसके साथ लागू परिवर्तनीय महंगाई भत्ते का लाभ भी देने का प्रावधान किया गया।संशोधित वेतन नई वार्षिक संविदा पर हस्ताक्षर करने के बाद भविष्य की अवधि से लागू होना है। इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी कर्मचारियों को पिछली अवधि का बकाया वेतन भी स्वतः मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को बताया प्रशासन की ताकत
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कर्मचारियों की भूमिका को सम्मान देने की आवश्यकता पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि दिल्ली को विकसित और बेहतर शहर बनाने के लक्ष्य में नगर निगम के कर्मचारियों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।सरकार की प्राथमिकता कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने के साथ उन्हें बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है।मुख्यमंत्री इससे पहले भी नगर निगम कर्मचारियों से संवाद के दौरान उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बता चुकी हैं।फरवरी 2026 में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि प्रत्येक कर्मचारी विकसित दिल्ली के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कर्मचारियों की लंबित मांग को मिली मंजूरी
एमटीएस कर्मचारियों के वेतन से जुड़ा मुद्दा लंबे समय से नगर निगम के समक्ष लंबित था।नगर निगम के महापौर प्रवेश वाही ने 14 अगस्त 2026 को इस निर्णय की जानकारी देते हुए इसे कर्मचारियों के लिए स्वतंत्रता दिवस का उपहार बताया था।उन्होंने कहा था कि कर्मचारियों के हितों से संबंधित इस फैसले को लागू करने के लिए कई प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करनी पड़ीं।इस निर्णय पर स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा और नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार के साथ समन्वय स्थापित किया गया था।महापौर ने स्पष्ट किया था कि नगर निगम कर्मचारियों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मानता है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका
दिल्ली नगर निगम के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी शहर में स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण गतिविधियों में योगदान देते हैं।इनमें मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम, डेंगू नियंत्रण से संबंधित गतिविधियां और अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम शामिल हैं।इन कर्मचारियों को अक्सर अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर निर्धारित कार्य पूरे करने पड़ते हैं।ऐसे में उनके लिए उचित वेतन, कार्यस्थल पर सुरक्षा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बेहतर होने से उनका मनोबल बढ़ने और विभागीय कार्यों में सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद की जा रही है।
परिवारों को भी मिलेगी आर्थिक राहत
एमटीएस कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ मिलने से उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने की संभावना है।बढ़े हुए वेतन से कर्मचारियों को घर के खर्च, बच्चों की शिक्षा और अन्य जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल सकती है।महंगाई के दौर में कम वेतन पाने वाले संविदा कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त आय महत्वपूर्ण होती है।हालांकि, प्रत्येक कर्मचारी को मिलने वाली वास्तविक रकम वेतन निर्धारण और संविदा संबंधी शर्तों के अनुसार अलग हो सकती है।इसलिए कर्मचारियों को अपने संबंधित विभाग से संशोधित वेतन की विस्तृत जानकारी प्राप्त करनी होगी।
कर्मचारियों के हितों पर सरकार का जोर
दिल्ली सरकार और नगर निगम की ओर से कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर पहले भी चर्चा की गई है।अप्रैल 2026 में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सफाई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी।
उस दौरान कर्मचारियों ने नियमितीकरण, वेतन, भर्ती और कार्यस्थल पर स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों सहित कई मुद्दे उठाए थे।मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को कर्मचारियों की समस्याओं की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए थे।उन्होंने कहा था कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने वाले कर्मचारियों का सम्मान और कल्याण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
बेहतर सुविधाओं से मजबूत होगा नगर निगम
नगर निगम के कर्मचारियों को उचित वेतन और सुविधाएं मिलने से सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े कार्यों में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति, प्रशिक्षण और पर्याप्त संसाधन महत्वपूर्ण होते हैं।नगर निगम के सामने कर्मचारियों की संख्या, बुनियादी ढांचे और सेवा संबंधी अन्य मांगों को पूरा करने की चुनौती भी बनी हुई है।वेतन संबंधी फैसले के बाद अब इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान देना आवश्यक होगा।
कर्मचारियों के सम्मान को बताया जरूरी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि कर्मचारियों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा से ही प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत हो सकती है।सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली की सेवा में लगे कर्मचारियों को उनके योगदान के अनुरूप सम्मान मिले।