नई दिल्ली : 1 नवंबर 2026। देश की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सशस्त्र सीमा बल (SSB) के नेतृत्व में बदलाव हुआ है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजय सिंघल ने सशस्त्र सीमा बल के महानिदेशक पद का अतिरिक्त कार्यभार संभाला है। इस नई जिम्मेदारी के साथ उनके सामने भारत की संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा, जवानों की परिचालन तैयारियों को मजबूत करने और बल की प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियां होंगी।सशस्त्र सीमा बल केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत प्रमुख केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में शामिल है। इस बल को भारत-नेपाल और भारत-भूटान अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों देशों के साथ भारत के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध हैं। इन सीमाओं पर लोगों की आवाजाही और व्यापारिक गतिविधियों के कारण सुरक्षा व्यवस्था को विशेष सतर्कता के साथ संचालित करना आवश्यक होता है।
संजय सिंघल के अतिरिक्त कार्यभार संभालने को बल की प्रशासनिक निरंतरता के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। महानिदेशक के स्तर पर परिचालन रणनीतियों, प्रशासनिक फैसलों, प्रशिक्षण, संसाधनों के प्रबंधन और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय से संबंधित महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होती हैं। ऐसे में नए कार्यवाहक प्रमुख के सामने मौजूदा सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी।हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्रालय के 27 अक्टूबर 2026 के आदेश के अनुसार, संजय सिंघल पहले से ही SSB के महानिदेशक हैं और उन्हें भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह व्यवस्था तत्कालीन ITBP प्रमुख शत्रुजीत सिंह कपूर के 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त होने के बाद लागू हुई है। सिंघल नियमित महानिदेशक की नियुक्ति होने या अगले आदेश तक दोनों बलों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
संजय सिंघल उत्तर प्रदेश कैडर के 1993 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी हैं। उन्होंने 1 सितंबर 2025 को सशस्त्र सीमा बल के 27वें महानिदेशक के रूप में कार्यभार संभाला था। इससे पहले वह सीमा सुरक्षा बल (BSF) में विशेष महानिदेशक के पद पर कार्यरत रहे हैं। उनके पास पुलिस प्रशासन, सीमा सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के संचालन का लंबा अनुभव है।संजय सिंघल की नई जिम्मेदारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह पहले ITBP में वरिष्ठ पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। वर्ष 2008 से 2015 के बीच उन्होंने इस बल में उपमहानिरीक्षक और महानिरीक्षक के रूप में काम किया था। इस दौरान उन्हें हिमालयी क्षेत्रों में सीमा सुरक्षा, जवानों की तैनाती और प्रशासनिक प्रबंधन से संबंधित कार्यों का अनुभव प्राप्त हुआ।भारत-तिब्बत सीमा पुलिस देश की उत्तरी सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वर्ष 1962 में स्थापित यह बल चीन से लगी लगभग 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा की निगरानी करता है। लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक फैले दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में ITBP के जवान अत्यधिक ठंड, बर्फबारी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच तैनात रहते हैं।
ITBP के जवानों को विशेष रूप से पर्वतीय युद्धकला, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जीवित रहने की तकनीक, सीमा निगरानी और आपातकालीन बचाव अभियानों का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं, हिमस्खलन और पर्वतीय दुर्घटनाओं के दौरान भी यह बल राहत एवं बचाव कार्यों में योगदान देता है।दूसरी ओर, सशस्त्र सीमा बल भारत की नेपाल और भूटान से लगी सीमाओं की सुरक्षा करता है। भारत-नेपाल सीमा लगभग 1,751 किलोमीटर और भारत-भूटान सीमा लगभग 699 किलोमीटर लंबी है। इन सीमाओं पर तस्करी, मानव तस्करी, अवैध गतिविधियों और अन्य सीमा पार अपराधों को रोकना SSB की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है।दोनों सुरक्षा बलों की जिम्मेदारियां अलग-अलग होने के बावजूद उनके बीच सीमा प्रबंधन, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और परिचालन समन्वय जैसे कई समान पहलू हैं। ऐसे में संजय सिंघल का अनुभव दोनों संगठनों के प्रशासनिक संचालन में उपयोगी साबित हो सकता है।
ITBP के नेतृत्व में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब भारत-चीन सीमा पर सुरक्षा तैयारियों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पूर्व महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने अक्टूबर में अरुणाचल प्रदेश के कुछ सीमावर्ती क्षेत्रों में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमने-सामने की स्थिति का उल्लेख किया था। उन्होंने ITBP की विशेष शौर्य कमांडो इकाइयों की भूमिका की भी सराहना की थी।संजय सिंघल के सामने जवानों की परिचालन क्षमता को मजबूत बनाए रखने, सीमावर्ती चौकियों पर संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और आधुनिक निगरानी तकनीकों के प्रभावी इस्तेमाल जैसी जिम्मेदारियां रहेंगी। इसके अतिरिक्त जवानों के कल्याण, प्रशिक्षण और प्रशासनिक आवश्यकताओं पर भी ध्यान देना होगा।केंद्रीय गृह मंत्रालय का यह निर्णय ITBP में नियमित महानिदेशक की नियुक्ति होने तक नेतृत्व की निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। संजय सिंघल के पास दो महत्वपूर्ण केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी होगी। उनके अनुभव और प्रशासनिक कौशल से सीमा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
Tags: