नई दिल्ली। देश में जारी विरोध-प्रदर्शनों और कानून-व्यवस्था को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने बड़ा बयान दिया है। शुक्रवार, 16 अक्टूबर को उन्होंने कहा कि भारत की परिस्थितियां नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका से अलग हैं और भारत कभी भी इन देशों जैसा नहीं बन सकता। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से उन लोगों की जांच कराने की मांग की, जिनके बारे में उनका आरोप है कि वे बाहर से भारत आकर विरोध-प्रदर्शनों में हिस्सा ले रहे हैं।मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने देश में चल रहे प्रदर्शनों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार को ऐसी गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि बाहर से आने वाले लोग विरोध-प्रदर्शनों में शामिल हो रहे हैं, तो उनकी पहचान और गतिविधियों की जांच होनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में ऐसे किसी व्यक्ति या संगठन का नाम नहीं बताया और न ही अपने आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक प्रमाण प्रस्तुत किया।
भारत की तुलना नेपाल और बांग्लादेश से नहीं की जा सकती
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने अपने बयान में नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और परिस्थितियां इन देशों से अलग हैं।उनका कहना था कि भारत को इन देशों जैसी राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की व्यवस्था मजबूत है और यहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक संस्थाएं मौजूद हैं।मौलाना का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब देश के विभिन्न हिस्सों में राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
बाहरी लोगों की जांच कराने की मांग
मौलाना रजवी ने सरकार से आग्रह किया कि विरोध-प्रदर्शनों में हिस्सा लेने के लिए बाहर से आने वाले लोगों की जांच की जाए।उन्होंने कहा, "भारत कभी भी नेपाल, बांग्लादेश या श्रीलंका जैसा नहीं बन सकता। जो लोग बाहर से यहां आ रहे हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, सरकार को उनकी जांच करनी चाहिए।"हालांकि, उनके इस बयान से यह स्पष्ट नहीं है कि वह विदेशों से आने वाले लोगों का जिक्र कर रहे थे या देश के दूसरे क्षेत्रों से आने वाले प्रदर्शनकारियों का।उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है और किसी प्रदर्शन में भागीदारी अपने आप में गैरकानूनी गतिविधि नहीं मानी जा सकती।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ
उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की प्रशंसा की।उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त रही है। उनके अनुसार, राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दी है।मौलाना ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में सरकार की कार्यशैली को सराहा। हालांकि, यह उनका व्यक्तिगत आकलन है।
पहले भी प्रदर्शनों को लेकर कर चुके हैं अपील
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी इससे पहले भी विरोध-प्रदर्शनों को लेकर सार्वजनिक बयान दे चुके हैं।अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित CJP के विरोध-प्रदर्शन के संबंध में मुस्लिम युवाओं से दूरी बनाए रखने की अपील की थी।उस दौरान उन्होंने कहा था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का कानूनी अधिकार है, लेकिन किसी भी प्रकार की हिंसा से बचना जरूरी है। उन्होंने आशंका जताई थी कि हिंसक परिस्थितियां उत्पन्न होने पर आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
देश में जारी प्रदर्शनों के बीच आया बयान
मौलाना रजवी का ताजा बयान देश में जारी राजनीतिक प्रदर्शनों के बीच सामने आया है। विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शनकारी अपनी मांगें उठा रहे हैं, जबकि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।ऐसी परिस्थितियों में विरोध करने के संवैधानिक अधिकार और सार्वजनिक सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जाता है।फिलहाल मौलाना ने सरकार से प्रदर्शनकारियों की जांच की मांग की है। इस मांग पर सरकार की ओर से किसी विशेष जांच की घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है।