नई दिल्ली : 28 अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपने शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में 29 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विशाल जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है। 'राष्ट्रवंदनम्' नाम से होने वाले इस आयोजन में संघ प्रमुख मोहन भागवत स्वयंसेवकों और आमंत्रित अतिथियों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-23 स्थित समरसता स्थल पर प्रस्तावित है। संघ के सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, खिलाड़ियों, सेवानिवृत्त अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों को आमंत्रित किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य संघ के 100 वर्षों की यात्रा, सामाजिक गतिविधियों और भविष्य की प्राथमिकताओं को व्यापक समाज के सामने प्रस्तुत करना है।
29 नवंबर को दिल्ली में होगा विशाल आयोजन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। यह आयोजन संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में आयोजित शताब्दी कार्यक्रमों की समापन गतिविधियों में शामिल होगा।संघ के सूत्रों के मुताबिक, कार्यक्रम को व्यापक स्तर पर आयोजित करने की योजना है। इसमें स्वयंसेवकों के साथ समाज के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े नागरिक हिस्सा लेंगे।आयोजन में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधि भी उपस्थित रह सकते हैं।कार्यक्रम के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत का संबोधन प्रमुख आकर्षण रहेगा। वह संगठन की ऐतिहासिक यात्रा, सामाजिक जिम्मेदारियों और वर्तमान राष्ट्रीय परिस्थितियों पर अपने विचार रख सकते हैं।
एक लाख से अधिक स्वयंसेवकों के जुटने की तैयारी
संघ के शताब्दी वर्ष के इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों के शामिल होने की योजना है।सितंबर में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, आयोजन में एक लाख से अधिक गणवेशधारी स्वयंसेवकों और लगभग 50 हजार आमंत्रित नागरिकों की भागीदारी का प्रारंभिक लक्ष्य रखा गया था।कुछ अन्य रिपोर्टों में इससे अधिक संख्या का अनुमान भी सामने आया है। हालांकि, कार्यक्रम में उपस्थित लोगों की वास्तविक संख्या आयोजन के दिन ही स्पष्ट होगी।संघ की योजना दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों को एक स्थान पर एकत्रित करने की है।इसके लिए विभिन्न स्तरों पर समन्वय और व्यवस्थाओं की तैयारी की जा रही है।
QR कोड से मिलेगी कार्यक्रम में एंट्री
आयोजन को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा।सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम में आमंत्रित प्रत्येक अतिथि के लिए एक विशेष QR कोड तैयार किया जाएगा। इसी कोड के माध्यम से कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश की व्यवस्था होगी।इसका उद्देश्य बड़ी संख्या में पहुंचने वाले लोगों की पहचान और प्रवेश प्रक्रिया को व्यवस्थित रखना है।आयोजन की तैयारियां 24 नवंबर से शुरू करने की योजना है। करीब पांच हजार स्वयंसेवकों को विभिन्न व्यवस्थाओं के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।इनमें अतिथियों का स्वागत, प्रवेश व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था और अन्य आयोजन संबंधी जिम्मेदारियां शामिल हो सकती हैं।
मोहन भागवत के संबोधन पर रहेंगी निगाहें
संघ प्रमुख मोहन भागवत के संबोधन को इस कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।संभावना जताई जा रही है कि वह संघ की 100 वर्षों की यात्रा, संगठन की सामाजिक भूमिका और आनेवाले समय की प्राथमिकताओं पर चर्चा करेंगे।इसके अलावा सामाजिक समरसता, पारिवारिक मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और नागरिक जिम्मेदारियों जैसे विषयों को भी संबोधन में स्थान मिल सकता है।संघ ने अपने शताब्दी वर्ष के दौरान इन मुद्दों को प्रमुखता दी है।हालांकि, मोहन भागवत के भाषण के विषयों का विस्तृत आधिकारिक एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है।ऐसे में उनके संबोधन में किन समसामयिक मुद्दों को प्रमुखता मिलती है, यह कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट होगा।
संघ के 100 साल पूरे होने पर देशभर में कार्यक्रम
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना वर्ष 1925 में नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी।वर्ष 2025 में संगठन की स्थापना के 100 वर्ष पूरे हुए। इसके उपलक्ष्य में संघ ने देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए।इनमें स्वयंसेवकों के सम्मेलन, प्रबुद्ध नागरिकों से संवाद, सामाजिक सद्भाव बैठकें और घर-घर संपर्क अभियान शामिल रहे।संघ की ओर से शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण इलाकों में भी जनसंपर्क गतिविधियां आयोजित की गईं।इन कार्यक्रमों के माध्यम से संगठन ने विभिन्न पेशेवर समूहों और नागरिकों तक अपनी विचारधारा तथा सामाजिक कार्यक्रमों की जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया।दिल्ली का प्रस्तावित आयोजन इसी शताब्दी वर्ष की गतिविधियों की अंतिम प्रमुख कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
सामाजिक समरसता और पर्यावरण पर विशेष जोर
संघ ने अपने शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों में 'पंच परिवर्तन' की अवधारणा को विशेष महत्व दिया है।इसमें सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण संरक्षण और स्वदेशी जैसे पांच प्रमुख विषय शामिल हैं।संगठन के अनुसार, इन विषयों पर समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।दिल्ली में प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां भी होंगी।सूत्रों के मुताबिक, संघ ने 50 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है, जिनमें से लगभग 30 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं।इसके अतिरिक्त नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान शुरू करने की योजना है। कार्यक्रम में लोगों को नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का संकल्प भी दिलाया जाएगा।
दो हजार स्वयंसेवक करेंगे घोष वादन
कार्यक्रम में संघ की पारंपरिक घोष व्यवस्था भी प्रमुख रूप से दिखाई देगी।सूत्रों के मुताबिक, लगभग दो हजार स्वयंसेवक गणवेश में घोष वादन में भाग लेंगे।इस दौरान संघ की पारंपरिक वाद्य प्रस्तुति आयोजित की जाएगी।बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की भागीदारी को देखते हुए आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं।
इंदौर में 2 से 4 नवंबर तक RSS की अहम बैठक
दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित की जाएगी।यह बैठक 2 से 4 नवंबर तक चलेगी।इसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सभी सह-सरकार्यवाह और संगठन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे।संगठन के 46 प्रांतों और 11 क्षेत्रों से संबंधित पदाधिकारी भी बैठक में भाग लेंगे।बैठक में शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी।इसके अलावा संगठनात्मक गतिविधियों, सामाजिक मुद्दों और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर चर्चा होने की संभावना है।
दिल्ली कार्यक्रम से संघ की अगली दिशा के मिल सकते हैं संकेत
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए 29 नवंबर का आयोजन संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा।शताब्दी वर्ष की गतिविधियों के समापन के साथ संगठन अपने अगले चरण की प्राथमिकताओं को भी सामने रख सकता है।दिल्ली में प्रस्तावित इस कार्यक्रम के जरिए संघ समाज के विभिन्न वर्गों के साथ संपर्क बढ़ाने और अपनी सामाजिक गतिविधियों को प्रस्तुत करने की तैयारी कर रहा है।अब सबकी निगाहें 29 नवंबर को होने वाले आयोजन और संघ प्रमुख मोहन भागवत के संबोधन पर रहेंगी।
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