नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने अपने राष्ट्रीय संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम की घोषणा कर दी है। नई टीम में अनुभवी नेताओं की वापसी के साथ कई नए चेहरों को अहम जिम्मेदारी दी गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की संगठन में वापसी हुई है, जबकि लंबे समय बाद राम माधव को भी राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिली है। डिजिटल मोर्चे पर छत्तीसगढ़ के दीपक म्हस्के को राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक बनाया गया है। नई नियुक्तियों को आगामी विधानसभा चुनावों और पार्टी के संगठन विस्तार की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
नई टीम में 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, आठ राष्ट्रीय महासचिव और 16 राष्ट्रीय सचिव बनाए गए हैं। इसके अलावा पार्टी के विभिन्न मोर्चों और संगठनात्मक विभागों में भी नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं। टीम में अनुभवी नेताओं, महिलाओं, युवाओं और अलग-अलग सामाजिक वर्गों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास दिखाई देता है।
स्मृति ईरानी की संगठन में वापसी
नई टीम के सबसे चर्चित नामों में पूर्व केंद्रीय मंत्री **स्मृति ईरानी** शामिल हैं। उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। 2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से हार के बाद वह सरकार का हिस्सा नहीं बनी थीं, लेकिन अब संगठन में महत्वपूर्ण पद देकर पार्टी नेतृत्व ने उन पर फिर भरोसा जताया है।
स्मृति ईरानी लंबे समय तक केंद्र सरकार में मंत्री रहने के साथ भाजपा संगठन में भी विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं। राष्ट्रीय महासचिव के रूप में उन्हें भविष्य में किसी महत्वपूर्ण राज्य या चुनावी अभियान की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
राम माधव को फिर मिली बड़ी जिम्मेदारी
भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से लंबे समय तक जुड़े रहे **राम माधव** की भी राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण वापसी हुई है। उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। राम माधव इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं और जम्मू-कश्मीर सहित पूर्वोत्तर राज्यों में पार्टी की राजनीतिक रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
उनकी वापसी को संगठनात्मक अनुभव का इस्तेमाल करने की भाजपा की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। विदेश नीति और रणनीतिक मामलों पर भी राम माधव सक्रिय रहे हैं।
वसुंधरा राजे को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री **वसुंधरा राजे** को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। वह पहले भी इस पद पर रही हैं। उनके अलावा बैजयंत जय पांडा, रेखा वर्मा और प्रोफेसर तारिक मंसूर समेत कई नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है।
वसुंधरा राजे को संगठन में बरकरार रखकर भाजपा ने राजस्थान में उनके राजनीतिक अनुभव और प्रभाव को महत्व देने का संकेत दिया है।
दीपक म्हस्के को सोशल मीडिया की जिम्मेदारी
नई टीम में छत्तीसगढ़ के **दीपक म्हस्के** का नाम भी चर्चा में है। उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक बनाया गया है। म्हस्के इससे पहले छत्तीसगढ़ भाजपा के सोशल मीडिया संगठन में काम कर चुके हैं।
उनकी नियुक्ति के साथ अमित मालवीय की भूमिका को लेकर भी चर्चा तेज हुई है। नई राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची में मालवीय का नाम नहीं है। हालांकि सोशल मीडिया और आईटी विभाग अलग-अलग संगठनात्मक जिम्मेदारियां हो सकती हैं, इसलिए दीपक म्हस्के की नियुक्ति को सीधे अमित मालवीय के सभी दायित्वों का प्रतिस्थापन मानना उचित नहीं होगा, जब तक पार्टी की ओर से इसे स्पष्ट न किया जाए।
भाजपा चुनावी अभियानों में डिजिटल और सोशल मीडिया का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करती है। ऐसे में म्हस्के के सामने देशभर की सोशल मीडिया इकाइयों के बीच समन्वय और पार्टी के डिजिटल अभियानों को आगे बढ़ाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
युवा और महिला मोर्चे में भी बदलाव
राष्ट्रीय टीम के साथ भाजपा के विभिन्न मोर्चों में भी बदलाव किए गए हैं। पार्टी ने युवा और महिला नेतृत्व को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने की कोशिश की है। नई नियुक्तियों में अलग-अलग राज्यों को प्रतिनिधित्व देकर क्षेत्रीय संतुलन साधने पर भी ध्यान दिया गया है।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य को नई राष्ट्रीय टीम में मजबूत हिस्सेदारी मिली है। राज्य के कई नेताओं को उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव और मोर्चा संगठन की जिम्मेदारी दी गई है।
चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा फेरबदल
भाजपा का यह संगठनात्मक बदलाव ऐसे समय हुआ है जब आने वाले महीनों और वर्षों में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। खास तौर पर 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सहित अन्य चुनावी मुकाबलों को देखते हुए नई टीम की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
नितिन नबीन ने अपनी टीम में अनुभवी नेताओं की वापसी के साथ नए संगठनात्मक चेहरों को जगह देकर संतुलन बनाने का प्रयास किया है। स्मृति ईरानी और राम माधव जैसे अनुभवी नेताओं की वापसी, वसुंधरा राजे को महत्वपूर्ण पद और दीपक म्हस्के जैसे नए चेहरे को राष्ट्रीय जिम्मेदारी इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि नई राष्ट्रीय टीम में शामिल नेताओं को अलग-अलग राज्यों का प्रभार और चुनावी जिम्मेदारियां किस तरह बांटी जाती हैं। यही जिम्मेदारियां आने वाले समय में भाजपा की चुनावी और संगठनात्मक रणनीति की दिशा को और स्पष्ट करेंगी।