नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ अपने सदस्यों के लिए डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने जा रहा है। संगठन के 74वें स्थापना दिवस पर रविवार, एक नवंबर 2026 को केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया नई पहलों का शुभारंभ करेंगे। इनमें व्हाट्सएप के माध्यम से ईपीएफओ सेवाएं उपलब्ध कराना और एक हजार रुपये तक की शेष राशि वाले पात्र निष्क्रिय ईपीएफ खातों का स्वतः निपटान शामिल है। हालांकि, कार्यक्रम से पहले जारी सरकारी सूचना में व्हाट्सएप पर मिलने वाली सेवाओं की पूरी सूची नहीं दी गई है। इसलिए सभी सेवाएं तत्काल उपलब्ध होने की पुष्टि अभी नहीं है। 
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, स्थापना दिवस समारोह नई दिल्ली में आयोजित होगा। इसमें मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रीय न्यासी बोर्ड के सदस्य, ईपीएफओ के अधिकारी-कर्मचारी, नियोक्ता, श्रमिक और अन्य संबंधित पक्ष शामिल होंगे। डिजिटल पहलों के साथ संगठन की उपलब्धियों और सेवा सुधारों से संबंधित गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम की घोषणा में श्रमिकों तथा उनके परिवारों की सामाजिक सुरक्षा, गरिमा और आर्थिक निश्चिंतता को संगठन की प्राथमिकता बताया गया है। नई सुविधाओं को इसी दिशा में उठाए जा रहे कदमों के रूप में प्रस्तुत किया गया है। 
व्हाट्सएप आधारित सुविधा से सदस्यों तक जानकारी और सहायता पहुंचाने का एक अतिरिक्त माध्यम उपलब्ध होगा। इसका व्यावहारिक लाभ यह हो सकता है कि सामान्य जानकारी के लिए सदस्यों को बार-बार कार्यालय जाने या अलग-अलग डिजिटल माध्यमों पर खोज करने की जरूरत कम पड़े। हालांकि, खाते से संबंधित कौन-से अनुरोध स्वीकार किए जाएंगे और पहचान सत्यापन किस तरह होगा, इसका विस्तृत विवरण उद्घाटन से पहले की घोषणा में नहीं है। पीएफ निकासी, पेंशन आवेदन, खाता स्थानांतरण और अन्य सभी प्रक्रियाएं व्हाट्सएप से पूरी होने का दावा फिलहाल उपलब्ध जानकारी से पुष्ट नहीं होता। ईपीएफओ के लिए व्हाट्सएप का इस्तेमाल करने की योजना पहले भी सामने आ चुकी है। मई में केंद्रीय मंत्री ने बताया था कि संगठन सदस्य सेवाओं को सुगम बनाने और लोगों तक पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से इस मंच का उपयोग करने की तैयारी कर रहा है। उस समय प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के पात्र सदस्यों की लंबित प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई थी। इनमें आधार प्रमाणीकरण पूरा नहीं होने अथवा आधार से जुड़े बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण की सुविधा सक्रिय नहीं होने जैसी समस्याएं शामिल थीं। दूसरी महत्वपूर्ण पहल छोटे शेष वाले पात्र निष्क्रिय ईपीएफ खातों के स्वतः निपटान से संबंधित है। स्थापना दिवस की घोषणा में इसकी सीमा एक हजार रुपये तक रखी गई है। इसका अर्थ यह नहीं है कि हर पुराने खाते को बंद कर दिया जाएगा या सभी खाताधारकों को समान राशि दी जाएगी। निपटान संबंधित खाते में उपलब्ध वास्तविक रकम और निर्धारित पात्रता के आधार पर होगा। जिन खातों में इससे अधिक राशि है, उन्हें इस घोषणा के आधार पर स्वतः शामिल नहीं माना जा सकता। विस्तृत क्रियान्वयन निर्देश इस सुविधा का वास्तविक दायरा स्पष्ट करेंगे। 
इस पहल की पृष्ठभूमि मार्च 2026 में हुई केंद्रीय न्यासी बोर्ड की बैठक से जुड़ी है। उस समय एक हजार रुपये या उससे कम की बिना दावा की गई राशि वाले निष्क्रिय खातों के लिए स्वतः दावा निपटान शुरू करने की प्रायोगिक परियोजना को मंजूरी मिली थी। सरकारी विवरण के अनुसार, पहले चरण में लगभग 1.33 लाख खातों और करीब 5.68 करोड़ रुपये को शामिल करने की योजना थी। ये आंकड़े मार्च में स्वीकृत पायलट से संबंधित हैं। इन्हें नवंबर के शुभारंभ के बाद तत्काल निपट चुके खातों या वितरित रकम के रूप में नहीं समझना चाहिए। 
मार्च की स्वीकृति में पात्र सदस्यों के आधार से जुड़े और ईपीएफओ रिकॉर्ड में दर्ज बैंक खातों में रकम सीधे जमा करने का प्रावधान बताया गया था। उद्देश्य नया दावा या अतिरिक्त दस्तावेज मांगने की आवश्यकता कम करना था। उसी विवरण में पायलट की सफलता के आधार पर आगे अधिक राशि वाले खातों तक सुविधा बढ़ाने की संभावना भी रखी गई थी। लेकिन यह संभावित विस्तार है। फिलहाल स्थापना दिवस की घोषणा एक हजार रुपये तक के पात्र निष्क्रिय खातों तक सीमित है। भुगतान की प्रक्रिया और समय के लिए लागू परिचालन निर्देश महत्वपूर्ण होंगे। 
निष्क्रिय खाते की श्रेणी को भी सामान्य बोलचाल के पुराने या इस्तेमाल नहीं हो रहे खाते से अलग समझना जरूरी है। ईपीएफओ के संसदीय जवाबों में बताया गया है कि संबंधित योजना के प्रावधानों के तहत कुछ खातों को निष्क्रिय वर्ग में रखा जाता है। ऐसे खातों के निश्चित दावेदार होते हैं और दावा मिलने पर जांच के बाद निपटान किया जाता है। इसलिए केवल नौकरी बदलने या किसी खाते में नया अंशदान नहीं आने से उसे इस विशेष पहल के लिए पात्र मान लेना उचित नहीं होगा। स्थापना दिवस समारोह में मांडविया प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन करेंगे और संस्थागत अनुभव, कानूनी जागरूकता तथा प्रशासन से संबंधित प्रकाशन जारी करेंगे। उत्कृष्ट योगदान देने वाले क्षेत्रीय और आंचलिक कार्यालयों तथा अधिकारियों-कर्मचारियों को भविष्य निधि पुरस्कार 2026 भी प्रदान किए जाएंगे। सदस्यों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण जानकारी व्हाट्सएप सुविधा का आधिकारिक संपर्क, उपलब्ध सेवाओं की सूची और स्वतः निपटान की पात्रता होगी। फिलहाल दोनों पहलों के शुभारंभ की घोषणा हुई है। उनका उपयोग करने की पूरी प्रक्रिया विस्तृत आधिकारिक सूचना के बाद स्पष्ट होगी।
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