नई दिल्ली : राज्यसभा के नवनिर्वाचित और मनोनीत सदस्यों को उच्च सदन की कार्यप्रणाली, संसदीय परंपराओं, विधायी प्रक्रियाओं और सदन के नियमों से परिचित कराने के उद्देश्य से राज्यसभा सचिवालय द्वारा दो दिवसीय इंटरैक्टिव ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 25 और 26 जुलाई 2026 को आयोजित होगा, जिसमें नए सदस्यों को संसद के कामकाज से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी।
राज्यसभा सचिवालय के अनुसार, इस विशेष कार्यक्रम का उद्घाटन उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य नए सदस्यों को प्रभावी तरीके से संसदीय जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम की शुरुआत राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के स्वागत भाषण से होगी। इसके बाद राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन नए सदस्यों को संबोधित करेंगे। वह 'सदस्यों के विजन और जिम्मेदारियों' विषय पर अपना मुख्य भाषण प्रस्तुत करेंगे। अपने संबोधन में वह सदस्यों की भूमिका, लोकतांत्रिक व्यवस्था में संसद के महत्व और जनता के प्रतिनिधि के रूप में उनकी जिम्मेदारियों पर प्रकाश डालेंगे।
कार्यक्रम के दौरान उपसभापति हरिवंश 'प्रमुख संसदीय समितियों के कार्य और भूमिका' विषय पर विस्तार से चर्चा करेंगे। वह सदस्यों को संसदीय समितियों की कार्यप्रणाली, उनके महत्व और विधायी प्रक्रिया में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी देंगे। संसदीय समितियां कानून निर्माण, नीतियों की समीक्षा और सरकारी कार्यों की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
राज्यसभा सचिवालय ने बताया कि ओरिएंटेशन कार्यक्रम में नए सदस्यों को सदन की प्रक्रियाओं, प्रश्नकाल, शून्यकाल, विधेयकों पर चर्चा, नियमों और संसदीय शिष्टाचार से संबंधित जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा सदस्यों को यह भी बताया जाएगा कि वे सदन में अपनी भूमिका को प्रभावी तरीके से कैसे निभा सकते हैं।
इस कार्यक्रम में संसदीय कार्य विशेषज्ञों, वरिष्ठ अधिकारियों और अनुभवी सांसदों द्वारा भी विभिन्न विषयों पर जानकारी साझा किए जाने की संभावना है। नए सदस्यों को संसदीय कार्यों में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान के बारे में भी बताया जाएगा।
राज्यसभा भारत की संसद का उच्च सदन है और इसमें देश के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। राज्यसभा के सदस्य कानून निर्माण, राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा और सरकार की नीतियों की समीक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में नए सदस्यों के लिए संसदीय प्रक्रिया की जानकारी होना बेहद जरूरी माना जाता है।
राज्यसभा सचिवालय समय-समय पर नए सदस्यों के लिए इस तरह के प्रशिक्षण और परिचय कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य सदस्यों को संसदीय नियमों और परंपराओं से परिचित कराना तथा सदन की कार्यवाही को अधिक प्रभावी बनाने में सहयोग देना है।
दो दिवसीय इस कार्यक्रम के दौरान नए सदस्यों को संसद भवन की कार्यप्रणाली, डिजिटल संसदीय सुविधाओं और सदन से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी जा सकती है। इसके माध्यम से नए सांसदों को अपने कार्यकाल की शुरुआत बेहतर तैयारी और समझ के साथ करने में मदद मिलेगी।
राज्यसभा सचिवालय को उम्मीद है कि यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम नए सदस्यों के लिए उपयोगी साबित होगा और वे सदन में अपनी जिम्मेदारियों को अधिक प्रभावी तरीके से निभा सकेंगे। कार्यक्रम के माध्यम से संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करने और सदन की कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में भी सकारात्मक पहल की जा रही है।