नई दिल्ली। भारत शनिवार को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराकर मुख्य समारोह का नेतृत्व करेंगे। इसके बाद वह लगातार 13वीं बार लाल किले से देश को संबोधित करेंगे। वर्ष 2026 में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के कारण समारोह में इसकी ऐतिहासिक विरासत को विशेष स्थान दिया गया है।
स्वतंत्रता दिवस समारोह शनिवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले पहुंचने के साथ शुरू होगा। वहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह उनका स्वागत करेंगे। रक्षा सचिव प्रधानमंत्री का परिचय दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल राजेश सेठी से कराएंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री सलामी मंच की ओर बढ़ेंगे।
थल सेना, नौसेना, वायुसेना और दिल्ली पुलिस का संयुक्त दस्ता प्रधानमंत्री को सलामी देगा। इस गार्ड ऑफ ऑनर में चारों सेवाओं के एक-एक अधिकारी और 24-24 जवान शामिल होंगे। इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह के समन्वय की जिम्मेदारी भारतीय सेना को दी गई है। गार्ड ऑफ ऑनर का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल अर्जुन सिंह करेंगे।
प्रधानमंत्री गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करने के बाद लाल किले की प्राचीर पर पहुंचेंगे। यहां रक्षा मंत्री, रक्षा राज्य मंत्री, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष और तीनों सेनाओं के प्रमुख उनका स्वागत करेंगे। प्रधानमंत्री के ध्वजारोहण में कैप्टन सोनिया सिंह चौहान सहायता करेंगी।
राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के साथ ही 1721 फील्ड बैटरी से 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। इस समारोह में स्वदेशी 105 एमएम लाइट फील्ड गन का इस्तेमाल होगा। मेजर पवन सिंह शेखावत इस बैटरी का नेतृत्व करेंगे। ध्वजारोहण के समय थल सेना, नौसेना, वायुसेना और दिल्ली पुलिस के जवानों से बना राष्ट्रीय ध्वज गार्ड ‘राष्ट्रीय सलामी’ देगा।
तिरंगा फहराए जाने के बाद सेना का बैंड ‘वंदे मातरम्’ की धुन बजाएगा और लाल किले में मौजूद लोग राष्ट्रीय गीत गाएंगे। इसके बाद राष्ट्रगान होगा। रक्षा मंत्रालय के अनुसार स्वतंत्रता दिवस पर ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से पहली बार ‘वंदे मातरम्’ गाया जाएगा। वर्ष 2026 में राष्ट्रीय गीत की 150 वर्ष पुरानी विरासत को सम्मान देने के लिए इसे समारोह का प्रमुख हिस्सा बनाया गया है।
ध्वजारोहण के साथ भारतीय वायुसेना के दो Mi-17 हेलीकॉप्टर समारोह स्थल पर पुष्पवर्षा करेंगे। इनमें एक हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज और दूसरा ‘वंदे मातरम्’ अंकित ध्वज प्रदर्शित करेगा। इनके पायलट विंग कमांडर रजत और स्क्वाड्रन लीडर अंकित वार्ष्णेय होंगे। पुष्पवर्षा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र को संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री वर्ष 2014 से लगातार स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते आ रहे हैं। शनिवार का संबोधन उनका लगातार 13वां भाषण होगा। इसमें सरकार की उपलब्धियों, राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, विकसित भारत के लक्ष्य, युवा शक्ति और भविष्य की प्राथमिकताओं का उल्लेख किए जाने की संभावना है।
प्रधानमंत्री का संबोधन समाप्त होने के बाद राष्ट्रीय कैडेट कोर और ‘मेरा भारत’ के स्वयंसेवक ‘वंदे मातरम्’ गाएंगे। इसके बाद राष्ट्रगान होगा। समारोह में एनसीसी के बालक एवं बालिका कैडेटों और मेरा भारत के स्वयंसेवकों सहित करीब 2,500 युवा भाग लेंगे। ये ज्ञानपथ पर बैठकर ‘वंदे मातरम्’ की आकृति बनाएंगे। वहां ‘विकसित भारत 2047’ विषय पर विशेष सजावट भी की गई है।
समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से लगभग पांच हजार विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। इनमें महिला उद्यमी, स्वच्छता कर्मचारी, स्ट्रीट वेंडर, युवा नवप्रवर्तक, सामाजिक योजनाओं के लाभार्थी और उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवक शामिल हैं।
स्वतंत्रता दिवस समारोह का सीधा प्रसारण दूरदर्शन के डीडी नेशनल, डीडी न्यूज और अन्य डिजिटल मंचों पर किया जाएगा। दर्शक पीआईबी और सरकारी सोशल मीडिया मंचों पर भी ध्वजारोहण तथा प्रधानमंत्री का संबोधन देख सकेंगे।