सरदार पटेल की जयंती पर राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने दी श्रद्धांजलि, खरगे बोले- एकता के शिल्पकार
नई दिल्ली। भारत के पहले उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर शनिवार, 31 अक्टूबर को कांग्रेस नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने लौह पुरुष के योगदान को याद करते हुए देश की एकता और अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर कई सांसदों और पूर्व सांसदों ने भी नई दिल्ली स्थित संविधान सदन में सरदार पटेल की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के बाद बिखरी हुई रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर आधुनिक भारत की मजबूत नींव रखी थी।
राहुल गांधी ने बताया एकता का सूत्रधार
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी जयंती पर सादर नमन किया। उन्होंने पटेल को देश की एकता का सूत्रधार और आधुनिक भारत का शिल्पकार बताया।
राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि भारत के पहले गृह मंत्री और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता, अखंडता और भाईचारे की मजबूत नींव रखी थी। उनके आदर्श हमेशा देशवासियों को प्रेरित करते रहेंगे।
राहुल गांधी का यह संदेश ऐसे समय आया है, जब राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर देशभर में सरदार पटेल के योगदान को याद किया जा रहा है। उन्होंने उनके ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित करते हुए देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।
खरगे बोले- पटेल की विरासत देश की अमूल्य धरोहर
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें आधुनिक भारत की एकता और अखंडता का शिल्पकार बताया। उन्होंने एक्स पर अपनी पोस्ट में सरदार पटेल के एक विचार को साझा किया।
खरगे ने लिखा, ''जब जनता एक हो जाती है, तब उसके सामने क्रूर से क्रूर शासन भी नहीं टिक सकता।''
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का अदम्य साहस, दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण देश की अमूल्य विरासत है। भारत को एक सूत्र में पिरोकर मजबूत और अखंड राष्ट्र की नींव रखने में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा है।
खरगे ने कहा कि सरदार पटेल के आदर्श हमेशा देश को एकता, लोकतंत्र और राष्ट्रसेवा के रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहेंगे। उन्होंने उन्हें स्वतंत्र भारत के पहले उपप्रधानमंत्री के साथ-साथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के रूप में भी याद किया।
सोनिया गांधी समेत कई नेताओं ने संविधान सदन में किया नमन
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के कई सांसदों तथा पूर्व सांसदों ने संविधान सदन में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
इस दौरान नेताओं ने सरदार पटेल की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम में उनके स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान, देशी रियासतों के एकीकरण और राष्ट्र निर्माण में निभाई गई भूमिका को याद किया गया।
कांग्रेस नेताओं ने सरदार पटेल को ऐसा व्यक्तित्व बताया, जिन्होंने देश की आजादी के बाद राष्ट्रीय एकीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनके प्रयासों से भारत की राजनीतिक एकता को मजबूती मिली और एक अखंड राष्ट्र के निर्माण का रास्ता तैयार हुआ।
500 से अधिक रियासतों के एकीकरण में निभाई थी अहम भूमिका
सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। वह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेताओं में शामिल थे। आजादी के बाद उन्होंने देश के पहले उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली।
स्वतंत्रता के समय भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक देशी रियासतों का एकीकरण था। उस समय देश में 500 से अधिक रियासतें थीं। इन सभी को भारतीय संघ में शामिल करना एक बड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक चुनौती थी।
सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, कूटनीतिक कौशल और राजनीतिक नेतृत्व के जरिए इस काम को आगे बढ़ाया। उनके प्रयासों के कारण भारतीय संघ की एकता को मजबूत आधार मिला। इसी योगदान के कारण उन्हें 'लौह पुरुष' की उपाधि से जाना जाता है।
राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाती है जयंती
सरदार पटेल की जयंती को वर्ष 2014 से राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन देशभर में एकता दौड़, शपथ कार्यक्रम और विभिन्न सांस्कृतिक एवं सामाजिक आयोजन किए जाते हैं।
इसका उद्देश्य नागरिकों को देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। सरकारी संस्थानों, शैक्षणिक परिसरों और विभिन्न संगठनों में लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई जाती है।
इस बार भी 151वीं जयंती पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई अन्य नेताओं ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि दी। देशभर में आयोजित कार्यक्रमों में उनके राष्ट्र निर्माण संबंधी योगदान को याद किया गया।
पटेल की विरासत को लेकर राजनीतिक चर्चा भी जारी
सरदार पटेल की जयंती पर कांग्रेस नेताओं का श्रद्धांजलि कार्यक्रम ऐसे समय हुआ है, जब उनकी राजनीतिक विरासत को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी भी देखने को मिली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने लंबे समय तक सरदार पटेल को उचित सम्मान नहीं दिया। वहीं कांग्रेस नेताओं ने उनके योगदान और पार्टी से जुड़े ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित किया।
हालांकि, श्रद्धांजलि कार्यक्रम में राहुल गांधी और खरगे के संदेशों का मुख्य जोर राष्ट्रीय एकता, लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण पर रहा।
कुल मिलाकर, सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें याद करते हुए देश की एकता और अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। नेताओं ने कहा कि लौह पुरुष के आदर्श आने वाली पीढ़ियों को भी राष्ट्रसेवा और सामाजिक एकजुटता के लिए प्रेरित करते रहेंगे।