नई दिल्ली : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोपों से जुड़ी शिकायत पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय को शिकायत में लगाए गए आरोपों का कानून के अनुसार सत्यापन करने के लिए कहा था। राहुल गांधी ने इसके साथ ही एक अलग स्थानांतरण याचिका दाखिल कर मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट से दिल्ली हाईकोर्ट भेजने की मांग की है।
राहुल गांधी की दोनों याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में 17 अगस्त को सुनवाई प्रस्तावित है। सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक कॉज लिस्ट में राहुल गांधी बनाम एस. विग्नेश शिशिर एवं अन्य से संबंधित याचिका को सूचीबद्ध किया गया है। इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की विशेष पीठ सुनवाई करेगी। [सुप्रीम कोर्ट की कॉज लिस्ट](https://api.sci.gov.in/jonew/cl/2026-08-17/M_J_1.pdf) में संबंधित याचिका डायरी संख्या 47778-2026 के रूप में दर्ज है।
 बीजेपी कार्यकर्ता की शिकायत से जुड़ा मामला
मामला कर्नाटक निवासी बीजेपी कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने राहुल गांधी के पास उनकी ज्ञात आय से अधिक संपत्ति होने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि किसी अदालत ने नहीं की है और मामला अभी शिकायत के सत्यापन तथा कानूनी जांच के स्तर पर है।
शिकायत पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने मई में कहा था कि यदि जांच एजेंसियों को शिकायत प्राप्त हुई है तो उसमें लगाए गए आरोपों का कानून के दायरे में सत्यापन किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने सीबीआई और ईडी को यह स्वतंत्रता भी दी थी कि वे उपलब्ध सामग्री के आधार पर उचित कानूनी कदम उठा सकती हैं।
इसके साथ ही दोनों केंद्रीय एजेंसियों को जांच या सत्यापन में हुई प्रगति से हाईकोर्ट को अवगत कराने के लिए कहा गया था। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार विग्नेश शिशिर की सीबीआई एवं अन्य के खिलाफ याचिका और राहुल गांधी से जुड़ा मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में लंबित हैं। [इलाहाबाद हाईकोर्ट के लंबित मामलों की सूची]
 सात अगस्त को दायर कीं दो याचिकाएं
राहुल गांधी ने सात अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल कीं। पहली याचिका में उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें जांच एजेंसियों को आरोपों का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए थे। दूसरी स्थानांतरण याचिका में उन्होंने पूरे मामले को दिल्ली हाईकोर्ट भेजने की मांग की है।
अब सुप्रीम कोर्ट को यह तय करना है कि हाईकोर्ट के निर्देशों में हस्तक्षेप की आवश्यकता है या नहीं। इसके अलावा शीर्ष अदालत स्थानांतरण याचिका पर भी विचार करेगी। राहुल गांधी की ओर से याचिका में किन कानूनी आधारों पर केस दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की गई है, इसका विस्तृत विवरण सुनवाई के दौरान सामने आ सकता है।
 सीबीआई के हलफनामे से संतुष्ट नहीं था हाईकोर्ट
इस मामले की 20 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीबीआई द्वारा दाखिल हलफनामे पर असंतोष व्यक्त किया था। अदालत का कहना था कि एजेंसी का हलफनामा उसके पहले दिए गए निर्देशों के अनुरूप नहीं था। वहीं, कोर्ट ने ईडी की ओर से उठाए गए कदमों को रिकॉर्ड पर लिया था।
हाईकोर्ट ने कहा था कि सत्यापन के दौरान ईडी को कोई प्रासंगिक जानकारी या सामग्री मिलती है तो वह कानून के अनुसार जरूरी कार्रवाई कर सकती है। इस मामले में हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 20 अगस्त की तारीख निर्धारित की है। इससे पहले 17 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी की याचिकाओं पर होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय यह स्पष्ट कर सकता है कि हाईकोर्ट में चल रही कार्यवाही जारी रहेगी, उस पर रोक लगेगी या मामला दिल्ली हाईकोर्ट स्थानांतरित किया जाएगा। फिलहाल राहुल गांधी के खिलाफ लगाए गए आरोप केवल शिकायत का हिस्सा हैं और उनकी सत्यता पर कोई अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं आया है।
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