खाड़ी देशों में भारतीयों की मौत का बढ़ता आंकड़ा, 3 साल में 800 से ज्यादा ने गंवाई जान
इनमें संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन जैसे देश शामिल हैं।
New Delhi: खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में भारतीय कामगारों की मौत हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तीन साल में 800 से ज्यादा भारतीयों ने खाड़ी देशों में अपनी जान गंवाई, यानी औसतन हर हफ्ते करीब तीन भारतीयों की मौत हुई।
इन मौतों के पीछे सबसे बड़ी वजहों में भीषण गर्मी, काम के दौरान हादसे, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और कठिन कार्य परिस्थितियां सामने आई हैं।
गर्मी और कठिन हालात बनी बड़ी वजह
खाड़ी देशों में तापमान गर्मियों के दौरान कई बार 45 से 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। ऐसे में खुले में काम करने वाले मजदूरों को हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
निर्माण क्षेत्र, सड़क परियोजनाओं और अन्य मेहनत वाले कामों में लगे भारतीय श्रमिक सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।
सड़क हादसों और कार्यस्थल दुर्घटनाओं में भी मौतें
प्रवासी भारतीयों की मौत का एक बड़ा कारण सड़क दुर्घटनाएं और कार्यस्थल पर होने वाले हादसे भी हैं। कई भारतीय कामगार निर्माण स्थलों, फैक्ट्रियों और औद्योगिक क्षेत्रों में जोखिम भरे माहौल में काम करते हैं।
सुरक्षा उपकरणों की कमी, लंबे काम के घंटे और पर्याप्त आराम न मिलने जैसी समस्याएं भी दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ाती हैं।
बड़ी संख्या में भारतीय करते हैं काम
भारत से लाखों लोग रोजगार के लिए खाड़ी देशों का रुख करते हैं। इनमें संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन जैसे देश शामिल हैं।
इन देशों में भारतीय समुदाय सबसे बड़े प्रवासी समूहों में से एक है। इनमें बड़ी संख्या में श्रमिक, तकनीकी कर्मचारी, ड्राइवर, इंजीनियर और अन्य पेशेवर शामिल हैं।
सरकार और दूतावासों की भूमिका पर सवाल
इन घटनाओं के बाद प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सरकार और भारतीय मिशनों की भूमिका पर भी चर्चा होती रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि कामगारों के लिए बेहतर सुरक्षा नियम, स्वास्थ्य सुविधाएं और समय पर सहायता व्यवस्था जरूरी है।
प्रवासी भारतीयों को भी विदेश जाने से पहले रोजगार अनुबंध, कंपनी की जानकारी और सुरक्षा नियमों की पूरी जांच करने की सलाह दी जाती है।
सुरक्षित कामकाजी माहौल की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। इसके लिए नियोक्ताओं की जिम्मेदारी तय करने, श्रमिकों को जागरूक करने और आपातकालीन सहायता व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है।