दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड, BS-VI मानकों को पूरा न करने वाले वाहनों के प्रवेश पर लगी पाबंदी के कारण सोमवार को लगातार दूसरे दिन राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर ट्रैफिक बाधित रहा। दिल्ली पुलिस द्वारा चेकिंग तेज किए जाने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को वापस लौटाए जाने की वजह से लोगों को लंबी कतारों और देरी का सामना करना पड़ा।
ट्रैफिक जाम पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार ने चार महीने पहले ही अपना 'विंटर एक्शन प्लान' घोषित कर दिया था, जिससे लोगों को दिल्ली आने के लिए वैकल्पिक इंतजाम करने का पर्याप्त समय मिल गया था। उन्होंने कहा, "जो लोग दिल्ली आना चाहते हैं, उनके पास कई विकल्प हैं। दिल्ली आने के लिए BS-VI मानकों से नीचे वाली कार लाना जरूरी नहीं है। मुझे पता है कि मैं सड़क मार्ग से गोवा नहीं जा सकती, इसलिए मैं फ्लाइट से जाऊंगी। अब यह आप पर निर्भर है कि आप दिल्ली कैसे आना चाहते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "अगर मेरे शहर में प्रदूषण है और हवा प्रदूषित है, तो हम इसे क्यों होने दें? इसलिए, हमें सख्त होना ही होगा।" इस बीच, चेकिंग अभियान के कारण कई प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। DND पर, नोएडा की ओर जाने वाली लेन में भारी ट्रैफिक जाम देखा गया, क्योंकि वाहनों को चेकिंग के लिए रोका जा रहा था। नोएडा के पास चिल्ला बॉर्डर (सेक्टर 14-A) पर भी ऐसी ही स्थिति थी, जहां दिल्ली पुलिस के जवान वाहनों की जांच कर रहे थे और BS-IV मानकों वाले वाहनों को वापस लौटा रहे थे। गाजीपुर के पास स्थिति विशेष रूप से कठिन थी, जहां दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया। हाईवे पर वाहन रेंगते हुए नजर आए, और इसी जाम में एक एम्बुलेंस भी फंस गई।
इसका असर केवल नोएडा से दिल्ली आने वाले वाहनों तक ही सीमित नहीं था। हालांकि नोएडा से दिल्ली आने वाली लेन में उतना भारी जाम नहीं था, लेकिन यमुना पुल से दिल्ली की ओर आने वाले रास्ते पर ट्रैफिक प्रभावित रहा। सराय काले खां, आउटर रिंग रोड और उसके नीचे की सर्विस रोड के आसपास भी भारी ट्रैफिक देखा गया। दिल्ली-फरीदाबाद बॉर्डर पर भी दिल्ली पुलिस वाहनों की जांच कर रही थी और BS-IV वाहनों को वापस लौटा रही थी, जिससे राजधानी में प्रवेश करने वाली सड़कों पर दबाव और बढ़ गया।
लगातार हो रही चेकिंग के कारण कई प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर जाम लग गया। पाबंदी लागू होने के दूसरे दिन लोगों को भारी देरी और परेशानी का सामना करना पड़ा। सीमाओं पर देखने को मिले हालात से यह भी पता चलता है कि कई प्रवेश बिंदुओं पर वाहनों की जांच का असर, आसपास के राजमार्गों और सड़कों पर मौजूद ट्रैफिक पर कितनी जल्दी पड़ सकता है। इसके अलावा, त्योहारों के मौसम को देखते हुए और वाहनों की आवाजाही तथा लोगों की भीड़ बढ़ने के कारण, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पूरे शहर में सख्ती बढ़ा दी है और ट्रैफिक प्रबंधन के उपाय तेज कर दिए हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, 'नो-एंट्री' के समय भारी और कमर्शियल वाहनों की अनधिकृत आवाजाही को रोकने के लिए महत्वपूर्ण जगहों पर 12 विशेष ट्रैफिक पिकेट (चौकियां) बनाए गए हैं। नियमों के उल्लंघन के लिए कुल 433 चालान काटे गए।
पुलिस ने दिल्ली में रजिस्टर्ड 10 कमर्शियल वाहनों के परमिट रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड 66 वाहनों के परमिट रद्द करने की सिफारिश संबंधित क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरणों (RTA) को भेज दी गई है। ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए, प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में हर दिन अतिरिक्त पुलिस बल (जिसमें पुलिस की एक कंपनी और लगभग 100 दिल्ली होम गार्ड शामिल हैं) तैनात किया जा रहा है।
सदर बाजार, करोल बाग और चांदनी चौक जैसे व्यस्त बाजारों के साथ-साथ ISBT कश्मीरी गेट, नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन जैसे ट्रांसपोर्ट हब के आसपास भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि पिछले एक हफ्ते में अतिक्रमण हटाने के लिए 27 अभियान चलाए गए। इसके तहत 1,974 चालान काटे गए, 389 रेहड़ी-पटरी हटाई गईं, 1,231 वाहनों में क्लैंप लगाए गए और 112 वाहनों को टो (क्रेन से उठाकर) किया गया। साथ ही, रास्ते में रुकावट डालने वाली 78 वस्तुओं को भी जब्त किया गया।
पुलिस का कहना है कि त्योहारों के मौसम में ट्रैफिक सुचारू रूप से चलता रहे और पैदल चलने वालों की सुरक्षा बनी रहे, इसके लिए ये उपाय आगे भी जारी रहेंगे। दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड नॉन-BS-VI वाहनों पर लगी रोक पर HC ने रोक लगाने से इनकार किया दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड, नॉन-BS-VI मानकों वाले वाहनों के प्रवेश पर लगी रोक (जो 1 नवंबर से 31 जनवरी तक लागू है) पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव साम्ब्रे और न्यायमूर्ति संजय शर्मा की बेंच ने 23 जून की अधिसूचना को चुनौती देने वाली एक याचिका पर नोटिस जारी किया और मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर के लिए तय की। याचिकाकर्ता, फरीदाबाद के वकील गुरमुख दास कोहली ने तर्क दिया कि यह प्रतिबंध भेदभावपूर्ण है, क्योंकि दिल्ली में रजिस्टर्ड पुराने (प्री-BS-VI) वाहनों को छूट दी गई है, जबकि उनके उत्सर्जन मानक (emission standards) भी लगभग एक जैसे ही हैं। याचिका में AQI-आधारित मूल्यांकन न होने पर भी सवाल उठाया गया और संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत इस वर्गीकरण को चुनौती दी गई।
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