नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में नकली नोटों की सप्लाई करने वाले एक कथित नेटवर्क का खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस ने पहाड़गंज इलाके में छापेमारी कर बिहार के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी नकली भारतीय करेंसी को असली नोटों के बदले बेचने के इरादे से दिल्ली पहुंचे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से कुल 2 लाख 65 हजार 100 रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी 36 वर्षीय दिनेश कुमार झा और 20 वर्षीय सतीश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस अब नकली नोटों के मुख्य सप्लायर और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। 5 नवंबर को पहाड़गंज थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि दो युवक नकली नोटों की खेप लेकर दिल्ली पहुंचे हैं और उसे बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों ने विशेष टीम गठित की। टीम ने संदिग्धों की गतिविधियों के संबंध में जानकारी जुटाई और उनके ठिकाने पर छापेमारी की योजना बनाई।
पुलिस को पता चला कि दोनों आरोपी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के सामने स्थित नीलम गेस्ट हाउस में ठहरे हुए हैं। इसके बाद एसआई एसएन ओझा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गेस्ट हाउस में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान दोनों युवकों को पकड़ लिया गया। तलाशी लेने पर उनके पास से बड़ी मात्रा में नकली भारतीय करेंसी बरामद हुई। दिनेश कुमार झा के कब्जे से 2 लाख 45 हजार 100 रुपये और सतीश कुमार के पास से 20 हजार रुपये के नकली नोट मिले। बरामद करेंसी में 500, 200, 100 और 50 रुपये के नोट शामिल थे। नोटों की जांच के लिए क्राइम टीम और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम को भी मौके पर बुलाया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे नकली नोटों को बेचकर असली रकम हासिल करना चाहते थे। उनकी योजना एक लाख रुपये की नकली करेंसी के बदले 25 से 30 हजार रुपये के असली नोट लेने की थी। इसके लिए दोनों दिल्ली में संभावित खरीदारों की तलाश कर रहे थे। हालांकि, किसी ग्राहक से सौदा तय होने से पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि उन्हें नकली नोट मुजफ्फरपुर के एक व्यक्ति ने उपलब्ध कराए थे। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, संदिग्ध सप्लायर की पहचान फिलहाल 'एस' नाम से सामने आई है। पुलिस उसकी वास्तविक पहचान और भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस रिकॉर्ड की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी दिनेश कुमार झा पहले भी नकली करेंसी से जुड़े मामले में आरोपी रह चुका है। वर्ष 2023 में दिल्ली के पटपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र थाने में उसके खिलाफ नकली नोटों से संबंधित मामला दर्ज हुआ था। पुलिस अब उसके पुराने संपर्कों की भी पड़ताल कर रही है। दोनों आरोपियों के खिलाफ पहाड़गंज थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोट कहां तैयार किए गए थे और इन्हें दिल्ली तक पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका रही। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या आरोपियों का संबंध किसी बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क से है। इस कार्रवाई से नकली नोटों की एक खेप बाजार में पहुंचने से पहले ही पकड़ ली गई। हालांकि, पूरे नेटवर्क का खुलासा होना अभी बाकी है। पुलिस सप्लायर और अन्य संभावित सहयोगियों की पहचान करने में जुटी है।