नई दिल्ली। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रस्तावित फ्रांस यात्रा को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने शनिवार को मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उनकी विदेश यात्रा के उद्देश्य और सरकारी खर्च को लेकर सवाल उठाए। चुघ ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशीले पदार्थों की समस्या और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों के बीच मुख्यमंत्री सरकारी दौरे की आड़ में फ्रांस में जन्मदिन की पार्टी आयोजित करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध की घटनाओं से लोगों की चिंताएं बढ़ रही हैं, जबकि मुख्यमंत्री विदेश यात्रा को प्राथमिकता दे रहे हैं। हालांकि, जन्मदिन की पार्टी आयोजित किए जाने और उस पर सरकारी धन खर्च होने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
फ्रांस यात्रा को लेकर तरुण चुघ ने उठाए सवाल
राष्ट्रीय राजधानी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा नेता तरुण चुघ ने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान अपनी पत्नी के साथ फ्रांस में जन्मदिन मनाने के उद्देश्य से जा रहे हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि इस यात्रा को आधिकारिक कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि पंजाब में कई गंभीर समस्याओं पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।चुघ ने कहा कि राज्य में नशे की समस्या, गैंगस्टरों की गतिविधियां और अपराध से जुड़ी घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। उनके अनुसार, ऐसे समय मुख्यमंत्री को प्रशासनिक व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
नशे की समस्या को लेकर आप सरकार पर निशाना
तरुण चुघ ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर नशीले पदार्थों की तस्करी और नशे की लत पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पाने का आरोप लगाया।उन्होंने दावा किया कि पंजाब के अनेक गांवों और शहरों में युवा नशे की समस्या से प्रभावित हैं। चुघ ने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को भी अपराधियों से खतरा महसूस हो रहा है।भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां और प्रशासनिक व्यवस्था इस समस्या से निपटने में पर्याप्त प्रभावी साबित नहीं हुई हैं।उन्होंने राज्य सरकार से नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने और प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
नशा विरोधी कार्यकर्ता की हत्या पर भी सवाल
पंजाब के मानसा जिले में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है।इस घटना के संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी पंजाब सरकार से रिपोर्ट मांगने की घोषणा की है। केंद्र सरकार ने संबंधित घटनाओं पर विस्तृत जानकारी मांगी है।दूसरी ओर, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए सीमा सुरक्षा और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने में केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
फ्रांस में अंतरराष्ट्रीय खाद्य प्रदर्शनी में हिस्सा लेने की योजना
पंजाब सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान की फ्रांस यात्रा का आधिकारिक उद्देश्य पेरिस में 17 से 21 अक्टूबर के बीच आयोजित अंतरराष्ट्रीय खाद्य प्रदर्शनी SIAL Paris 2026 में हिस्सा लेना है।इस प्रदर्शनी में पंजाब के सहकारी विपणन संगठन मार्कफेड की भागीदारी है। राज्य सरकार का कहना है कि यात्रा का उद्देश्य पंजाब के कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ावा देना तथा व्यापारिक अवसर तलाशना है।मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के शामिल होने की भी योजना है
हाई कोर्ट से मिली फ्रांस यात्रा की अनुमति
इससे पहले केंद्र सरकार ने भगवंत मान की प्रस्तावित फ्रांस यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। इसके खिलाफ पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का रुख किया।शुक्रवार, 16 अक्टूबर को न्यायमूर्ति त्रिभुवन दहिया की पीठ ने पंजाब सरकार की याचिका स्वीकार करते हुए केंद्र के फैसले को निरस्त कर दिया।अदालत से राहत मिलने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर उनकी विदेश यात्राओं में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य के हितों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए बार-बार अनुमति रोकना उचित नहीं है।
कानून-व्यवस्था पर आम आदमी पार्टी और भाजपा आमने-सामने
पंजाब में नशे की समस्या और कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा तथा आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।भाजपा नेताओं का आरोप है कि राज्य सरकार अपराध और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने में पर्याप्त कदम नहीं उठा रही है। वहीं, आम आदमी पार्टी सरकार का कहना है कि वह नशा विरोधी अभियान के तहत लगातार कार्रवाई कर रही है।मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 16 अक्टूबर को नशा विरोधी अभियान और कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिए वरिष्ठ पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक भी निर्धारित की थी। इसमें नशा प्रभावित क्षेत्रों में अभियान, स्थानीय निगरानी समितियों और विभागीय समन्वय की समीक्षा शामिल थी।
विदेश यात्रा के खर्च और उद्देश्य पर राजनीतिक विवाद
तरुण चुघ ने मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा के औचित्य पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार को राज्य की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देनी चाहिए।हालांकि, फ्रांस में निजी जन्मदिन समारोह आयोजित किए जाने और सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग से जुड़े उनके आरोपों की पुष्टि करने वाले दस्तावेज सामने नहीं आए हैं।फिलहाल भगवंत मान की फ्रांस यात्रा, नशे के खिलाफ सरकारी कार्रवाई और राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।
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