JNU परिसर में देशभक्ति कार्यक्रम के बीच विवादित नारों से मचा बवाल
स्वतंत्रता दिवस पर JNU में हंगामा तिरंगा यात्रा के दौरान बढ़ा विवाद
नई दिल्ली: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की ओर से निकाली गई तिरंगा यात्रा के विरोध में कथित तौर पर विवादित नारे लगाए जाने का मामला सामने आया। घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में तनाव का माहौल बन गया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे।
जानकारी के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर ABVP कार्यकर्ताओं ने JNU परिसर में तिरंगा यात्रा निकाली थी। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर शामिल हुए और देशभक्ति के नारे लगाए। यात्रा के दौरान ‘वंदे मातरम्’ और भारत माता के जयकारे भी लगाए गए। हालांकि, इस तिरंगा यात्रा को लेकर कुछ छात्र संगठनों की ओर से विरोध जताया गया। आरोप है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ विवादित नारे लगाए गए, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया। ABVP ने इसे राष्ट्रविरोधी गतिविधि बताते हुए कार्रवाई की मांग की, जबकि विरोध करने वाले छात्रों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा मामला बताया।
JNU पहले भी छात्र राजनीति और वैचारिक टकराव को लेकर सुर्खियों में रहा है। परिसर में अलग-अलग विचारधाराओं से जुड़े छात्र संगठनों के बीच कई बार विवाद सामने आ चुके हैं। हाल के वर्षों में ABVP और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच कई मुद्दों को लेकर टकराव देखने को मिला है। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए परिसर में निगरानी बढ़ाई गई। प्रशासन की ओर से छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की गई।
ABVP का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर तिरंगा यात्रा निकालना देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। संगठन ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
वहीं, विरोध करने वाले छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने किसी भी तरह के टकराव से बचने की अपील करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। JNU में हुए इस घटनाक्रम ने एक बार फिर कैंपस में छात्र राजनीति, अभिव्यक्ति की आजादी और राष्ट्रवाद को लेकर बहस तेज कर दी है। स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर हुई इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। विवादित नारों और प्रदर्शन से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।