दिल्ली प्रोटेस्ट हिंसा पर एल्विश यादव की प्रतिक्रिया, छात्रों के समर्थन में उठाई आवाज
छात्रों के प्रदर्शन पर बोले एल्विश यादव, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बयान
YouTuber और रियलिटी शो विनर एल्विश यादव ने दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन छात्रों ने जायज़ मुद्दे उठाए, उन्हें हिंसा का सामना नहीं करना चाहिए था। X पर अपनी बात रखते हुए एल्विश ने साफ़ किया कि उनकी राय किसी राजनीतिक जुड़ाव से प्रेरित नहीं है।
उन्होंने लिखा, "मैं न तो BJP का समर्थक हूँ और न ही कांग्रेस का। लेकिन छात्रों के साथ जो हो रहा है, वह पूरी तरह गलत है। जो छात्र जायज़ मुद्दों को लेकर आगे आए, उन्हें हिंसा का शिकार नहीं बनाया जाना चाहिए था। उनकी बात सुनी जानी चाहिए और उचित कार्रवाई होनी चाहिए।"
विरोध प्रदर्शन के बारे में
उनकी यह पोस्ट सोमवार (20 जुलाई) को CJP के 'चलो संसद' मार्च के दौरान हुई झड़पों के बाद आई। यह विरोध प्रदर्शन परीक्षा में कथित अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। CJP ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च का आह्वान किया था, जहाँ प्रदर्शनकारी लगभग एक महीने से डेरा डाले हुए थे।
मानसून सत्र के पहले दिन विरोध स्थल पर हज़ारों लोग जमा हुए। हालाँकि, जब प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की, तो भारी सुरक्षा तैनाती के कारण मार्च को रोक दिया गया।
दिल्ली पुलिस की प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को "अनियंत्रित, आक्रामक और हिंसक" बताया।
एक आधिकारिक बयान में पुलिस ने कहा कि बार-बार चेतावनी और कानूनी निर्देशों के बावजूद, प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं हुए और लागू निषेधाज्ञा आदेशों का उल्लंघन किया। पुलिस ने आगे आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर और अन्य चीज़ों से हमला किया, बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की, पुलिस और सरकारी गाड़ियों में तोड़-फोड़ की, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाया और "बड़े पैमाने पर हिंसा की, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और अपनी कानूनी ड्यूटी निभा रहे पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा हुआ।"
बयान के अनुसार, झड़पों के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारियों और महिला पुलिसकर्मियों सहित 118 से ज़्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। इसमें यह भी कहा गया कि लगभग 60 प्रदर्शनकारी घायल हुए, जबकि बाकी घायल पुलिसकर्मियों की मेडिको-लीगल जांच (MLC) अभी चल रही थी। जैसे-जैसे स्थिति बिगड़ी, मंडी हाउस, पटेल चौक, जनपथ, जंतर-मंतर और संसद स्ट्रीट सहित कई जगहों से प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश करने के बाद, सुरक्षाकर्मियों ने शास्त्री भवन के पास आंसू गैस का इस्तेमाल किया। बाद में शाम को, पुलिस ने प्रदर्शन वाली जगह को खाली कराया और मंच को हटा दिया। इस कार्रवाई के बावजूद, CJP ने कहा कि उनका आंदोलन जारी रहेगा और प्रदर्शनकारी वहीं डटे रहेंगे।