लाइफ स्टाइल : तीज का त्योहार महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन पूजा-पाठ और श्रृंगार के साथ घरों में कई तरह के स्वादिष्ट पकवान भी बनाए जाते हैं। तीज की थाली में मिठाई पूरी सब्जी और रायते के साथ अगर गरमागरम कचौरी मिल जाए तो खाने का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। इस बार तीज पर आप सामान्य पूरी की जगह मसालेदार आलू से भरी खस्ता कचौरी तैयार कर सकती हैं। गेहूं के आटे से बनने वाली यह कचौरी बाहर से करारी और अंदर से स्वादिष्ट होती है।
आलू की कचौरी तैयार करने के लिए आपको गेहूं का आटा दो बड़े चम्मच तेल थोड़ा नमक और जरूरत के अनुसार पानी चाहिए। भरावन बनाने के लिए चार उबले हुए आलू एक छोटा चम्मच जीरा आधा छोटा चम्मच सौंफ आधा छोटा चम्मच अजवाइन एक छोटा चम्मच धनिया पाउडर आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर आधा छोटा चम्मच गरम मसाला थोड़ा अमचूर पाउडर स्वादानुसार नमक और बारीक कटा हरा धनिया लें। आलू का मसाला तैयार करने के लिए एक छोटा चम्मच तेल भी रखें।
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में आवश्यकतानुसार गेहूं का आटा लें। इसमें थोड़ा नमक और दो बड़े चम्मच तेल डालकर हाथों से अच्छी तरह मिला लें। तेल आटे के हर हिस्से में अच्छी तरह मिलना चाहिए क्योंकि इससे कचौरी की बाहरी परत खस्ता बनती है। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए मुलायम आटा गूंथ लें। आटा न बहुत सख्त होना चाहिए और न ही ज्यादा गीला। तैयार आटे को ढककर करीब 15 से 20 मिनट के लिए रख दें।
अब उबले हुए आलू को छीलकर अच्छी तरह मैश कर लें। ध्यान रखें कि आलू में बड़े टुकड़े न रहें क्योंकि इससे कचौरी भरते समय उसकी परत फट सकती है। इसके बाद कड़ाही में एक छोटा चम्मच तेल गर्म करें। तेल गर्म होने पर उसमें जीरा सौंफ और अजवाइन डालें। मसाले हल्के चटकने लगें तो मैश किए हुए आलू डालकर अच्छी तरह मिला लें।
आलू में धनिया पाउडर लाल मिर्च पाउडर गरम मसाला अमचूर पाउडर और स्वादानुसार नमक डालें। मिश्रण को धीमी से मध्यम आंच पर कुछ मिनट तक भूनें ताकि मसालों की कच्ची खुशबू समाप्त हो जाए। आखिर में बारीक कटा हरा धनिया मिलाकर गैस बंद कर दें। तैयार भरावन को एक प्लेट में निकालकर पूरी तरह ठंडा होने दें। गर्म भरावन आटे में भरने से कचौरी फट सकती है।
आटे को एक बार फिर हल्के हाथ से गूंथकर उसकी बराबर आकार की लोइयां बना लें। एक लोई को हथेली से दबाकर थोड़ा फैलाएं और उसके बीच में एक से दो चम्मच आलू की भरावन रखें। अब किनारों को चारों तरफ से उठाकर अच्छी तरह बंद कर दें। भरी हुई लोई को हथेलियों के बीच हल्का दबाएं और छोटी कचौरी का आकार दें। इसे ज्यादा पतला न बेलें वरना तलते समय भरावन बाहर निकल सकती है।
कड़ाही में पर्याप्त तेल डालकर मध्यम गर्म करें। तेल बहुत अधिक गर्म नहीं होना चाहिए। कचौरी डालते ही अगर वह धीरे-धीरे ऊपर आने लगे तो तापमान सही है। कचौरियों को थोड़ी-थोड़ी संख्या में तेल में डालें और धीमी से मध्यम आंच पर तलें। उन्हें बीच-बीच में पलटते रहें ताकि दोनों तरफ से समान रूप से सुनहरी और कुरकुरी हो जाएं।
कचौरी को खस्ता बनाने के लिए आटे में तेल मिलाना जरूरी है। आलू की भरावन पूरी तरह ठंडी और सूखी होनी चाहिए। मसाले में ज्यादा नमी होने पर कचौरी फट सकती है। तेल बहुत गर्म होने पर कचौरी बाहर से जल्दी लाल हो जाएगी लेकिन अंदर की परत कच्ची रह सकती है। तैयार आलू कचौरी को हरी चटनी मीठी इमली की चटनी रायते या आलू की सब्जी के साथ परोसें।
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