लाइफ स्टाइल : करेला ऐसी सब्जी है, जिसका नाम सुनते ही कई लोग मुंह बनाने लगते हैं। अपने कड़वे स्वाद के कारण यह बच्चों से लेकर कई बड़ों तक की पसंदीदा सब्जियों में शामिल नहीं हो पाता। लेकिन अगर करेले को सही मसालों और खास तरीके से तैयार किया जाए, तो इसका स्वाद काफी हद तक बदल सकता है। करेले की चटपटी चटनी इसका एक बेहतरीन उदाहरण है। इसमें भुनी हुई दाल, तिल और मूंगफली का इस्तेमाल किया जाता है, जो चटनी को स्वादिष्ट बनावट और भरपूर जायका देते हैं।
यह चटनी रोजाना के खाने में एक नया स्वाद जोड़ सकती है। इसे दाल-चावल, रोटी, पराठे और इडली के साथ भी परोसा जा सकता है। खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती। घर में मौजूद कुछ सामान्य मसालों और थोड़ी-सी मेहनत से इस चटनी को तैयार किया जा सकता है।
करेले की चटनी क्यों है खास?
करेले का स्वाद सामान्य सब्जियों से अलग होता है। इसकी प्राकृतिक कड़वाहट के कारण कई लोग इसे खाने से बचते हैं। लेकिन चटनी बनाते समय करेले को भूनने और उसमें दूसरे स्वादिष्ट पदार्थ मिलाने से इसका स्वाद संतुलित किया जा सकता है।
भुनी हुई मूंगफली चटनी में हल्का कुरकुरापन और मेवे जैसा स्वाद देती है। तिल इसकी खुशबू और बनावट को बेहतर बनाते हैं, जबकि भुनी हुई दाल स्वाद में गहराई जोड़ती है। इमली या नींबू का खट्टापन और मिर्च का तीखापन भी चटनी के स्वाद को संतुलित करने में मदद करता है।
इस तरह तैयार की गई करेले की चटनी उन लोगों के लिए भी एक अच्छा विकल्प हो सकती है, जो सामान्य तौर पर करेले की सब्जी पसंद नहीं करते।
करेले की चटनी बनाने के लिए जरूरी सामग्री
इस चटनी को बनाने के लिए सामग्री की मात्रा अपने स्वाद के अनुसार कम या ज्यादा की जा सकती है।
मुख्य सामग्री:
2 छोटे करेले
2 बड़े चम्मच मूंगफली
1 बड़ा चम्मच तिल
2 बड़े चम्मच भुनी हुई चना दाल
2-3 सूखी लाल मिर्च
4-5 लहसुन की कलियां
छोटा टुकड़ा इमली या स्वादानुसार नींबू का रस
नमक स्वादानुसार
1-2 बड़े चम्मच तेल
तड़के के लिए:
1 छोटा चम्मच तेल
आधा छोटा चम्मच राई
कुछ करी पत्ते
एक चुटकी हींग, वैकल्पिक
सबसे पहले करेले की कड़वाहट करें कम
चटनी बनाने के लिए सबसे पहले करेले को अच्छी तरह धो लें। इसके बाद इसे पतले टुकड़ों में काट लें। अगर आप कड़वाहट कम रखना चाहते हैं, तो कटे हुए करेले पर थोड़ा नमक लगाकर 15-20 मिनट के लिए छोड़ सकते हैं।
इसके बाद करेले से निकले पानी को हल्के हाथों से निचोड़ दें और जरूरत हो तो एक बार पानी से धो लें। ध्यान रखें कि इससे करेले का कुछ प्राकृतिक स्वाद भी कम हो सकता है, इसलिए बहुत ज्यादा देर तक नमक लगाकर रखने की जरूरत नहीं है।
अब एक कड़ाही में थोड़ा तेल गर्म करें और उसमें करेले के टुकड़े डाल दें। इन्हें मध्यम आंच पर अच्छी तरह भूनें, जब तक वे नरम न हो जाएं और उनका रंग थोड़ा बदलने न लगे। करेले को अच्छी तरह पकाना जरूरी है, क्योंकि कच्चापन चटनी के स्वाद को प्रभावित कर सकता है।
मूंगफली, तिल और दाल को ऐसे भूनें
एक दूसरी कड़ाही में मूंगफली को धीमी आंच पर भून लें। जब मूंगफली की खुशबू आने लगे और उसका छिलका आसानी से उतरने लगे, तो उसे निकालकर ठंडा कर लें।
अब तिल को हल्का भूनें। ध्यान रखें कि तिल जल्दी भुन जाते हैं, इसलिए उन्हें लगातार चलाते रहें। इसके बाद सूखी लाल मिर्च और लहसुन को थोड़े से तेल में हल्का भून लें। यदि चना दाल पहले से भुनी हुई नहीं है, तो उसे भी अच्छी तरह भून लें।
इन सभी सामग्रियों को थोड़ा ठंडा होने दें। इसके बाद मूंगफली, तिल, चना दाल, लाल मिर्च, लहसुन और पके हुए करेले को मिक्सर में डाल दें। इसमें इमली और नमक मिलाकर दरदरा पीस लें। जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी डाल सकते हैं, लेकिन चटनी को बहुत पतला न करें।
तड़का लगाने से बढ़ जाएगा स्वाद
चटनी तैयार होने के बाद एक छोटे पैन में तेल गर्म करें। इसमें राई डालें और जब वह चटकने लगे, तो करी पत्ते और चाहें तो थोड़ी हींग डाल दें। तैयार तड़के को चटनी के ऊपर डालकर अच्छी तरह मिला लें।
अगर आपको खट्टा स्वाद पसंद है, तो अंत में थोड़ा नींबू का रस भी मिला सकते हैं। हालांकि, नींबू का रस डालने से पहले चटनी का स्वाद जरूर जांच लें, क्योंकि इमली पहले से खट्टापन देती है।
इस तरह आपकी चटपटी करेले की चटनी तैयार हो जाएगी। इसे ताजा बनाकर परोसें, ताकि भुने हुए तिल और मूंगफली की खुशबू अच्छी तरह महसूस हो।
किन बातों का रखें ध्यान?
करेले की चटनी बनाते समय कुछ छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे पहले करेले को अच्छी तरह पकाएं, लेकिन उसे बहुत ज्यादा जलने न दें। मूंगफली और तिल को अलग-अलग भूनें, ताकि दोनों का स्वाद और खुशबू बेहतर तरीके से सामने आए।
अगर चटनी ज्यादा कड़वी लगे, तो अगली बार करेले को नमक लगाकर कुछ देर रखने के बाद पानी निचोड़ सकते हैं। मूंगफली, तिल और दाल की मात्रा भी अपने स्वाद के अनुसार समायोजित की जा सकती है। वहीं, तीखापन कम रखने के लिए सूखी लाल मिर्च की मात्रा घटा दें।
चटनी में इस्तेमाल की गई सामग्री का अनुपात उसके स्वाद को काफी प्रभावित करता है। इसलिए शुरुआत में कम मात्रा में बनाना अच्छा विकल्प हो सकता है।
रोजाना के खाने में जोड़ें नया स्वाद
करेले की चटनी को दाल-चावल, रोटी, पराठे या इडली के साथ परोसा जा सकता है। इसका चटपटा और हल्का खट्टा स्वाद सादे भोजन के साथ अच्छा मेल बनाता है। इसे साफ बर्तन में रखकर फ्रिज में सुरक्षित रखना बेहतर है और लंबे समय तक रखने से बचना चाहिए, खासकर जब इसमें ताजा सामग्री और पानी मिलाया गया हो।
करेला अपने कड़वे स्वाद के कारण भले ही हर किसी को पसंद न आए, लेकिन सही सामग्री के साथ तैयार की गई इसकी चटनी खाने का अनुभव बदल सकती है। अगर आप रोजाना के खाने में कुछ नया आजमाना चाहते हैं, तो दाल, तिल और मूंगफली से बनी यह चटपटी करेले की चटनी जरूर बनाकर देखें।