अमरावती स्वास्थ्य सेवा, प्रौद्योगिकी के लिए वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है: CM नायडू
अमरावती: मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को कहा कि अमरावती तेज़ी से ज्ञान, हेल्थकेयर, रिसर्च, टेक्नोलॉजी और मानव विकास के केंद्र के रूप में उभर रही है। राजधानी क्षेत्र में कई प्रतिष्ठित संस्थान और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स बन रहे हैं।
मुख्यमंत्री तुललुरु मंडल के अब्बाराजुपालेम में LV प्रसाद आई इंस्टीट्यूट की आधारशिला रखने और निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत करने के बाद बोल रहे थे।
LV प्रसाद आई इंस्टीट्यूट को 'सुधा और वेंकट जस्ती कैंपस' के तहत 12 एकड़ ज़मीन पर बनाया जा रहा है। इसे हर साल लगभग तीन लाख लोगों को आंखों की देखभाल की सुविधाएँ देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इलाज के अलावा, यह संस्थान आंखों से जुड़ी रिसर्च, ट्रेनिंग और कम्युनिटी हेल्थ प्रोग्राम्स पर भी ध्यान देगा। यहाँ एक खास 'आई एंड ब्रेन सेंटर' भी बनाया जाएगा।
चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि यह गर्व की बात है कि तेज़ी से विकसित हो रही अमरावती में LV प्रसाद आई इंस्टीट्यूट जैसा प्रतिष्ठित संस्थान आ रहा है। उन्होंने बताया कि संस्थान पहले ही लगभग तीन करोड़ लोगों को आंखों की देखभाल की सुविधाएँ दे चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसका अमरावती सेंटर आंखों की देखभाल, रिसर्च, इलाज और ट्रेनिंग के लिए दुनिया के प्रमुख संस्थानों में से एक बनेगा।
उन्होंने खास तौर पर गरीबों को सस्ती और समय पर आंखों की देखभाल की सुविधाएँ देने के संस्थान के प्रयासों की सराहना की और बताया कि यह चार राज्यों में 319 सेंटर चला रहा है। उन्होंने इसके 'डिजिटल हेल्थ आई प्रोफ़ाइल' पहल और 'आई एंड ब्रेन सेंटर' की स्थापना का भी स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने संस्थान को विकसित करने के प्रयासों के लिए डॉ. जी.एन. राव और वेंकट जस्ती को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमरावती राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'लोगों की राजधानी' के रूप में पहचान बना रही है। सरकार इसे 'बिना प्रदूषण वाले, ब्लू-ग्रीन, ग्रीन एनर्जी और कार्बन-न्यूट्रल शहर' के रूप में विकसित कर रही है, साथ ही इसे 'डीप-टेक राजधानी' के तौर पर भी स्थापित कर रही है।
उन्होंने बताया कि अमरावती में अभी लगभग 50,000 करोड़ रुपये के काम चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इनर और आउटर रिंग रोड, स्पोर्ट्स सिटी और इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी बड़ी परियोजनाएँ भी योजना में शामिल हैं।
VIT, SRM और अमृता विश्व विद्यापीठम जैसे संस्थान पहले ही यहाँ अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं, जबकि BITS पिलानी और XLRI के कैंपस भी जल्द ही बनने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि अमरावती नॉलेज इकॉनमी, रिसर्च, हेल्थकेयर, AI, लेबोरेटरी ऑटोमेशन, एक्सपेरिमेंटल बायोलॉजी और क्वांटम बायो वैली के लिए एक हब के तौर पर उभरेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बसावतारकम कैंसर इंस्टीट्यूट और LV प्रसाद आई इंस्टीट्यूट जैसे हेल्थकेयर संस्थान राजधानी के हेल्थकेयर इकोसिस्टम को मज़बूत करेंगे। उन्होंने एक बार फिर उन किसानों का धन्यवाद किया जिन्होंने अमरावती के लिए अपनी ज़मीन दी।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बैंकिंग स्ट्रीट के साथ अमरावती एक बड़े फाइनेंशियल सेंटर के तौर पर भी उभरेगा। उन्होंने घोषणा की कि 3 अक्टूबर को विजयवाड़ा में एक पैन-IIT कॉन्फ्रेंस होगी, जिसमें दुनिया भर में बसे IIT के पूर्व छात्र भविष्य के विकास, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर चर्चा करने के लिए एक साथ आएंगे।
यह भरोसा जताते हुए कि अमरावती विश्व-स्तरीय जीवन स्तर और रिसर्च के मौके देने वाला डेस्टिनेशन बनेगा, चंद्रबाबू नायडू ने युवाओं से उभरती टेक्नोलॉजी और मौकों का सही इस्तेमाल करने और बेहतरीन काम करने की कोशिश करने का आह्वान किया।