Andhra: चित्तूर जिले ने स्थानीय निकाय चुनावों के लिए सुरक्षा बढ़ा दी है
चित्तूर: राज्य द्वारा नियुक्त जनरल ऑब्जर्वर और APSPDCL के एल. शिवशंकर ने कहा कि चित्तूर जिले में स्थानीय निकाय चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।
उन्होंने रविवार को जिला कलेक्ट्रेट में जिला कलेक्टर सुमित कुमार, पुलिस अधीक्षक तुषार दुडी और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ चुनावी तैयारियों की समीक्षा की।
शिवशंकर ने अधिकारियों को संवेदनशील और अति-संवेदनशील इलाकों की पहले से पहचान करने और जरूरत पड़ने पर वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का निर्देश दिया। उन्होंने नामांकन केंद्रों, मतदान केंद्रों और मतगणना केंद्रों पर वीडियो रिकॉर्डिंग और CCTV कैमरे लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों से चुनाव कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि हर पात्र मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।
कलेक्टर ने बताया कि नगर निगम और नगर पालिकाओं के 168 वार्डों के लिए मतदान 28 अक्टूबर को होगा, जबकि मतगणना 30 अक्टूबर को की जाएगी। चुनाव कर्मचारियों को प्रशिक्षण चरणों में दिया जा रहा है। जनता की शिकायतों को सुनने और उनके समाधान के लिए कलेक्ट्रेट में एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है।
ग्रामीण स्थानीय निकाय चुनावों के लिए, चित्तूर जिले में 27 मंडलों और 622 ग्राम पंचायतों में 370 मंडल परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्र (MPTC) सीटें और 27 जिला परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्र (ZPTC) सीटें हैं। जिले में कुल 1,236 मतदान केंद्र हैं, जिनमें 524 सामान्य, 366 संवेदनशील और 346 अति-संवेदनशील केंद्र शामिल हैं।
कलेक्टर ने बताया कि मतपेटियों, मतदान कर्मचारियों, परिवहन और मतगणना सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।
सभी 27 मंडलों में रिटर्निंग ऑफिसर और सहायक रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किए गए हैं। चुनाव आचार संहिता की निगरानी के लिए टीमें भी गठित की गई हैं।
पुलिस अधीक्षक (SP) तुषार दुडी ने बताया कि चुनाव सुरक्षा के लिए लगभग 2,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल, विशेष निगरानी, CCTV कैमरे, ड्रोन और अस्थायी चेकपोस्ट का इस्तेमाल किया जाएगा। पुलिस लंबित गैर-जमानती वारंटों को तामील कराने और नकदी व शराब की अवैध आवाजाही को रोकने के लिए भी कदम उठा रही है।
अधिकारियों ने कहा कि पूरी चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न विभागों और पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के बीच समन्वय बना रहेगा। ZP CEO रवि कुमार नायडू, DPO सुधाकर बाबू और अन्य अधिकारी मौजूद थे।