अमरावती: आंध्र प्रदेश राज्य चुनाव आयोग ने राज्य के शहरी क्षेत्रों से आदर्श आचार संहिता हटा दी है। राज्य चुनाव आयुक्त अनिल चंद्र पुनेथा ने रविवार को इस संबंध में आदेश जारी किया। यह कदम राज्य भर में नगर निगमों और नगर पालिकाओं/नगर पंचायतों के लिए चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद उठाया गया है।
हालांकि जिला परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों (ZPTC) और मंडल परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों (MPTC) में डाले गए वोटों की गिनती पूरी हो चुकी है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू रहेगी क्योंकि ग्राम पंचायतों के चुनाव अभी होने बाकी हैं।
राज्य भर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 14 अक्टूबर को आदर्श आचार संहिता लागू हुई थी।
राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने 13 नगर निगमों, 87 नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के लिए चुनाव अधिसूचना जारी की थी। अधिसूचना के अनुसार, मतदान 28 अक्टूबर को और वोटों की गिनती 30 अक्टूबर को होनी थी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, SEC ने शहरी स्थानीय निकाय चुनावों का कार्यक्रम फिर से तय किया। मतदान को 1 नवंबर तक के लिए टाल दिया गया और वोटों की गिनती 3 नवंबर के लिए पुनर्निर्धारित की गई।
SEC ने बताया कि चिराला नगरपालिका को छोड़कर 100 शहरी स्थानीय निकायों (ULB) में 3 नवंबर को वोटों की गिनती और नतीजों की घोषणा पूरी हो गई थी। चिराला नगरपालिका में चक्रवात 'मुरासु' के कारण गिनती 6 नवंबर तक टाल दी गई थी, जो बाद में पूरी कर ली गई।
चूंकि 100 शहरी स्थानीय निकायों में मेयर/अध्यक्ष और वार्ड सदस्यों के लिए प्रत्यक्ष चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, इसलिए SEC ने पूरे राज्य के शहरी क्षेत्रों से आदर्श आचार संहिता हटा दी है।
आयोग ने कहा कि हालांकि MPTC और ZPTC के लिए वोटों की गिनती और नतीजों की घोषणा 7 नवंबर को पूरी हो चुकी है, लेकिन ग्राम पंचायत चुनाव प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। इसलिए, राज्य भर के ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू रहेगी।
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