अमरावती: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को पुलिसकर्मियों से अपराध रोकने और पीड़ितों के साथ मानवीय व्यवहार करने के लिए तकनीक-आधारित पुलिसिंग अपनाने का आह्वान किया।

'पुलिस स्मृति दिवस' (पुलिस कमेमोरेशन डे) के अवसर पर, ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले बहादुर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के विकास, निवेश और लोगों की भलाई के लिए प्रभावी कानून-व्यवस्था का होना बहुत जरूरी है।

नायडू ने मंगलगीरी में छठी आंध्र प्रदेश विशेष पुलिस बटालियन स्थित 'अमर जवान स्मारक' पर पुलिस शहीदों को पुष्प अर्पित किए।

बाद में, वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा कि पुलिसकर्मियों के बलिदान को केवल सहानुभूति जताने के बजाय, एक जिम्मेदारी के रूप में याद रखा जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा, "पुलिसकर्मियों को अपराध रोकने, पीड़ितों के साथ मानवीय व्यवहार करने और प्रभावी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तकनीक-आधारित तरीकों को अपनाना चाहिए। ये चीजें राज्य के विकास, निवेश आकर्षित करने और लोगों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए बहुत जरूरी हैं।"

उन्होंने कहा कि खाकी (पुलिस की वर्दी) जिम्मेदारी का प्रतीक है और पुलिस लोगों को भरोसा दिलाती है। उन्होंने आगे कहा कि पुलिस का पेशा बहुत नेक है, क्योंकि पुलिसकर्मी लोगों की सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 21 अक्टूबर को 'पुलिस स्मृति दिवस' के रूप में मनाया जाता है। यह दिन 1959 में इसी तारीख को लद्दाख में चीनी सैनिकों के हमले का मुकाबला करते हुए शहीद हुए 10 पुलिसकर्मियों की याद में मनाया जाता है।

नायडू ने कहा कि पुलिस विभाग ही एकमात्र ऐसा विभाग है जो हर समय ड्यूटी पर रहता है। त्योहारों, वीआईपी दौरों और अन्य कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा प्रदान करने के लिए पुलिसकर्मी अक्सर अपने परिवारों के साथ मनाए जाने वाले उत्सवों का त्याग कर देते हैं, ताकि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश पुलिस ने हिंसा, उग्रवाद और सांप्रदायिक झड़पों जैसी कठिन परिस्थितियों को संभालकर अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाली साजिशों का पर्दाफाश करने के लिए 'काउंटर इंटेलिजेंस' विंग को भी बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था, विकास, रोजगार और लोगों की खुशी - ये सभी आपस में जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि जहां अशांति और असुरक्षा होती है, वहां उद्योगपति निवेश नहीं करेंगे। यह भी पढ़ें - TVS ILP ने विशाखापत्तनम पार्क में योकोहामा ग्रुप को 80 हजार वर्ग फुट जगह लीज़ पर दी

उन्होंने कहा कि जब भी वे सत्ता में रहे हैं, कानून-व्यवस्था बनाए रखना हमेशा उनकी प्राथमिकता रही है।

मानवीय पुलिसिंग की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए नायडू ने कहा कि पुलिस स्टेशन आने वाला हर व्यक्ति अपनी समस्या के समाधान की उम्मीद लेकर आता है, इसलिए उनके साथ सम्मान से पेश आना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी पीड़ितों को भरोसा दिलाने वाली होनी चाहिए, जबकि अपराधियों के मन में खाकी वर्दी को देखकर डर पैदा होना चाहिए।

उन्होंने अपराध रोकने और जांच की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिसिस और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जहां सीसीटीवी कैमरे अपराध की पहचान करने में मदद कर सकते हैं, वहीं डेटा एनालिसिस से अपराध के पीछे के तथ्यों का पता चल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आंध्र प्रदेश पुलिस को तकनीक-आधारित पुलिसिंग में देश का अग्रणी बल बनना चाहिए।

नायडू ने साइबर अपराध को लेकर चेतावनी दी और कहा कि अपराधी फोन कॉल, लिंक और मैसेज के ज़रिए लोगों की जीवन भर की जमा-पूंजी चुरा रहे हैं।

उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया कि वे राजनीति की आड़ में होने वाले अपराधों को बिल्कुल बर्दाश्त न करें। साथ ही, उन्होंने लोगों को परेशान करने वाले उपद्रवियों और अन्य असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा।

उन्होंने कहा कि अपराध को रोकना प्रभावी पुलिसिंग की पहचान है, जबकि अपराध को सुलझाना कार्यकुशलता को दर्शाता है। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने, नशीले पदार्थों और गांजे के इस्तेमाल पर रोक लगाने, तथा सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

गांजे और नशीले पदार्थों पर नियंत्रण के लिए किए गए प्रयासों के लिए 'ईगल' (EAGLE) टीम (एंटी-नारकोटिक्स यूनिट) को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि वे योग, ध्यान और अन्य गतिविधियों के ज़रिए काम के तनाव को प्रबंधित कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर नागरिक चैन से सो सके और उनकी संपत्ति सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि सरकार पुलिस के शहीद जवानों के परिवारों के साथ खड़ी रहेगी और पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए काम करेगी।

मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के विभिन्न विंग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का दौरा किया। उन्होंने अपराध की जांच में इस्तेमाल होने वाले फोरेंसिक उपकरणों, आपदा राहत उपकरणों और 'ऑक्टोपस' (OCTOPUS) सहित विभिन्न इकाइयों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले आधुनिक हथियारों के बारे में जानकारी ली। साथ ही, उन्होंने निगरानी और अन्य कार्यों के लिए ड्रोन के इस्तेमाल को बढ़ाने का सुझाव दिया।

उन्होंने 'पुलिस शहीद स्मारक कोष' (Police Martyrs' Memorial Fund) में भी योगदान दिया।

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