अमरावती : 27 अक्टूबर 2026। आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पर चुनावी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य में लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है और विपक्षी उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से रोकने की कोशिश हो रही है। जगन रेड्डी ने इन कथित अनियमितताओं के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है।
चंद्रबाबू नायडू पर लोकतंत्र का मजाक उड़ाने का आरोप
मंगलवार को अमरावती में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जगन मोहन रेड्डी ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ गठबंधन सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके स्थानीय निकाय चुनावों में जीत हासिल करने का प्रयास कर रहा है।जगन ने कहा कि लोकतंत्र में सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने का समान अवसर मिलना चाहिए। उनका आरोप है कि विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोककर चुनावी मुकाबले को प्रभावित किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि पहले बूथों पर धांधली की शिकायतें सामने आती थीं, लेकिन अब नामांकन प्रक्रिया को ही प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
नामांकन पत्र छीनने और उम्मीदवारों को धमकाने का आरोप
जगन रेड्डी ने दावा किया कि राज्य के कई इलाकों में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवारों को नामांकन केंद्रों तक पहुंचने से रोका गया।उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर उम्मीदवारों के नामांकन पत्र छीने गए, उन्हें धमकाया गया और पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमले हुए।जगन ने महिला उम्मीदवारों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को रास्ते में रोकने और उनके नामांकन पत्र छीनने जैसी घटनाएं हुई हैं।हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र जांच के निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं।
17 स्थानीय निकायों में जीत के दावों पर उठाए सवाल
जगन मोहन रेड्डी ने सत्तारूढ़ गठबंधन की ओर से 17 शहरी स्थानीय निकायों में जीत का जश्न मनाए जाने पर भी सवाल उठाए।उन्होंने कहा कि इनमें 15 अध्यक्ष पद तेलुगु देशम पार्टी, एक जनसेना पार्टी और एक भारतीय जनता पार्टी के खाते में जाने का दावा किया गया है।जगन ने 2,108 वार्डों में लगभग 21 प्रतिशत सीटों पर निर्विरोध जीत को लेकर भी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने का अवसर नहीं मिलने के कारण कई स्थानों पर निर्विरोध निर्वाचन हुए हैं।उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों को मुकाबले से बाहर रखकर हासिल की गई जीत को निष्पक्ष लोकतांत्रिक सफलता नहीं माना जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी का भी आरोप
इससे पहले 23 अक्टूबर को जगन रेड्डी ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं कर रही है।उन्होंने चुनावी प्रक्रिया की निगरानी के लिए न्यायालय द्वारा एमिकस क्यूरी नियुक्त करने, केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात करने और नामांकन केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की थी।सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और पुलिस अधिकारियों को उम्मीदवारों की सुरक्षा तथा निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने से संबंधित निर्देश दिए थे।
राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारी
जगन मोहन रेड्डी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया है।उन्होंने कहा कि वाईएसआर कांग्रेस लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए राजनीतिक और कानूनी स्तर पर अपनी लड़ाई जारी रखेगी।जगन ने राज्य सरकार की चुनावी घोषणाओं पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि जनता से किए गए कई वादे पूरे नहीं हुए हैं।
टीडीपी ने भी विपक्ष पर लगाए आरोप
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी ने वाईएसआर कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए विपक्षी कार्यकर्ताओं पर हिंसा और नामांकन प्रक्रिया बाधित करने के आरोप लगाए हैं।टीडीपी ने राज्य निर्वाचन आयोग से शिकायत कर चुनावी हिंसा की घटनाओं में कार्रवाई की मांग की है।दोनों दलों के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच स्थानीय निकाय चुनावों की निष्पक्षता और उम्मीदवारों की सुरक्षा बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई है।अब सबकी नजर राज्य निर्वाचन आयोग की कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट में आगे होने वाली सुनवाई पर है। चुनावी अनियमितताओं से जुड़े आरोपों पर आधिकारिक जांच और न्यायिक निष्कर्ष ही स्थिति को स्पष्ट कर सकेंगे।
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