ताडेपल्ली: YSRCP के राज्य कोऑर्डिनेटर सज्जाला रामकृष्ण रेड्डी ने पार्टी की सभी शाखाओं से कहा कि वे आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाएं। इसके लिए उन्हें गांव-गांव तक पार्टी की संगठनात्मक ताकत को सक्रिय करना होगा और कानूनी तैयारी, डिजिटल पहुंच, सोशल मीडिया और विज़ुअल सबूतों पर ध्यान देना होगा।

सोमवार को यहां YSRCP के केंद्रीय कार्यालय में पार्टी की शाखाओं के राज्य अध्यक्षों, कार्यकारी अध्यक्षों और ज़ोनल कार्यकारी अध्यक्षों को संबोधित करते हुए रामकृष्ण रेड्डी ने कहा कि हर शाखा को अपने संबंधित वर्ग से जुड़े मुद्दों की पहचान करनी चाहिए और उन्हें सीधे लोगों तक पहुंचाना चाहिए। महिलाओं, युवाओं, छात्रों, किसानों, BC, SC, अल्पसंख्यकों, कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और पेशेवरों को फीस वापसी, रोज़गार, फसल बीमा, इनपुट सब्सिडी, खाद, बीज, कर्मचारियों की चिंताओं, महंगाई, सड़कों, जल निकासी और स्ट्रीटलाइट जैसे मुद्दों को उठाना चाहिए और साथ ही मौजूदा स्थिति की तुलना YS जगन सरकार के कार्यकाल से करनी चाहिए।

उन्होंने पार्टी इकाइयों को निर्देश दिया कि वे हर सीट के लिए कई वैकल्पिक उम्मीदवार तैयार रखें और नामांकन से लेकर वोटिंग, गिनती और मतपेटी की सुरक्षा तक सतर्क रहें। जाति प्रमाण पत्र और नामांकन के अन्य दस्तावेज़ पहले से ही सुरक्षित कर लेने चाहिए। नामांकन में किसी भी तरह की बाधा, पुलिस का दखल या सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग को वीडियो और दस्तावेज़ी सबूतों के ज़रिए रिकॉर्ड किया जाना चाहिए ताकि कानूनी कार्रवाई, चुनाव आयोग और मीडिया के स्तर पर कार्रवाई की जा सके।

रामकृष्ण रेड्डी ने कहा कि हर शाखा को सोशल मीडिया का इस्तेमाल करना चाहिए। इसमें छोटे वीडियो, स्थानीय विज़ुअल कंटेंट और प्रशिक्षित ज़मीनी स्तर के प्रचारक शामिल होने चाहिए जो WhatsApp, Facebook, Instagram और अन्य प्लेटफॉर्म पर उम्मीदवारों का समर्थन करें। अनुभवी कार्यकर्ताओं की पहचान बूथ एजेंट के तौर पर की जानी चाहिए और उन्हें वोटिंग और गिनती के दौरान तैनात किया जाना चाहिए।

पार्टी के महासचिव अलुरु सांबाशिवा रेड्डी ने कहा कि संगठनात्मक ढांचे से लगभग 14 लाख लोग जुड़े हैं और पार्टी की शाखाओं की ताकत का पूरा इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

MLC लेल्ला अप्पी रेड्डी ने प्रचार से लेकर गिनती तक समन्वित ज़िम्मेदारी पर ज़ोर दिया, जबकि महिला विंग की अध्यक्ष वरुडु कल्याणी ने महिलाओं से जुड़े मुद्दों, अधूरे वादों और YS जगन सरकार के तहत किए गए कल्याणकारी कार्यों पर बड़े पैमाने पर डिजिटल पहुंच बनाने का आह्वान किया।

रामकृष्ण रेड्डी ने यह भी निर्देश दिया कि हर कार्यकर्ता के योगदान को व्यवस्थित रूप से ट्रैक किया जाए ताकि सही काम को उचित पहचान मिल सके।

Tags: