डिब्रूगढ़: अरुणाचल प्रदेश पुलिस ने सियांग क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। 'सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट' (SUMP) के विरोध के बीच, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की दो कंपनियों को नवी मुंबई से पासीघाट एयरलिफ्ट करके लाया गया है।
पत्रकारों से बात करते हुए, पुलिस महानिरीक्षक (IGP) हिबू तमांग ने बताया कि नवी मुंबई स्थित 102वीं RAF बटालियन की एक कंपनी पासीघाट पहुंच चुकी है, जबकि दूसरी कंपनी के जल्द ही पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि RAF की तीन अन्य कंपनियां पहले ही सियांग और अपर सियांग जिलों में तैनात की जा चुकी हैं।
तमांग ने आगे बताया कि असम के डिब्रूगढ़, शिवसागर, जोरहाट, नागांव और नलबाड़ी से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की कंपनियों को भी सियांग क्षेत्र में भेजा गया है।
IGP के अनुसार, इस क्षेत्र में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की कुल 34 कंपनियां तैनात की गई हैं। उन्होंने बताया कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति से निपटने के लिए महिला RAF कर्मियों को भी तैनात किया गया है।
इस बीच, 'ऑल टैगिन स्टूडेंट्स यूनियन' (ATSU) ने DSU, SINALITASU, तलिहा स्टूडेंट्स यूनियन, डुपोरिजो स्टूडेंट्स यूनियन और सुबनसिरी नदी पर प्रस्तावित 'सुबनसिरी अपर हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट' (या मेंगा डैम प्रोजेक्ट) से प्रभावित लोगों के समूहों के साथ मिलकर 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है। अपर सुबनसिरी जिले में सुबह 5 बजे से चल रहे इस बंद के दौरान हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं।
सूत्रों के अनुसार, एक वाहन को आग लगा दी गई, पुलिस की एक गाड़ी को नुकसान पहुंचाया गया और उसे पलट दिया गया। साथ ही, NHPC से जुड़े एक कार्यालय में उपकरण, कंप्यूटर के सामान और सर्वे करने वाले यंत्रों को नुकसान पहुंचाने या जलाने की खबर है। नुकसान की सीमा और इन घटनाओं से जुड़े हालात अभी तक स्वतंत्र रूप से स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।
यह बंद NHPC से जुड़ी बांध परियोजना को लेकर जताई गई चिंताओं के कारण बुलाया गया है। लोगों को डर है कि इस परियोजना से प्रभावित होने वाले स्थानीय समुदायों के अधिकारों, हितों और भविष्य पर बुरा असर पड़ सकता है।
बंद समर्थकों की भारी भागीदारी के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।