हाथियों की सुरक्षा के संकल्प के साथ मनाया गया विश्व हाथी दिवस
पक्के टाइगर रिजर्व में विश्व हाथी दिवस का आयोजन
ईटानगर : अरुणाचल प्रदेश के पक्के टाइगर रिजर्व में विश्व हाथी दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य हाथियों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए लोगों को जागरूक करना था।
कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों, पर्यावरण कार्यकर्ताओं, स्थानीय समुदायों और छात्रों ने हिस्सा लिया। इस दौरान हाथियों के महत्व, उनके संरक्षण की जरूरत और जैव विविधता को बनाए रखने में उनकी भूमिका पर चर्चा की गई।
वन अधिकारियों ने कहा कि हाथी जंगलों के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। वे जंगलों में बीजों के प्रसार और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलन में योगदान देते हैं। इसलिए हाथियों का संरक्षण केवल एक प्रजाति को बचाना नहीं, बल्कि पूरे पर्यावरण की रक्षा करना है।
पक्के टाइगर रिजर्व अरुणाचल प्रदेश के प्रमुख वन्यजीव क्षेत्रों में शामिल है, जहां हाथियों सहित कई दुर्लभ वन्यजीव प्रजातियां पाई जाती हैं। रिजर्व प्रशासन की ओर से वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए निगरानी, गश्त और संरक्षण गतिविधियां लगातार संचालित की जा रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान लोगों को हाथियों के साथ सुरक्षित सह-अस्तित्व बनाए रखने के उपायों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि जंगलों के आसपास रहने वाले समुदायों की भागीदारी वन्यजीव संरक्षण में बेहद महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों ने कहा कि तेजी से बदलते पर्यावरण, जंगलों में मानवीय दखल और आवास क्षेत्रों में कमी के कारण हाथियों के सामने कई चुनौतियां हैं। ऐसे में संरक्षण प्रयासों के साथ-साथ लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। विश्व हाथी दिवस हर साल 12 अगस्त को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत हाथियों के संरक्षण और उनके सामने मौजूद खतरों के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से की गई थी।
पक्के टाइगर रिजर्व में आयोजित कार्यक्रम ने वन्यजीव संरक्षण के प्रति लोगों की भागीदारी को बढ़ावा देने का संदेश दिया। अधिकारियों ने कहा कि हाथियों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सामुदायिक सहयोग के साथ आगे भी प्रयास जारी रहेंगे।