गुवाहाटी: असम में बाढ़ और भारी बारिश की वजह से कई जिलों में लोगों की मौत हुई है और मरने वालों की कुल संख्या 101 हो गई है। यह जानकारी असम के 'डिजास्टर रिपोर्टिंग एंड इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम' (DRIMS) के बुलेटिन में दी गई है। राज्य के कई हिस्से अभी भी बाढ़ और भारी बारिश से जूझ रहे हैं।
सोमवार को जारी DRIMS असम के ताजा बुलेटिन के अनुसार, बाढ़ और भारी बारिश के कारण राज्य में मरने वालों की संख्या 101 हो गई है। यह आंकड़ा असम में जारी बाढ़ की स्थिति के बीच आया है, जहां कई इलाके बढ़ते जलस्तर और जलभराव से प्रभावित हुए हैं।
असम में बाढ़ की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है और प्रभावित इलाकों में लोग जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। अधिकारी स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं और प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य चला रहे हैं।
असम में जारी मॉनसून के दौरान बड़े पैमाने पर बाढ़ आई है, जिससे कई जिले प्रभावित हुए हैं और बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। कई बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा है क्योंकि बाढ़ का पानी घरों में घुस गया और सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन को राहत और बचाव के इंतजाम भी करने पड़े हैं।
इससे पहले, गोलाघाट सहित कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बिगड़ रही थी। धनसिरी नदी उफान पर थी और मारंगी मौजा के कुछ हिस्सों में घरों के परिसर में पानी घुस गया था। खुमताई विधानसभा क्षेत्र में लगभग 14,000 परिवार और 52,000 लोग प्रभावित हुए थे, जबकि लगभग 1,300 लोगों ने 32 राहत शिविरों में शरण ली थी।
कुछ प्रभावित इलाकों में लोग अपने सामान और मवेशियों को बचाने के लिए अपने घरों के ऊपरी हिस्सों में रह रहे हैं, जबकि अन्य लोग प्रशासन द्वारा बनाए गए राहत शिविरों में चले गए हैं। लगातार आ रही बाढ़ ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में गांवों और रिहायशी इलाकों को प्रभावित किया है। नदियों के किनारे बसे इलाके विशेष रूप से खतरे में हैं क्योंकि जलस्तर बढ़ रहा है और बाढ़ का पानी आस-पास की बस्तियों में फैल रहा है।
अधिकारी प्रभावित इलाकों में स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं और राहत व बचाव कार्य जारी रखे हुए हैं। जो लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं, उनके लिए राहत शिविर बनाए गए हैं, जबकि जिन इलाकों में लोग अभी भी बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं, वहां बचाव कार्य किए जा रहे हैं।
असम में जारी मॉनसून के असर के बीच बाढ़ की स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है और राज्य भर में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए कदम उठा रहा है।