असम: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 1 नवंबर को कहा कि प्रस्तावित नॉर्दर्न हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को गुवाहाटी तक बढ़ाया जाएगा। इससे दिल्ली और गुवाहाटी के बीच का सफर आठ घंटे से भी कम समय में पूरा किया जा सकेगा।
'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट में सरमा ने बताया कि पहले इस कॉरिडोर को सिलीगुड़ी तक ही सीमित रखने की योजना थी, लेकिन अब इसे पूर्वोत्तर (नॉर्थ-ईस्ट) तक बढ़ा दिया गया है। उन्होंने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को धन्यवाद दिया।
सरमा ने बताया कि उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को एक लिखित अनुरोध सौंपा था और जुलाई में उनसे मुलाकात भी की थी, ताकि प्रस्तावित नेटवर्क में गुवाहाटी को शामिल करने की मांग रखी जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा, "पहले यह कॉरिडोर सिलीगुड़ी पर खत्म होने वाला था। जुलाई में मेरे लिखित अनुरोध और श्री अश्विनी वैष्णव जी के साथ हुई मुलाकात के बाद, उन्होंने हमारे प्रस्ताव की अहमियत को समझा और इसे पूर्वोत्तर तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी।"
उन्होंने इस विस्तार को पूर्वी भारत के लिए एक बड़ा कदम बताया। उनका तर्क है कि दिल्ली और अन्य राज्यों की राजधानियों के साथ बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से इस क्षेत्र में व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
असम हाई-टेक उद्योगों में निवेश आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में सरमा का कहना है कि हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और बड़े बाजारों तक पहुंच आसान हो जाएगी।
उन्होंने कहा, "दिल्ली और दो अन्य राज्यों की राजधानियों के लिए तेज और किफायती (फ्लाइट जैसी) कनेक्टिविटी मिलने से व्यापार और आजीविका के लिए अपार अवसर खुलेंगे।"
मुख्यमंत्री ने यह भी माना कि एक समय ऐसा लगता था कि असम में बुलेट ट्रेन का आना लगभग नामुमकिन है।
उन्होंने कहा, "कभी असम में बुलेट ट्रेन आने की बात इतनी दूर की कौड़ी लगती थी कि लोगों ने इसकी मांग करना भी नहीं सोचा था। आज, हमने जिसके बारे में सपने देखने की हिम्मत भी नहीं की थी, वह हकीकत बन रहा है।"
सरमा ने अपनी पोस्ट के अंत में लिखा, "इसीलिए, मोदी कहीं नहीं जाएंगे!"
प्रस्तावित नॉर्दर्न हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली को लखनऊ, वाराणसी, पटना और सिलीगुड़ी जैसे कई प्रमुख शहरों से जोड़ेगा। गुवाहाटी तक इसके विस्तार से पूर्वोत्तर भी इस हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का हिस्सा बन जाएगा।