पटना। बिहार विधान परिषद (MLC) की आठ सीटों के लिए शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को हुए मतदान के बीच प्रदेश की राजनीति गरमा गई। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन और राज्य प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चुनावी प्रक्रिया में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है और सत्ताधारी दल के उम्मीदवारों को लाभ पहुंचाने के लिए फर्जी मतदान कराने की कोशिश हो रही है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि प्रशासन विपक्षी उम्मीदवारों के साथ भेदभाव कर रहा है। हालांकि, उन्होंने विश्वास जताया कि सत्ताधारी गठबंधन की कथित चुनावी रणनीति सफल नहीं होगी।
प्रशासन पर पक्षपात करने का लगाया आरोप
पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों से उन्हें मतदान के दौरान गड़बड़ियों की शिकायतें मिल रही हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन सत्ताधारी दल के उम्मीदवारों के पक्ष में काम कर रहा है और विपक्षी उम्मीदवारों को परेशान किया जा रहा है।तेजस्वी ने दावा किया कि कुछ मतदान केंद्रों पर जानबूझकर मतदान की गति धीमी रखी गई, जबकि कुछ स्थानों पर दूसरे व्यक्तियों के नाम पर वोट डालने की कोशिश की गई।उन्होंने सत्ताधारी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावी हेरफेर की ऐसी कोशिशें इस बार सफल नहीं होंगी।हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
आठ सीटों पर हुआ मतदान
बिहार विधान परिषद की चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन सीटों के लिए शुक्रवार को मतदान आयोजित किया गया।इन चुनावों में कुल 150 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में 933 मतदान केंद्र बनाए गए थे।निर्वाचन प्रक्रिया में कुल 5,32,547 पंजीकृत मतदाताओं को मतदान का अवसर मिला। इनमें लगभग 4.92 लाख स्नातक और 40 हजार से अधिक शिक्षक मतदाता शामिल हैं।इन निर्वाचन क्षेत्रों में संबंधित पात्र स्नातक और शिक्षक मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं।
मतदाता सूची में फर्जी नाम जोड़ने का दावा
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी भाजपा और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।उन्होंने दावा किया कि चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 40,253 मतदाता पंजीकृत हैं, लेकिन मतदाता सूची में कथित रूप से फर्जी नाम शामिल किए गए हैं।आरजेडी नेता ने आरोप लगाया कि ऐसे नाम जोड़कर मतदान के परिणामों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।उन्होंने चुनाव आयोग से निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने की मांग की।हालांकि, मतदाता सूची में फर्जी नाम होने के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आरजेडी उम्मीदवार के घर पुलिस पहुंचने पर विवाद
मतदान से पहले पटना में आरजेडी उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार सिंह के आवास पर पुलिस पहुंचने की घटना को लेकर भी राजनीतिक विवाद हुआ।संजीव सिंह ने आरोप लगाया कि मतदान से पहले देर रात बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और उन्हें परेशान करने की कोशिश की गईतेजस्वी यादव ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी उम्मीदवारों को डराने का प्रयास किया जा रहा है।दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि उम्मीदवार के आवास पर कुछ ऐसे लोग मौजूद हो सकते हैं, जो चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस वहां पहुंची थी।
मतदान प्रतिशत को लेकर सामने आए आंकड़े
बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओर से जारी शाम चार बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में 43.87 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।वहीं, चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत 74.55 रहा।निर्वाचन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मतदान समाप्त होने के निर्धारित समय तक कतार में मौजूद मतदाताओं को भी मतदान करने का अवसर दिया जाएगा। इसलिए अंतिम मतदान प्रतिशत में बदलाव संभव है।
सत्तारूढ़ गठबंधन ने आरोपों से किया इनकार
तेजस्वी यादव के आरोपों के बीच सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड के नेता श्याम रजक ने कहा कि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है।उन्होंने एनडीए के पक्ष में जनसमर्थन होने का दावा किया। वहीं, पार्टी सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने मतदाताओं से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की।दोनों पक्षों के बयानों से स्पष्ट है कि विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक मतभेद बढ़ गए हैं।
27 अक्टूबर को होगी मतगणना
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतदान पूरा होने के बाद अब 27 अक्टूबर 2026 को मतगणना निर्धारित है।तेजस्वी यादव ने दावा किया कि उन्हें विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और विपक्ष सभी आठ सीटों पर जीत हासिल करेगा।हालांकि, यह उनका चुनावी दावा है। वास्तविक परिणाम मतगणना के बाद ही स्पष्ट होंगे।फिलहाल चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सत्ताधारी गठबंधन और आरजेडी के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। इस बीच चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि मतदान संबंधी शिकायतों का निष्पक्ष परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे।
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