पटना। बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को विधायक विनय बिहारी की गाड़ी पर हुए कथित हमले का मामला सदन में जमकर गूंजा। विधायक ने विधानसभा में इस घटना को उठाते हुए जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए। मामले को लेकर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके कारण कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बन गई।
विधायक विनय बिहारी ने सदन में आरोप लगाया कि विधानसभा आने के दौरान उनकी गाड़ी को निशाना बनाया गया। उन्होंने बताया कि असामाजिक तत्वों ने उनकी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए और वाहन में तोड़फोड़ की। उन्होंने इस घटना को केवल व्यक्तिगत हमला नहीं बल्कि जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया।
विनय बिहारी ने विधानसभा में मांग की कि इस घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अगर जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो आम लोगों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठेंगे। उन्होंने सरकार से मामले की जांच कराने और दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की।
विधायक के इस मुद्दे को उठाने के बाद विधानसभा का माहौल गरमा गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य आमने-सामने आ गए और दोनों ओर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। विपक्ष ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए, वहीं सत्ता पक्ष ने मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
सदन में बढ़ते हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने सभी सदस्यों से शांत रहने की अपील की और कहा कि मामला गंभीर है। उन्होंने आश्वासन दिया कि घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद भी कुछ समय तक सदन में शोर-शराबा जारी रहा। दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात रखने पर अड़े रहे। विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की। वहीं सत्ता पक्ष की ओर से कहा गया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और मामले की जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
विधायक की गाड़ी पर कथित हमले का मामला सामने आने के बाद विधानसभा परिसर और आसपास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। सदस्यों ने सवाल उठाया कि जब विधानसभा सत्र चल रहा है और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि वहां पहुंच रहे हैं, ऐसे समय में सुरक्षा में चूक कैसे हुई।
इस घटना को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। विपक्ष ने इसे कानून व्यवस्था का मुद्दा बताते हुए सरकार को घेरने की कोशिश की, जबकि सत्ता पक्ष ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया।
विधानसभा अध्यक्ष के आश्वासन के बाद भी हंगामा पूरी तरह शांत नहीं हुआ। इसके बाद सदन की कार्यवाही को गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और सरकार की ओर से जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।
विधायक विनय बिहारी की गाड़ी पर हुए कथित हमले ने बिहार में सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक माहौल दोनों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा और राजनीतिक गलियारों में और गरमा सकता है।