भोजपुर : बिहार के भोजपुर जिले से पशु क्रूरता का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक 45 वर्षीय व्यक्ति पर मादा आवारा कुत्ते के साथ यौन शोषण करने का आरोप लगा है। घटना संदेश थाना क्षेत्र के बिछियांव गांव की बताई जा रही है। स्थानीय निवासी मुकेश कुमार की शिकायत और उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में पशु अधिकार संगठन पेटा इंडिया (PETA India) ने भी हस्तक्षेप किया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है।
रात 11 बजे की घटना, ग्रामीण ने लगाए गंभीर आरोप
जानकारी के अनुसार, घटना 5 अक्टूबर 2026 की रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है। मामला भोजपुर जिले के संदेश थाना क्षेत्र स्थित बिछियांव गांव का है। शिकायत में आरोपी की पहचान दीपचंद राम के रूप में की गई है, जिसकी उम्र करीब 45 वर्ष बताई गई है। शिकायतकर्ता मुकेश कुमार के अनुसार, घटना वाली रात वह मछली पकड़कर गांव लौट रहे थे। इसी दौरान उन्होंने आरोपी को एक मादा आवारा कुत्ते को उठाकर अपने घर की ओर ले जाते देखा। उसकी गतिविधियों पर संदेह होने के बाद शिकायतकर्ता और कुछ अन्य लोग उसके घर तक पहुंचे। आरोप है कि वहां मादा कुत्ते के साथ यौन शोषण की घटना देखी गई। शिकायतकर्ता ने घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया, जिसे बाद में संबंधित संगठन और पुलिस तक पहुंचाया गया।
एक साल से जानवरों के साथ क्रूरता करने का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोपी पर पूर्व में भी आवारा जानवरों के साथ यौन दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, गांव में पिछले लगभग एक वर्ष से आरोपी की गतिविधियों को लेकर संदेह था। कुछ ग्रामीणों ने भी उसके व्यवहार पर सवाल उठाए थे। हालांकि, इन पुराने आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच में ही स्पष्ट होगा कि शिकायत में उल्लेखित अन्य घटनाओं से संबंधित कोई साक्ष्य मौजूद हैं या नहीं। शिकायत में आरोपी के परिवार का भी उल्लेख किया गया है। बताया गया है कि उसके छह बच्चे हैं, जिनमें चार बेटियां और दो बेटे शामिल हैं।
वीडियो साक्ष्य के बाद PETA इंडिया से संपर्क
स्थानीय निवासी मुकेश कुमार ने मामले की जानकारी पशु अधिकार संगठन पेटा इंडिया को दी। संगठन के अनुसार, शिकायतकर्ता ने घटना से संबंधित वीडियो और अन्य जानकारी साझा की थी। इसके बाद पेटा इंडिया ने स्थानीय देखभालकर्ता और संदेश थाना पुलिस के साथ समन्वय किया। पेटा इंडिया ने 13 अक्टूबर को जारी अपनी जानकारी में बताया कि शिकायत और उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। संगठन ने इस तरह की घटनाओं को गंभीर पशु क्रूरता बताते हुए प्रभावी कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
संदेश थाने में इन धाराओं के तहत दर्ज हुई FIR
संदेश थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 62 सहपठित धारा 325 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(ए) और 11(1)(i) के तहत मामला दर्ज किया है। पेटा इंडिया ने भी इन धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की है। मामले में संदेश थाना प्रभारी संजीव कुमार के नेतृत्व में जांच की जानकारी सामने आई है। पुलिस उपलब्ध वीडियो, शिकायत और अन्य साक्ष्यों की समीक्षा कर रही है।
सरकारी पशु चिकित्सक ने की मादा कुत्ते की जांच
घटना सामने आने के बाद पीड़ित मादा कुत्ते की सरकारी पशु चिकित्सक से जांच कराई गई है। पेटा इंडिया के अनुसार, पशु चिकित्सकीय जांच की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और मादा कुत्ता फिलहाल अपने स्थानीय देखभालकर्ता की निगरानी में है। पशु की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करने के साथ घटना से जुड़े चिकित्सकीय पहलुओं की जांच भी महत्वपूर्ण है। संगठन ने मामले में संबंधित अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए पशुओं के प्रति हिंसा रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता जताई है।
पशुओं के यौन शोषण पर सख्त कानून की मांग
इस घटना के बाद पेटा इंडिया ने पशुओं के यौन शोषण से संबंधित कानूनी प्रावधानों का मुद्दा भी उठाया है। संगठन का कहना है कि पूर्ववर्ती भारतीय दंड संहिता की धारा 377 में पशुओं से संबंधित अप्राकृतिक यौन अपराध का प्रावधान था, लेकिन नई भारतीय न्याय संहिता में पशुओं के यौन शोषण को उसी प्रकार स्पष्ट रूप से परिभाषित करने वाला अलग प्रावधान नहीं है। पेटा इंडिया ने केंद्र सरकार से कानून में आवश्यक संशोधन करने की मांग की है, ताकि ऐसी घटनाओं पर प्रभावी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी घटना
भोजपुर के इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए गए वीडियो और अन्य जानकारियों को जांच का आधार बनाया गया है। फिलहाल आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं। पुलिस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही पूरे घटनाक्रम की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। इस मामले ने आवारा जानवरों की सुरक्षा और पशु क्रूरता की घटनाओं को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।