Bihar : सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम, अब रात में भी चलेगा वाहन जांच अभियान
Bihar बिहार : सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए परिवहन विभाग ने अपनी निगरानी प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। अब जिले की सड़कों पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर और सख्ती की जाएगी। परिवहन विभाग का चलंत दस्ता अब केवल दिन के समय ही नहीं, बल्कि रात में भी सक्रिय रहकर प्रमुख मार्गों और ग्रामीण क्षेत्रों में वाहन जांच अभियान चलाएगा।
परिवहन मुख्यालय की ओर से जारी निर्देश के बाद जिलों में नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि रात के समय बड़ी संख्या में भारी वाहन और व्यावसायिक वाहन नियमों की अनदेखी करते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए अब रात में भी जांच अभियान को प्रभावी बनाया जा रहा है।
नई व्यवस्था के तहत परिवहन विभाग की टीम हाईवे, प्रमुख सड़कों और सुदूर ग्रामीण इलाकों के मुख्य मार्गों पर लगातार निगरानी रखेगी। चलंत दस्ते को निर्देश दिया गया है कि वह ऐसे स्थानों पर विशेष ध्यान दें, जहां वाहन चालक अक्सर यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं।
अभियान के दौरान अवैध रूप से संचालित होने वाले व्यावसायिक वाहनों, बिना परमिट चल रहे वाहनों, ओवरलोड ट्रकों और अन्य नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
परिवहन विभाग का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। विभाग का मानना है कि केवल दिन के समय जांच करने से नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित नहीं हो पाता, इसलिए अब रात के समय भी निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
समस्तीपुर जिले में भी इस नई व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परिवहन मुख्यालय से मिले निर्देश के बाद जिला स्तर पर अधिकारियों ने अभियान की रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है। चलंत दस्ते को प्रमुख मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित जांच करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार, बिना फिटनेस वाले वाहन और अवैध परिवहन सड़क हादसों के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करके दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है।
नई व्यवस्था में ऑन-द-स्पॉट कार्रवाई पर भी जोर दिया गया है। जांच के दौरान दोषी पाए जाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मौके पर ही चालान काटने और कानूनी कार्रवाई करने की व्यवस्था की जाएगी। इससे वाहन चालकों में नियमों के प्रति जिम्मेदारी बढ़ने की उम्मीद है।
परिवहन विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अभियान को प्रभावी तरीके से चलाया जाए और इसकी नियमित रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाए। अधिकारियों से कहा गया है कि जांच अभियान केवल औपचारिकता न बने, बल्कि इसका असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए।
विभाग का मानना है कि सड़क सुरक्षा केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि वाहन चालकों और आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है। लोगों से अपील की गई है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें और सुरक्षित ड्राइविंग को प्राथमिकता दें।
बिहार में परिवहन विभाग के इस नए कदम से उम्मीद जताई जा रही है कि सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी। रात के समय भी सक्रिय निगरानी व्यवस्था से नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर दबाव बढ़ेगा और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत हो सकेगी।