महादलित बस्तियों में दिवाली मनाएंगे सरकारी अफसर, CM सम्राट चौधरी का बड़ा निर्देश
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व को लेकर राज्य के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि दलित एवं महादलित बस्तियों में पहुंचकर वहां के लोगों के साथ त्योहार मनाएं। इस पहल का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों के बीच आपसी प्रेम, भाईचारा और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पर्व-त्योहार केवल किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि सभी लोगों को मिलकर खुशियां बांटनी चाहिए।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार, 6 नवंबर को पटना स्थित लोक सेवक आवास के संकल्प सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, स्वच्छता और त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सभी जिलों के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने त्योहारों के अवसर पर राज्य में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ सामाजिक समरसता को लेकर भी विशेष जोर दिया।
दलित-महादलित बस्तियों में पहुंचेंगे अधिकारी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी जिलों के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि दलित एवं महादलित टोलों में जाकर स्थानीय परिवारों के साथ पर्व मनाएं। उन्होंने लोगों को आपसी प्रेम, सद्भाव और उत्साह के साथ त्योहार मनाने के लिए प्रेरित करने की बात कही। इस निर्देश के तहत प्रशासनिक अधिकारियों को केवल कार्यालयों तक सीमित रहने के बजाय आम लोगों के बीच पहुंचकर उनके साथ त्योहार की खुशियां साझा करनी होंगी।
मुख्यमंत्री की इस पहल के तहत जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। जिलाधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठक करने और उनकी समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुनने के लिए कहा गया है।
दलित और महादलित बस्तियों में अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी से स्थानीय लोगों को प्रशासन के साथ सीधे संवाद का अवसर भी मिल सकता है। त्योहारों के दौरान विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच मेल-मिलाप बढ़ाने और सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
त्योहारों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस एवं प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि त्योहारों के अवसर पर बिहार के बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों और विदेशों से अपने घर लौटते हैं। ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उन्हें अपने गृह राज्य पहुंचने पर सुरक्षित और सकारात्मक माहौल मिले।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती करने और संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखने को कहा। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सक्रिय क्विक रिस्पांस टीम (QRT) गठित करने के निर्देश दिए गए। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने तथा नियमित गश्त कराने पर भी जोर दिया गया।
पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा ने बैठक में बताया कि त्योहारों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इसमें 16 हजार प्रशिक्षु पुलिसकर्मी, 1,500 पीटीसी जवान, होमगार्ड और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान शामिल हैं। इनकी तैनाती का उद्देश्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा बनाए रखना और किसी भी अप्रिय स्थिति से तत्काल निपटना है।
छठ घाटों पर साफ-सफाई और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने छठ महापर्व की तैयारियों को लेकर भी अधिकारियों को कई निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों, सार्वजनिक स्थलों और छठ घाटों पर साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था की जाए। जिलाधिकारियों को इन व्यवस्थाओं की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने के लिए कहा गया है।
छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त इंतजाम करने, रोशनी, सुरक्षा और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्थानीय स्वयंसेवकों को भी व्यवस्थाओं से जोड़ने की बात कही, ताकि आयोजन के दौरान प्रशासन को सहयोग मिल सके।
ग्रामीण क्षेत्रों के छठ घाटों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे घाटों पर स्थानीय तैराकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं की सहायता की जा सके। इसके साथ ही विद्युत सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और सार्वजनिक स्थानों पर कहीं भी नंगे बिजली के तारों का इस्तेमाल नहीं होने देने का निर्देश दिया गया है।
फर्जी खबरों पर चार घंटे के भीतर कार्रवाई
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि अफवाहों और फर्जी खबरों से निपटने के लिए हर स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया दल बनाए जाएं। अधिकारियों को वास्तविक शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने और फर्जी खबरों का अधिकतम चार घंटे के भीतर खंडन करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री का कहना था कि त्योहारों के दौरान अफवाहों के कारण अनावश्यक तनाव पैदा हो सकता है। इसलिए प्रशासन को सूचनाओं की सत्यता की जांच करते हुए समय पर जरूरी कदम उठाने चाहिए। पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
कायाकल्प अभियान के तहत विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने बैठक में विकास योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि कायाकल्प अभियान के तहत शामिल योजनाओं की संख्या दोगुनी कर दी गई है। जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अभियान के माध्यम से प्रत्येक गांव तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। कोई भी गांव विकास कार्यों से वंचित नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने बाढ़ से क्षतिग्रस्त ग्रामीण सड़कों की जल्द मरम्मत कराने और ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरी आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और योजनाओं को समय पर पूरा किया जाए।
इसके अलावा औद्योगिक विकास को गति देने के लिए जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को हर महीने उद्यमियों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए गए। इन बैठकों में उद्योगपतियों की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान करने, निवेश से जुड़ी बाधाओं को दूर करने और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने 'एक जिला, एक उत्पाद' (ODOP) योजना को प्रोत्साहित करने की बात भी कही, ताकि स्थानीय उत्पादों को बाजार मिल सके और रोजगार के नए अवसर पैदा हों।मुख्यमंत्री ने सक्षम एवं संपन्न लोगों से 125 यूनिट बिजली सब्सिडी का लाभ स्वेच्छा से छोड़ने की अपील का प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश भी दिए।
16 नवंबर के बाद विकास कार्यों की होगी विशेष समीक्षा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के साथ जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने बताया कि 16 नवंबर के बाद विकास योजनाओं की विशेष समीक्षा की जाएगी। वहीं, 25 नवंबर के बाद वे विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे और जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की स्थिति का जायजा लेंगे।
बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अन्य संबंधित अधिकारी जुड़े।कुल मिलाकर मुख्यमंत्री के निर्देशों में त्योहारों के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता और प्रशासनिक सतर्कता के साथ सामाजिक भागीदारी को भी प्राथमिकता दी गई है। दलित एवं महादलित बस्तियों में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को जाकर त्योहार मनाने का निर्देश इसी व्यापक व्यवस्था का हिस्सा है। इसका उद्देश्य यह है कि त्योहारों की खुशियां समाज के हर वर्ग तक पहुंचें और लोगों के बीच आपसी सहयोग, सम्मान तथा सामाजिक सौहार्द की भावना मजबूत हो।