सरकारी स्कूल की हालत बदहाल, कभी भी गिर सकती है छत

Update: 2026-07-23 12:21 GMT

मुंगेर/धरहरा। धरहरा प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय लकड़कोला का भवन जर्जर हालत में पहुंचने के बाद सोमवार से विद्यालय में पठन-पाठन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। भवन की खराब स्थिति के कारण कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है और ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय लकड़कोला में कुल तीन कमरे हैं और तीनों की हालत बेहद खराब हो चुकी है। भवन की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। कई जगहों से खपरैल की छत टूट चुकी है। एक कमरे की दीवार का हिस्सा कभी भी गिर सकता है। लगातार बारिश के कारण भवन की स्थिति और भी खराब हो गई है। कमरों के अंदर मिट्टी और फर्श गीले हो चुके हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है।

विद्यालय भवन की हालत को देखते हुए अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें स्कूल भेजना बंद कर दिया है। इसके कारण विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति पूरी तरह खत्म हो गई है। शिक्षक रोजाना विद्यालय पहुंच रहे हैं और अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, लेकिन छात्रों के नहीं आने के कारण कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रही हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी कई बार शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक न तो भवन की मरम्मत कराई गई और न ही बच्चों की पढ़ाई के लिए किसी वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था की गई। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द नए भवन का निर्माण कराया जाए या फिर किसी सुरक्षित स्थान पर अस्थायी रूप से कक्षाएं शुरू कराई जाएं।

ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल भवन की हालत काफी समय से खराब है, लेकिन समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया। बारिश के मौसम में खतरा और बढ़ गया है। अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल कदम उठाने की अपील की है।

विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका प्रियंका कुमारी ने बताया कि भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को लिखित रूप से दी जा चुकी है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय में पठन-पाठन बंद किया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग से जल्द नए भवन या वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है, ताकि बच्चों की पढ़ाई दोबारा शुरू हो सके।

शिक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों का कहना है कि सरकारी स्कूलों के भवनों की समय-समय पर जांच और मरम्मत जरूरी है, ताकि छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। प्राथमिक विद्यालय लकड़कोला का मामला सामने आने के बाद अब ग्रामीणों की नजर शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर है।

फिलहाल विद्यालय बंद होने से छोटे बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है। अभिभावक चाहते हैं कि जल्द से जल्द सुरक्षित व्यवस्था की जाए, जिससे बच्चों का शैक्षणिक नुकसान रोका जा सके। प्रशासन की ओर से अब तक स्थायी समाधान को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

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