बिना मान्यता चल रहे अस्पतालों पर शिकंजा

Update: 2026-07-23 14:15 GMT

मधुबनी: स्वास्थ्य विभाग ने अवैध रूप से संचालित निजी नर्सिंग होम और क्लीनिकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिले में जांच के दौरान सात नर्सिंग होम और निजी अस्पताल नियमों का उल्लंघन करते पाए गए, जिसके बाद संचालकों पर जुर्माना लगाया गया है। कार्रवाई के तहत तीन नर्सिंग होम पर दो-दो लाख रुपये और चार अन्य संस्थानों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। साथ ही सभी संचालकों को अपने संस्थान बंद करने और जुर्माने की राशि सरकारी खाते में जमा करने का निर्देश दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई बिहार क्लिनिकल इस्टैब्लिशमेंट से जुड़े नियमों और निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने के कारण की गई है। जांच में कई संस्थान बिना पंजीकरण और आवश्यक सुविधाओं के संचालित होते पाए गए। विभाग ने ऐसे संस्थानों को पहले भी चेतावनी दी थी, लेकिन नियमों का पालन नहीं करने पर अब सख्त कदम उठाया गया है।

सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि बेनीपट्टी क्षेत्र के दो नर्सिंग होम और लौकही के एक नर्सिंग होम पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इन संस्थानों पर पहले भी कार्रवाई की जा चुकी थी और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था, लेकिन संचालकों ने न तो जुर्माने की राशि जमा की और न ही संस्थानों का संचालन बंद किया। इसके बाद इन्हें दूसरी बार नियम उल्लंघन का दोषी मानते हुए जुर्माने की राशि बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दी गई।

बेनीपट्टी के जिन संस्थानों पर कार्रवाई की गई, उनकी जांच जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेनीपट्टी की टीम द्वारा की गई थी। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि संबंधित क्लीनिक बिना पंजीकरण और निर्धारित मानकों के संचालित किए जा रहे थे। विभाग ने संचालकों को 24 घंटे के भीतर संस्थान बंद करने और स्पष्टीकरण देने का निर्देश जारी किया है।

इसी तरह लौकही क्षेत्र में संचालित एक निजी स्वास्थ्य केंद्र भी जांच में अवैध पाया गया। इस संस्थान पर भी दो लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति और मानकों की अनदेखी कर स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

इसके अलावा जिले के चार अन्य निजी अस्पतालों और क्लीनिकों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इनमें लौकही और लदनिया क्षेत्र के संस्थान शामिल हैं। मिथिला नर्सिंग होम, लदनिया और न्यू सलोनी अस्पताल, लदनिया की जांच प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लदनिया द्वारा की गई थी। जांच में दोनों संस्थान बिना पंजीकरण के संचालित पाए गए।

वहीं भगवती नर्सिंग होम और लाइफ केयर अस्पताल, लौकही को भी नियमों का उल्लंघन करने पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। विभाग ने इन संस्थानों को भी निर्धारित समय में जवाब देने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अवैध नर्सिंग होम और निजी अस्पतालों पर कार्रवाई का उद्देश्य मरीजों को सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। बिना पंजीकरण और मानकों के संचालित संस्थानों में मरीजों की सुरक्षा को लेकर खतरा बना रहता है। ऐसे में विभाग ने सभी निजी अस्पताल संचालकों को नियमों का पालन करने और समय पर पंजीकरण कराने की अपील की है।

अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जिले में आगे भी जांच अभियान जारी रहेगा। यदि कोई अन्य संस्थान बिना अनुमति या नियमों के खिलाफ संचालित पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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