वैशाली। बिहार के वैशाली जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। हाजीपुर रेलवे जंक्शन के पास पुलिस ने एक कथित हेरोइन तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 276.83 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 55 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी असम से ट्रेन के जरिए मादक पदार्थ लेकर हाजीपुर पहुंचा था। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा के निर्देश पर सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार के नेतृत्व में की गई।
पुलिस ने आरोपी के पास से हेरोइन के अलावा दो मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड, एक रेलवे टिकट और 3,170 रुपये नकद भी बरामद किए हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी समेत छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
हाजीपुर जंक्शन के गेट नंबर दो पर हुई गिरफ्तारी
जानकारी के मुताबिक, वैशाली पुलिस को विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के माध्यम से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति असम से हेरोइन की बड़ी खेप लेकर हाजीपुर पहुंचने वाला है।सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार के नेतृत्व में नगर थाना पुलिस ने हाजीपुर जंक्शन के आसपास निगरानी बढ़ाई।पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन के गेट नंबर दो के पास घेराबंदी की। संदिग्ध व्यक्ति के पहुंचने पर उसे रोका गया और नियमानुसार तलाशी ली गई।तलाशी के दौरान उसके पास से बड़ी मात्रा में हेरोइन बरामद होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
गिरफ्तार आरोपी की हुई पहचान
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमरेश कुमार के रूप में हुई है। वह वैशाली जिले के देसरी थाना क्षेत्र के नयागंज सोनार टोली का रहने वाला है।उसके पिता का नाम बुद्धू राय बताया गया है।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी असम से मादक पदार्थ लेकर बिहार पहुंचा था। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हेरोइन की खेप किसके माध्यम से उपलब्ध कराई गई थी और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।अधिकारियों के लिए यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या किसी बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।
276.83 ग्राम हेरोइन की कीमत करीब 55 लाख रुपये
इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल 276.83 ग्राम हेरोइन बरामद की है। स्थानीय स्तर पर इसे 'कोटा' भी कहा जाता है।बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 55 लाख रुपये बताई गई है।हालांकि, यह पुलिस की ओर से बताया गया अनुमान है। मादक पदार्थ की वास्तविक प्रकृति, शुद्धता और अन्य वैज्ञानिक विवरण प्रयोगशाला जांच से स्पष्ट होंगे।इतनी बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद होने से पुलिस को अवैध तस्करी के नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।
दो मोबाइल और रेलवे टिकट भी बरामद
आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड, एक रेलवे टिकट और 3,170 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।इन सामानों को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।पुलिस मोबाइल फोन के माध्यम से आरोपी के संपर्कों और संभावित लेनदेन से जुड़ी जानकारी जुटा सकती है।वहीं, रेलवे टिकट से उसकी यात्रा के मार्ग और समय की पुष्टि करने में मदद मिल सकती है।आधार कार्डों के संबंध में भी जांच आवश्यक होगी, ताकि उनकी वास्तविकता और संबंधित पहचान की पुष्टि की जा सके।फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों आधार कार्ड किसके नाम पर हैं।
राजधानी एक्सप्रेस से असम से लाया गया नशीला पदार्थ
पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी असम से राजधानी एक्सप्रेस के जरिए हेरोइन लेकर आया था।इस खुलासे के बाद रेल मार्ग से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है।रेलवे नेटवर्क विभिन्न राज्यों को जोड़ता है। ऐसे में लंबी दूरी की ट्रेनों के जरिए अवैध मादक पदार्थों की आवाजाही रोकना प्रवर्तन एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।पुलिस के सामने अब यह सवाल है कि आरोपी ने असम में किस व्यक्ति से हेरोइन प्राप्त की और हाजीपुर पहुंचने के बाद उसकी अगली योजना क्या थी।इस मामले में आपूर्ति करने वाले और खेप प्राप्त करने वाले संभावित व्यक्तियों की पहचान करना महत्वपूर्ण होगा।
छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी समेत कुल छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।नगर थाना कांड संख्या 1069/2026 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है।अन्य नामजद व्यक्तियों की भूमिका और उनके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों की स्थिति जांच के बाद स्पष्ट होगी।
ऑपरेशन नीलकंठ के तहत बड़ी सफलता
वैशाली पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री रोकने के लिए 'ऑपरेशन नीलकंठ' चला रही है।इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी और मादक पदार्थों की बरामदगी के लिए कार्रवाई की जा रही है।इससे पहले अक्टूबर में भी पुलिस ने हाजीपुर के चकमकरंद हाल्ट के पास एक एलईडी टीवी में छिपाकर लाई जा रही 71.75 ग्राम हेरोइन बरामद की थी। उस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।लगातार सामने आ रहे मामलों से संकेत मिलता है कि वैशाली में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए पुलिस को व्यापक स्तर पर निगरानी बनाए रखने की आवश्यकता है।
अब पूरे तस्करी नेटवर्क पर पुलिस की नजर
हाजीपुर जंक्शन के पास हुई इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच अब मादक पदार्थों की आपूर्ति से जुड़े संभावित नेटवर्क पर केंद्रित होगी।आरोपी के मोबाइल फोन, यात्रा संबंधी दस्तावेजों और पूछताछ से मिलने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई संभव है।पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि मादक पदार्थों की आपूर्ति में किन लोगों की भूमिका है और क्या इस मामले के तार दूसरे राज्यों से जुड़े हुए हैं।फिलहाल आरोपी के खिलाफ लगे आरोपों की जांच जारी है। मामले में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता और तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा पुलिस की आगे की जांच पर निर्भर करेगा।