पटना। बिहार की राजनीति में जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने मोकामा से विधायक अनंत कुमार सिंह और उनकी पत्नी व पूर्व विधायक नीलम देवी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पार्टी ने शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को दोनों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। इसके साथ ही अनंत सिंह की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। पार्टी ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष से भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करने की सिफारिश भी की है। इस फैसले के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने जारी किया आदेश
बिहार JDU के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की ओर से जारी आदेश में अनंत सिंह पर पार्टी के निर्देशों की अनदेखी करने और शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अनुचित एवं अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है। पार्टी के मुताबिक, अनंत सिंह ने हाल ही में हुए विधान परिषद चुनाव के दौरान पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ काम किया था।आदेश के अनुसार, अनंत सिंह की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त करते हुए उन्हें छह साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया गया है। उनकी पत्नी नीलम देवी के खिलाफ भी पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में इसी तरह की कार्रवाई की गई है।
विधान परिषद चुनाव बना विवाद की मुख्य वजह
अनंत सिंह और JDU नेतृत्व के बीच विवाद की प्रमुख वजह पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विधान परिषद चुनाव बताया जा रहा है। इस चुनाव में JDU ने नीरज कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन अनंत सिंह ने कथित तौर पर उनके बजाय जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया।मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अनंत सिंह ने अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार किया और रोड शो में भी हिस्सा लिया। पार्टी नेतृत्व ने इसे संगठनात्मक अनुशासन का उल्लंघन माना। इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई का फैसला लिया गया।
पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बयानबाजी भी बनी वजह
JDU के निष्कासन आदेश में अनंत सिंह पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया गया है। पार्टी का कहना है कि उन्होंने बार-बार दिए गए निर्देशों की अनदेखी की और संगठन के हितों के विपरीत गतिविधियां कीं।अनंत सिंह की ओर से पहले भी नीरज कुमार को लेकर नाराजगी जाहिर की गई थी। उन्होंने कहा था कि विधानसभा चुनाव के दौरान नीरज कुमार ने उनका विरोध किया था, इसलिए विधान परिषद चुनाव में उन्होंने अपना अलग रुख अपनाया। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने यह भी कहा था कि उनका विरोध मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से नहीं है।
क्या रद्द हो जाएगी अनंत सिंह की विधायकी?
पार्टी से निष्कासन के साथ ही अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। JDU ने विधानसभा अध्यक्ष से संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत उनकी सदस्यता समाप्त करने की सिफारिश की है।दसवीं अनुसूची में दल-बदल से संबंधित प्रावधान हैं, जिनके तहत निर्धारित परिस्थितियों में विधायक की सदस्यता समाप्त की जा सकती है। हालांकि, पार्टी से निष्कासित होने भर से किसी विधायक की विधानसभा सदस्यता अपने आप समाप्त नहीं होती। इस संबंध में आगे की प्रक्रिया और निर्णय विधानसभा अध्यक्ष के अधिकार क्षेत्र में आता है।
नीलम देवी पर भी गिरी कार्रवाई की गाज
JDU ने अनंत सिंह की पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी को भी छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया है। पार्टी ने उनकी प्राथमिक सदस्यता भी समाप्त कर दी है। हालांकि, दोनों के खिलाफ कार्रवाई के विस्तृत आधार के संबंध में अलग-अलग जानकारी सीमित है।इस कार्रवाई के बाद अब बिहार की राजनीति में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अनंत सिंह आगे क्या रुख अपनाते हैं और विधानसभा अध्यक्ष उनकी सदस्यता समाप्त करने की सिफारिश पर क्या फैसला लेते हैं।
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