बिहार इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार, आरा-बैरिया फोरलेन परियोजना से आसान होगा सफर
गांवों की जमीन अधिग्रहण की तैयारी
आरा : बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में आरा-बैरिया फोरलेन परियोजना ने रफ्तार पकड़ ली है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में 3.6 किलोमीटर लंबे हाईटेक गंगा पुल, कई छोटे-बड़े पुलों और अंडरपास का निर्माण प्रस्तावित है। परियोजना के लिए करीब 20 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी।
इस फोरलेन सड़क के बनने से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होने और लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
3.6 किलोमीटर लंबा होगा गंगा पुल
परियोजना की सबसे बड़ी खासियत गंगा नदी पर बनने वाला लंबा पुल होगा। करीब 3.6 किलोमीटर के इस पुल से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क और मजबूत होने की संभावना है।
पुल के निर्माण से यात्रा का समय कम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
8 पुल और अंडरपास का होगा निर्माण
आरा-बैरिया फोरलेन परियोजना के तहत कई स्थानों पर पुल और अंडरपास बनाए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान होगी और सड़क पर सुरक्षा भी बेहतर होगी।
परियोजना में यातायात को सुगम बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और बेहतर इंजीनियरिंग का इस्तेमाल किया जाएगा।
20 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित
फोरलेन निर्माण के लिए करीब 20 गांवों की जमीन की जरूरत होगी। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
प्रशासन की ओर से जमीन मालिकों से संबंधित औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी और नियमानुसार मुआवजा प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
क्षेत्र के विकास को मिलेगी गति
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस परियोजना से रोजगार, व्यापार और आवागमन के नए अवसर पैदा होंगे। बेहतर सड़क नेटवर्क से आसपास के क्षेत्रों का विकास भी तेज होने की उम्मीद है।
अधिकारियों के अनुसार, परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए सभी जरूरी प्रक्रियाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।