छपरा। बिहार के सारण जिले में अपराधियों ने एक पुजारी की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना मशरक थाना क्षेत्र के सेरूकहा गांव की है, जहां शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 की सुबह सड़क किनारे ईंटों के ढेर के पास पुजारी का खून से लथपथ शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान 37 वर्षीय रवि प्रकाश के रूप में हुई है। वह गांवों में शिव चर्चा कराने और धरमासती बाजार में आरती दिखाने का काम करते थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, अपराधियों ने उनकी कनपटी में गोली मारी थी। शुक्रवार सुबह गोबर फेंकने निकली कुछ महिलाओं की नजर शव पर पड़ी। इसके बाद उन्होंने शोर मचाया और आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। हत्या की वजह और वारदात में शामिल आरोपियों का फिलहाल पता नहीं चल सका है।
सुबह महिलाओं ने देखा खून से लथपथ शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह सेरूकहा गांव की कुछ महिलाएं अपने घरों से गोबर फेंकने के लिए निकली थीं। इसी दौरान उनकी नजर सड़क किनारे निर्माण कार्य के लिए रखी ईंटों के ढेर के पास पड़े एक व्यक्ति पर गई।पहले महिलाओं को समझ नहीं आया कि आखिर सड़क किनारे कौन पड़ा हुआ है। लेकिन पास पहुंचने पर उन्होंने देखा कि व्यक्ति खून से लथपथ हालत में पड़ा है।इसके बाद महिलाओं ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। देखते ही देखते घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।स्थानीय लोगों ने शव की पहचान गांव के ही रहने वाले रवि प्रकाश के रूप में की। उनके सिर के पास गोली लगने का निशान दिखाई देने की बात सामने आई।घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
कनपटी में गोली मारकर हत्या की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रवि प्रकाश की कनपटी में गोली मारी गई थी। आशंका जताई जा रही है कि गुरुवार रात किसी समय अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया।हालांकि, हत्या कब और किन परिस्थितियों में हुई, इसकी अंतिम पुष्टि अभी नहीं हुई है।पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या रवि प्रकाश की हत्या उसी स्थान पर की गई, जहां उनका शव मिला, या वारदात कहीं और हुई थी।इसके अलावा मृतक की आखिरी बार किससे बातचीत हुई थी और वह रात में कहां गए थे, जैसे सवालों के जवाब भी जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।फिलहाल घटना के पीछे किसी व्यक्तिगत विवाद, रंजिश या अन्य वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
शिव चर्चा और आरती करके चलाते थे परिवार
मृतक रवि प्रकाश धार्मिक गतिविधियों से जुड़े हुए थे। वह आसपास के गांवों में शिव चर्चा कराते थे और धरमासती बाजार में आरती दिखाने का काम भी करते थे।स्थानीय लोगों के अनुसार, रवि प्रकाश धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेते थे और इसी काम के माध्यम से अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे।उनकी अचानक हत्या की खबर सामने आने के बाद परिचितों और ग्रामीणों में शोक का माहौल है।ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि आखिर धार्मिक गतिविधियों से जुड़े व्यक्ति की इस तरह हत्या किसने और क्यों की।हालांकि, पुलिस ने अभी हत्या के कारणों को लेकर कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला है।
चार साल पहले पत्नी की हो चुकी थी मौत
इस घटना का सबसे दुखद पहलू मृतक के परिवार से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि रवि प्रकाश की पत्नी का करीब चार साल पहले निधन हो गया था।पत्नी की मृत्यु के बाद रवि प्रकाश अपने तीन बच्चों की जिम्मेदारी अकेले संभाल रहे थे।परिवार में उनके दो बेटे और एक बेटी हैं। बच्चों की देखभाल और पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर थी।अब पिता की हत्या के बाद तीनों बच्चों के सामने गंभीर पारिवारिक संकट खड़ा हो गया है।मां की मृत्यु के बाद पिता ही बच्चों का सहारा थे, लेकिन इस घटना ने उनसे वह सहारा भी छीन लिया।रवि प्रकाश की हत्या की सूचना मिलने के बाद परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
डीएसपी समेत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे
घटना की जानकारी मिलते ही मशरक थाना पुलिस सक्रिय हो गई।डीएसपी संजय कुमार सुधांशु, इंस्पेक्टर इंद्रजीत महतो और थानाध्यक्ष उज्ज्वल कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।पुलिस अधिकारियों ने शव मिलने वाले स्थान का निरीक्षण किया और आसपास मौजूद लोगों से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई।इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के कारणों और वारदात में शामिल अपराधियों की पहचान के लिए जांच की जा रही है।घटनास्थल से मिलने वाले साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच की दिशा तय होगी।
एफएसएल टीम को बुलाया गया
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी यानी एफएसएल टीम को भी सूचना दी है।डीएसपी संजय कुमार सुधांशु के अनुसार, घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र करने और हत्या की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।एफएसएल टीम की जांच से घटनास्थल पर मौजूद खून के निशान, गोली से संबंधित संभावित साक्ष्य और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों को समझने में मदद मिल सकती है।इसके साथ ही पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और अपराधियों ने हत्या किस वजह से की।
ग्रामीणों में शोक और नाराजगी
शिव चर्चा कराने वाले पुजारी की हत्या के बाद सेरूकहा गांव में शोक के साथ नाराजगी का माहौल है।सुबह जैसे ही घटना की जानकारी फैली, बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए।स्थानीय लोगों के बीच हत्या के कारणों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि वरुण राय भी घटनास्थल पर पहुंचे और घटना के संबंध में जानकारी ली।ग्रामीण इस बात से हैरान हैं कि गांव में धार्मिक गतिविधियों से जुड़े व्यक्ति को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया।हालांकि, हत्या की वास्तविक वजह सामने आने से पहले किसी व्यक्ति या समूह को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
पुलिस के सामने कई सवाल
रवि प्रकाश की हत्या के मामले में पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं।सबसे बड़ा सवाल यह है कि अपराधियों ने उनकी हत्या क्यों की। इसके अलावा घटनास्थल पर शव मिलने और गोली लगने की परिस्थितियों की जांच भी जरूरी है।पुलिस को यह भी पता लगाना होगा कि घटना के समय रवि प्रकाश किसके संपर्क में थे और क्या किसी व्यक्ति के साथ उनका पहले कोई विवाद हुआ था।फिलहाल पुलिस ने किसी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वैज्ञानिक साक्ष्य और स्थानीय लोगों के बयानों के आधार पर हत्या की गुत्थी सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।सारण जिले की इस घटना ने एक परिवार को गहरा दुख दिया है। पत्नी के निधन के बाद तीन बच्चों को पाल रहे रवि प्रकाश की हत्या से अब उनके बच्चों का भविष्य भी चिंता का विषय बन गया है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।