Katihar. कटिहार। बिहार के कटिहार जिले से प्रेम विवाह और पारिवारिक नाराजगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवती ने अपनी पसंद के युवक से अंतरजातीय प्रेम विवाह किया तो उसके पिता ने नाराज होकर जीवित बेटी का ही श्राद्धकर्म और पिंडदान कर दिया। पिता ने बेटी से सारे रिश्ते समाप्त करने की बात कहते हुए उसे अपने परिवार के लिए मृत मान लिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामला कटिहार जिले के कदवा थाना क्षेत्र की कंटिया पंचायत के निझरा गांव का है। घटना सामने आने के बाद इलाके में पारिवारिक रिश्तों, जातिगत भेदभाव और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
जानकारी के अनुसार, निझरा गांव निवासी श्याम ठाकुर की बेटी सैजल कुमारी ने 23 अक्टूबर 2026 को पहलागढ़ पंचायत निवासी अजय पासवान के साथ प्रेम विवाह किया था। दोनों अलग-अलग जातियों से संबंध रखते हैं। सैजल ब्राह्मण परिवार से हैं, जबकि अजय पासवान समाज से आते हैं। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे और परिवार की असहमति के बावजूद उन्होंने शादी करने का फैसला किया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सैजल और अजय एक-दूसरे को करीब 11 वर्षों से जानते हैं। दोनों ने अपने रिश्ते को विवाह में बदलने का निर्णय लिया। शादी के बाद युवती ने सोशल मीडिया पर करीब 35 से 36 सेकंड का वीडियो जारी कर बताया कि उसने अपनी मर्जी से अजय पासवान के साथ विवाह किया है। उसने स्पष्ट किया कि शादी का निर्णय उसने स्वयं लिया है और किसी दबाव में आकर विवाह नहीं किया।
बताया जा रहा है कि अजय पासवान स्थानीय पंचायत के मुखिया परिवार से संबंध रखते हैं। दोनों के विवाह की जानकारी मिलने के बाद युवती के परिवार में नाराजगी बढ़ गई। पिता श्याम ठाकुर को बेटी का दूसरी जाति के युवक से विवाह करना स्वीकार नहीं था। इसके बाद उन्होंने बेटी से संबंध समाप्त करने का निर्णय लिया। पिता श्याम ठाकुर ने आरोप लगाया कि बेटी ने परिवार की इच्छा के विरुद्ध विवाह कर सामाजिक प्रतिष्ठा और मान-सम्मान को ठेस पहुंचाई है। इसी नाराजगी में उन्होंने जीवित बेटी को मृत मानते हुए उसका श्राद्धकर्म और पिंडदान करने का फैसला किया।
रिपोर्टों के अनुसार, इस रस्म में युवती के भाई ने भी हिस्सा लिया। परिवार ने परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार मुंडन और पिंडदान की प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान पिता ने कहा कि बेटी अब उनके परिवार का हिस्सा नहीं है और उससे उनका कोई संबंध नहीं रहेगा। इस घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया। वीडियो में परिवार के सदस्य धार्मिक अनुष्ठान करते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
एक ओर परिवार बेटी के फैसले को अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रहा है, वहीं दूसरी ओर यह घटना वयस्क युवक-युवतियों के अपनी पसंद से विवाह करने के अधिकार को लेकर सवाल खड़े कर रही है। भारतीय कानून के तहत विवाह की वैधानिक शर्तें पूरी करने वाले बालिग व्यक्तियों को अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने का अधिकार है। अलग-अलग जातियों से संबंध रखना अपने आप में विवाह को अवैध नहीं बनाता। ऐसे में परिवार की असहमति और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच टकराव इस मामले का प्रमुख पहलू बनकर सामने आया है।
घटना के बाद सैजल कुमारी और अजय पासवान का विवाह स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। युवती अपने फैसले को स्वेच्छा से लिया गया निर्णय बता रही है, जबकि उसके पिता ने संबंध समाप्त करने की बात कही है। फिलहाल परिवार के बीच सुलह होने या इस मामले में किसी प्रशासनिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अंतरजातीय विवाह को लेकर समाज के कुछ हिस्सों में पारिवारिक और सामाजिक मतभेद अब भी मौजूद हैं।
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