पटना में बिजली बिलिंग सिस्टम पर सवाल, कई उपभोक्ताओं को तीन महीने का इंतजार

Update: 2026-07-29 14:21 GMT

पटना। राजधानी पटना में बिजली उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। शहर के करीब 1.07 लाख सामान्य बिजली मीटर वाले उपभोक्ताओं को पिछले दो महीने से बिजली बिल नहीं मिल पाया है। बताया जा रहा है कि नए रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम (आरएमएस) बिलिंग सॉफ्टवेयर में आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण सामान्य मीटर उपभोक्ताओं का बिल तैयार नहीं हो पा रहा है। अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उपभोक्ताओं को एक साथ तीन महीने का बिजली बिल मिल सकता है।

पटना इलेक्ट्रिक सप्लाई यूनिट (पेसू) क्षेत्र में कुल करीब 7.60 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से 6,52,356 उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को नए आरएमएस सॉफ्टवेयर के जरिए नियमित रूप से बिजली बिल मिल रहा है। परेशानी केवल उन उपभोक्ताओं के सामने है, जिनके यहां अभी सामान्य मीटर लगे हुए हैं।

बिजली विभाग के अनुसार, आरएमएस सॉफ्टवेयर में तकनीकी समस्या के कारण सामान्य मीटर से जुड़े उपभोक्ताओं की रीडिंग और बिलिंग प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। राज्य मुख्यालय स्तर पर इस समस्या को दूर करने का काम चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही सॉफ्टवेयर की तकनीकी खामी दूर होगी, सभी प्रभावित उपभोक्ताओं के बिल तैयार कर जारी कर दिए जाएंगे।

हालांकि, समस्या दूर होने में ज्यादा समय लगा तो उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। दो महीने का बिल नहीं मिलने के कारण अब उन्हें तीन महीने का बिल एक साथ जमा करना पड़ सकता है। कई उपभोक्ताओं के लिए एक साथ बड़ी राशि का भुगतान करना परेशानी का कारण बन सकता है।

बिजली कंपनी का कहना है कि बिल जारी नहीं होने से फिलहाल बिजली आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उपभोक्ताओं को सामान्य रूप से बिजली मिलती रहेगी। बिलिंग सिस्टम ठीक होने के बाद सभी बकाया बिल तैयार कर भेजे जाएंगे।

पटना में करीब 36 हजार ऐसे बिजली उपभोक्ता भी हैं, जिनके यहां स्मार्ट मीटर लगाना संभव नहीं है। इन उपभोक्ताओं के पास अधिक लोड वाले बिजली कनेक्शन हैं। वर्तमान में स्मार्ट मीटर अधिकतम 19 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए उपलब्ध हैं। इससे ज्यादा क्षमता वाले कनेक्शन पर अभी सामान्य मीटर ही लगाए जा रहे हैं।

इन 36 हजार उच्च लोड वाले उपभोक्ताओं का भी पिछले दो महीने से बिल तैयार नहीं हो सका है। ऐसे उपभोक्ता भी अब बिल जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। बिजली कंपनी का कहना है कि सॉफ्टवेयर की समस्या ठीक होने के बाद इन सभी उपभोक्ताओं के बिल भी जारी किए जाएंगे।

वहीं, बिजली कंपनी स्मार्ट मीटर तकनीक को लगातार अपग्रेड कर रही है। अब नए लगाए जाने वाले प्रीपेड स्मार्ट मीटर में 5जी सिम का इस्तेमाल किया जा रहा है। पहले लगाए गए स्मार्ट मीटर में 4जी सिम लगे हुए हैं। कंपनी के अनुसार, पुराने स्मार्ट मीटर में लगे सिम को बदलने की जरूरत नहीं होगी।

मीटर में लगा सिम बिजली खपत से जुड़ी जानकारी और अन्य जरूरी आंकड़ों को सर्वर तक पहुंचाने का काम करता है। इससे बिजली विभाग को रियल टाइम डेटा प्राप्त होता है और बिलिंग प्रक्रिया आसान होती है।

बिजली विभाग का कहना है कि आरएमएस सॉफ्टवेयर की तकनीकी समस्या को जल्द से जल्द दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें। समस्या का समाधान होते ही सभी लंबित बिल जारी कर दिए जाएंगे।

पटना में बिजली बिलिंग व्यवस्था को डिजिटल बनाने के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, लेकिन नए सिस्टम में आई तकनीकी परेशानी के कारण हजारों सामान्य मीटर उपभोक्ताओं को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सॉफ्टवेयर की समस्या कब तक दूर होती है और उपभोक्ताओं को राहत कब मिलती है।

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