श्रावणी मेला: खान-पान की कीमतें निर्धारित, ज्यादा वसूली पर कार्रवाई

Update: 2026-07-28 11:32 GMT

जमुई। श्रावणी मेला के दौरान कांवरियों और श्रद्धालुओं को खान-पान की सुविधा उचित दर पर उपलब्ध कराने के लिए जमुई जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। प्रशासन ने मेले के दौरान बिकने वाली खाद्य सामग्री की मूल्य तालिका जारी कर दी है। इसके तहत दुकानदारों को निर्धारित दर पर ही खाने-पीने की चीजें बेचनी होंगी। मनमानी कीमत वसूलने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन द्वारा जारी नई मूल्य सूची के अनुसार श्रावणी मेला में कांवरियों को सादा भोजन की थाली अधिकतम 65 रुपये में मिलेगी। वहीं पनीर बटर मसाला और पनीर कड़ाही जैसी महंगी डिश की कीमत 100 रुपये प्रति प्लेट तय की गई है। प्रशासन का उद्देश्य है कि बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को उचित कीमत पर भोजन उपलब्ध हो और दुकानदार ज्यादा पैसे वसूलकर उनका शोषण न कर सकें।

मूल्य तालिका में रोजमर्रा की कई खाद्य सामग्री की कीमतें भी तय की गई हैं। इसके अनुसार एक रोटी की कीमत छह रुपये निर्धारित की गई है। आलू पराठा और सत्तू पराठा 20-20 रुपये में मिलेगा, जबकि सादा पराठे की कीमत 15 रुपये से अधिक नहीं होगी। दाल तड़का की कीमत 40 रुपये, आलू भुजिया 25 रुपये और अन्य सभी प्रकार की सब्जी भुजिया 35 रुपये तय की गई है।

श्रद्धालुओं के लिए दूध और पारंपरिक खाद्य पदार्थों के रेट भी निर्धारित किए गए हैं। 250 एमएल गर्म दूध 20 रुपये में उपलब्ध होगा। एक लिट्टी चटनी के साथ 10 रुपये और एक सिंघाड़ा भी 10 रुपये में मिलेगा। वहीं मिठाइयों में जलेबी की कीमत 150 रुपये प्रति किलो और पेड़ा 350 रुपये प्रति किलो तय की गई है।

इसके अलावा सलाद की एक प्लेट जिसमें गाजर, शलगम, खीरा, टमाटर और चुकंदर नींबू व मिर्च के साथ शामिल होंगे, उसकी कीमत 30 रुपये निर्धारित की गई है। मौसमी का जूस बड़े गिलास में 35 रुपये और मिक्स वेज 45 रुपये में उपलब्ध कराया जाएगा। श्रद्धालुओं को 250 ग्राम चूड़ा-दही 55 रुपये में मिलेगा।

प्रशासन ने चाय, दही और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमत भी तय की है। चाय का एक कप 10 रुपये, खीर एक प्लेट 30 रुपये और 250 ग्राम दही 30 रुपये में मिलेगा। आधी प्लेट सादा भोजन की कीमत 45 रुपये रखी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सभी दुकानदारों को इसी मूल्य सूची के अनुसार बिक्री करनी होगी।

अनुमंडल पदाधिकारी सौरव कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के होटल, जलपान गृह और खाने-पीने की दुकानों पर मूल्य तालिका अनिवार्य रूप से चिपकवाएं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दुकानदारों के लिए प्रशासन ने आठ सूत्री दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। इनमें निर्धारित दर पर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना, दुकान के बाहर मूल्य सूची प्रदर्शित करना, साफ-सफाई बनाए रखना, श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करना और ग्राहकों से अच्छा व्यवहार करना शामिल है।

इसके अलावा दुकानदारों को पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रखने और दुकानों के सामने सड़क किनारे अतिक्रमण नहीं करने की भी हिदायत दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि श्रावणी मेला के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, इसलिए सभी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखना जरूरी है।

जिला प्रशासन की इस पहल से कांवरियों को राहत मिलने की उम्मीद है। निर्धारित मूल्य लागू होने से जहां श्रद्धालुओं को उचित दर पर भोजन मिलेगा, वहीं दुकानदारों की मनमानी पर भी रोक लग सकेगी। प्रशासन लगातार निगरानी रखेगा ताकि मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

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