पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर हुए छात्र आंदोलन के दौरान घायल हुए युवाओं और छात्रों को लेकर बड़ा चुनावी वादा किया है। तेजस्वी यादव ने कहा है कि अगर बिहार में उनकी सरकार बनती है तो आंदोलन में घायल हुए छात्रों और युवाओं को जेपी सेनानियों की तर्ज पर सरकारी नौकरी और पेंशन देने की व्यवस्था की जाएगी।
24 दिनों के यूरोप दौरे के बाद बिहार लौटे तेजस्वी यादव लगातार नीट-यूजी आंदोलन से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं। उन्होंने मंगलवार को घोषणा करते हुए कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार, भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने और युवाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले छात्रों के साथ उनकी पार्टी खड़ी है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान जिन युवाओं को चोट लगी या जिन्हें जेल जाना पड़ा, उन्हें सरकार बनने पर विशेष सम्मान और सहायता दी जाएगी।
तेजस्वी यादव ने आंदोलन में शामिल छात्रों को "योद्धा" बताते हुए कहा कि सरकार बनने के बाद ऐसे सभी युवाओं के हितों का ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दौरान भाजपा सरकार की पुलिस ने दमनकारी रवैया अपनाया और युवाओं पर अत्याचार किया गया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना युवाओं का अधिकार है और सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
राजद नेता ने कहा कि उनकी पार्टी निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं को रोजगार और बेहतर भविष्य देने के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि नौकरी, रोजगार और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के मुद्दे पर वे हर कदम पर उनके साथ खड़े रहेंगे।
तेजस्वी यादव का यह ऐलान बिहार विधानसभा चुनाव से पहले आया है। इससे पहले भी तेजस्वी यादव युवाओं को रोजगार देने और सरकारी कर्मचारियों के हितों से जुड़े कई बड़े वादे कर चुके हैं। उन्होंने चुनावी दौर में बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियां देने और वेतन-पेंशन में सुधार का वादा किया था। हालांकि पिछले विधानसभा चुनाव में राजद को हार का सामना करना पड़ा था।
नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर बिहार में छात्रों के बीच काफी आक्रोश देखने को मिला था। छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। इसी दौरान हुए आंदोलन में कई छात्रों के घायल होने और कुछ युवाओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई थी।
वहीं, सरकार की ओर से पहले ही आंदोलन में शामिल युवाओं को राहत देने की पहल की जा चुकी है। सरकार ने आंदोलन से जुड़े युवाओं को रिहा करने और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का निर्देश दिया था। सरकार का कहना है कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने भाजपा सरकार पर युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आने पर छात्रों और युवाओं के हित में ठोस कदम उठाएगी।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि तेजस्वी यादव का यह ऐलान चुनावी रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है, क्योंकि बिहार में युवा मतदाता बड़ी संख्या में हैं और रोजगार, परीक्षा व्यवस्था तथा सरकारी नौकरी जैसे मुद्दे हमेशा चुनावों में अहम भूमिका निभाते हैं। अब देखना होगा कि यह वादा आगामी चुनाव में कितना प्रभाव डालता है और युवाओं के बीच इसका क्या असर पड़ता है।