देवस्थल के पास मिला 10 फीट लंबा किंग कोबरा, रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा
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Korba. कोरबा। कोरबा जिले के रजगामार क्षेत्र के केसला गांव में बुधवार रात उस समय ग्रामीणों में दहशत फैल गई, जब एक किसान के घर की बाड़ी में करीब 10 फीट लंबा किंग कोबरा (पहाड़ चित्ती) दिखाई दिया। विशालकाय सांप घर की खपरैल के पास कुंडली मारकर बैठा था। जिस स्थान पर किंग कोबरा मिला, वह परिवार का देवस्थल भी था, जिसके कारण परिवार के लोगों में चिंता बढ़ गई। सांप के मिलने की खबर तेजी से पूरे गांव में फैल गई। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और किंग कोबरा को देखने के लिए भीड़ जमा हो गई। हालांकि, ग्रामीणों ने समझदारी दिखाते हुए सांप को छेड़ने की कोशिश नहीं की और वन विभाग को इसकी सूचना दी।
जानकारी के अनुसार, केसला गांव निवासी किसान मगत राम के घर की बाड़ी में रखे खपरैल के पास अचानक लोगों की नजर एक बड़े सांप पर पड़ी। करीब 10 फीट लंबे किंग कोबरा को देखकर परिवार के सदस्य घबरा गए। इसके बाद उन्होंने तत्काल वन विभाग के कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी। घर मालिक की सूचना पर वन विभाग के कमलेश कुम्हार और सूरज सिंदार मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही नोवा नेचर रेस्क्यू टीम के प्रमुख जितेंद्र सारथी को भी बुलाया गया। उस समय पूरे गांव में बिजली बंद थी, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण हो गया था।
अंधेरे में खपरैल के बीच छिपे किंग कोबरा को सुरक्षित बाहर निकालना आसान नहीं था। रेस्क्यू टीम ने टॉर्च की रोशनी में काफी सावधानी बरतते हुए अभियान शुरू किया। वन मंडलाधिकारी प्रेमलता यादव के निर्देश और उपवनमंडलाधिकारी रामसिंह राठिया के मार्गदर्शन में टीम ने पूरी सतर्कता के साथ सांप को पकड़ा। रेस्क्यू अभियान के दौरान वन विभाग के कर्मचारियों के साथ नोवा नेचर रेस्क्यू टीम के जितेंद्र सारथी और बॉबी श्रीवास ने अहम भूमिका निभाई। कई प्रयासों के बाद किंग कोबरा को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया। इसके बाद उसे एक सुरक्षित थैले में रखा गया।
रेस्क्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद वन विभाग ने जरूरी पंचनामा कार्रवाई पूरी की। इसके बाद किंग कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। इस दौरान वन विभाग के कर्मचारियों, रेस्क्यू टीम और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। रजगामार प्रभारी कमलेश कुम्हार ने ग्रामीणों को किंग कोबरा और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने लोगों से अपील की कि घर या आसपास कोई भी वन्यजीव दिखाई दे तो उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश न करें। तुरंत वन विभाग या अधिकृत रेस्क्यू टीम को सूचना दें, ताकि वन्यजीव को सुरक्षित बचाया जा सके। किंग कोबरा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह सांपों की संख्या को नियंत्रित करने में मदद करता है और जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र का अहम हिस्सा है। रेस्क्यू के दौरान केसला गांव के सरपंच, वन विभाग के कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। वन विभाग की इस कार्रवाई से ग्रामीणों ने राहत महसूस की और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ी।